यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकाले जाने को लेकर ग़लत जानकारियां फैलाई गयीं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक नया दावा वायरल हो रहा है.

दो तस्वीरें इस दावे के साथ वायरल हुई हैं कि पाकिस्तान और तुर्की के छात्रों ने यूक्रेन से बचने के लिए भारत का राष्ट्रीय झंडा लहराया.

नीचे के पोस्ट में कहा गया है कि तिरंगा लिए ये छात्र पाकिस्तानी हैं.

Posted by Puja Rajput on Sunday, 13 March 2022

इसी तरह, एक और तस्वीर इस दावे के साथ शेयर की जा रही है कि तुर्की के छात्रों ने बचने के लिए भारतीय झंडे का इस्तेमाल किया.

I love my India 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳.

Posted by Archana Gupta BJP on Thursday, 3 March 2022

फैक्ट-चेक

एक साधारण रिवर्स इमेज सर्च से पता चल जाता है कि दोनों तस्वीरें भारत के छात्रों की हैं.

पहली तस्वीर

ये 26 फ़रवरी की तस्वीर है जो हमें PTI के आर्काइव्स में मिली जिसका कैप्शन है, “भारतीय छात्रों के बैच भारत लौटने के लिए एयर इंडिया फ़्लाइट से बुडापेस्ट की यात्रा कर रहे हैं. और यूक्रेन की ओर से ज़ाहोनी क्रॉसिंग पर हंगरी में प्रवेश कर रहे हैं.”

सुमी से भारतीय छात्रों को निकालने पर इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में भी इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने छात्रों का एक वीडियो भी अपलोड किया था.

दूसरी तस्वीर

ये तस्वीर इंडिया टुडे की एक वीडियो रिपोर्ट में मिली जिसका कैप्शन था, ‘भारतीय छात्रों का पहला बैच यूक्रेन सीमा के लिए रवाना.’ ये रिपोर्ट 25 फ़रवरी की है.

कुल मिलाकर, भारतीय छात्रों की तस्वीरें इस ग़लत दावे के साथ शेयर की गयीं कि ये पाकिस्तान और तुर्की के छात्र हैं जिन्होंने यूक्रेन से सुरक्षित निकलने के लिए भारतीय झंडे का इस्तेमाल किया. गौरतलब है कि कुछ भारतीय छात्रों ने कथित तौर पर ये बताया था कि पाकिस्तानी और तुर्की छात्रों ने बचने के लिए भारतीय झंडे का इस्तेमाल किया था. ऑल्ट न्यूज़ इस दावे की पुष्टि नहीं करता है. पाकिस्तान और तुर्की छात्रों की बताकर शेयर की गई तस्वीरें भारतीय छात्रों की हैं.

ग़लत
दावा:
पाकिस्तान और तुर्की छात्रों ने यूक्रेन से बचने के लिए भारतीय झंडे का इस्तेमाल किया.

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