सोशल मीडिया पर लोगों के नाम और ब्लड ग्रुप के साथ मोबाइल नंबर्स की लिस्ट वायरल हो रही है. वायरल मेसेज के मुताबिक ये लोग “प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए तैयार हैं” और “अगर आप हेल्प करने में सक्षम हैं और हेल्प करना चाहते हैं तो इस लिस्ट में और लोगों को जोड़ सकते हैं.” यह मेसेज कोरोना वायरस को देखते हुए वायरल हो रही है क्योंकि प्लाज़्मा थेरेपी को इस महामारी का संभावित इलाज मानकर ट्रायल किया जा रहा है. इस थेरेपी में COVID-19 से ठीक हो चुके मरीज के ब्लड से एंटीबॉडीज़ का इस्तेमाल संक्रमित मरीज के इलाज में किया जाता है.
@ancient_bharath नाम के ट्विटर यूज़र ने 16 अप्रैल, 2021 को ये लिस्ट ट्वीट किया है.
2020 से शेयर
नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में मोबाइल नंबर्स को ब्लर कर दिया गया है. पूरा मेसेज इस तरह है, “प्लाज़्मा डोनेट करने को तैयार लोगों के ग्रुप की तरफ़ से: हम रक्तदान करके मदद करने को तैयार हैं, कृपया अपने दोस्तों, सहकर्मियों और परिजनों से शेयर करें.(इसके बाद 64 लोगों के नाम और नंबर हैं, जिसका स्क्रीनशॉट दिया गया है) इसे जितना ज़्यादा हो सके उतने ग्रुप्स में शेयर करें, ये किसी टूटे दिल के लिए मदद करेगा. आप इस लिस्ट में और लोगों को भी जोड़ सकते हैं अगर आप खतरनाक स्थिति से निपट रहे किसी व्यक्ति की मदद करना चाहते हैं. आइए साथ मिलकर एकदूसरे की सहायता करें.”
फ़ैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल फ़ोन नंबर्स में से पहले नंबर का इस्तेमाल करके गूगल पर कीवर्ड सर्च किया और पाया कि यही लिस्ट एक ब्लॉग पर 2017 में और BLOOD DONOR S फ़ेसबुक पेज पर 2016 में पब्लिश की जा चुकी है. 2016 की पोस्ट के मुताबिक लिस्ट में जिन लोगों के नाम हैं वे सब आंध्रप्रदेश या तेलंगाना से हैं.

इन पोस्ट्स में जो बात नहीं है वह एक भ्रामक वाक्य के साथ वायरल किया जा रहा है, “प्लाज़्मा डोनेशन करने को तैयार लोगों के ग्रुप की तरफ़ से.”

Hyderabad Blood Donors नाम के फ़ेसबुक पेज पर भी यह मेसेज 2017 में शेयर किया गया था. तेलुगु में कैप्शन लिखा था, “जो कोई भी इमरजेंसी में ब्लड लेना चाहता है वो इन दिए गए नंबर्स पर संपर्क करे.” (అత్యవసర పరిస్థితుల్లో రక్తం కావలసిన వారు పైన పేర్కొన్న వారిని సంప్రదించండి से अनुवाद). हमें The New Face of Society नाम के फ़ेसबुक पेज पर 2015 की एक पोस्ट मिली जिसमें वायरल हो रही लिस्ट के फ़ोन नंबर्स भी हैं.
ऑल्ट न्यूज़ ने लिस्ट के कुछ डोनर्स से संपर्क करने का प्रयास किया. इनमें से अधिकतर नंबर काम नहीं कर रहे हैं. हालांकि हमारा संपर्क एक व्यक्ति से हो गया (पहचान गुप्त रखने की रिक्वेस्ट की गई है) जिसने बताया कि वायरल मेसेज 4 साल पुराना है और एक ब्लड डोनेशन ग्रुप से सम्बंधित है.
सोशल मीडिया पर किया गया दावा कि लिस्ट के लोग अपना ब्लड प्लाज़्मा डोनेट कर रहे हैं, ये पूरी तरह से झूठ है और कोरोना वायरस की वजह से फैलाई जा रही एक और फ़ेक न्यूज़ है.






