पश्चिम बंगाल में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के जीतने के बाद राज्य में कई जगहों पर हिंसा हुई थी. ये हिंसा भले ही राजनीतिक कारणों से हुई हो लेकिन भाजपा नेताओं और समर्थकों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की. इस दौरान, सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंदू पक्ष अब इस हिंसा का बदला ले रहा है. फ़ेसबुक पेज ‘सवर्ण आर्मी’ द्वारा पोस्ट किए गए इस वीडियो को आर्टिकल लिखे जाने तक करीब 6 लाख बार देखा जा चुका है.

ट्विटर पर ये वीडियो वायरल है. नीचे भाजपा SC मोर्चा के स्टेट एक्ज़ीक्यूटिव मेम्बर आकाश खटिक का ट्वीट है. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर भी ये वीडियो वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो देश की अलग-अलग जगह और पुरानी घटनाओं से जुड़े हैं जिसे एक साथ एडिट कर पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के बदला लेने का दावा किया जा रहा है.

पहली क्लिप

दरअसल वीडियो की पहली क्लिप पंजाब के फगवाड़ा में शिवसेना कार्यकर्ता और मुस्लिम समुदाय के बीच हुए विवाद की है. यूट्यूब पर ये वीडियो 2017 में अपलोड किया गया था.

वीडियो में दिख रही 2 दुकानों का नाम ‘कपिल कलेक्शन’ और ‘बत्रा वॉच को’ है . इन दुकानों की लोकैशन आप गूगल मैप पर भी देख सकते हैं.

ये घटना जून 2016 की है. 23 जून 2016 की द इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, “फगवाड़ा में शिवसेना कार्यकर्ता और मुस्लिम लोग आमने-सामने आ गए थे. सूत्रों के हवाले से ये अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू और कश्मीर में हुए विवाद के चलते हुआ था. शिवसेना के सदस्य स्थानीय मुस्लिमों पर निशाना साधते हुए पाकिस्तान विरोधी नारेबाज़ी कर रहे थे. इसके चलते मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फगवाड़ा जामा मस्जिद के शाही इमाम उवैस-उर-रहमान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था. शिवसेना ने भी राज्य के वाइस-प्रेसिडेंट इन्दरजीत करवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन रैली निकाली थी.”

दूसरी क्लिप

मस्जिद पर पत्थर फेंकने का वीडियो फ़ेसबुक पर 5 जून 2015 को पोस्ट किया गया था. पोस्ट के मुताबिक, ये घटना उत्तर प्रदेश के करौली में हुई थी.

 

हिंदुस्तान की तस्वीर उत्तर प्रदेश के करौली गाँव मे हिन्दू वादी के लोग मुस्लिम मस्जिद की तौर फोर पत्थर बाजी करते हुए
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी
क्या यही है सब का साथ सब का विकास
आखिर कब तक हिंदू मुस्लिम आपस में लरते रहेंगे

Posted by Mohd Sarfe Alam on Tuesday, 5 June 2018

वायरल वीडियो और फ़ेसबुक वीडियो में दिख रही मस्जिद एक ही है जिसे आप नीचे तस्वीर में देख सकते हैं.

ऑल्ट न्यूज़ इस वीडियो की जगह के बारे में कोई पुष्टि नहीं करता है. लेकिन इतना तो तय है कि ये पश्चिम बंगाल का हालिया वीडियो नहीं है.

तीसरी क्लिप

मार्च 2019 में इस तीसरी वीडियो क्लिप के बारे में कई आर्टिकल्स पब्लिश हुए थे. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, “गुड़गांव के धमसपुर गांव में कुछ 20-25 लोगों ने कथित तौर पर एक मुस्लिम परिवार और उनसे मिलने आए मेहमानों की पिटाई की थी. ये लोग होली की शाम उनके घर में घुस गए थे.” पीड़ित परिवारवालों ने पुलिस से की गयी शिकायत में बताया था कि ये लोग उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कह रहे थे.

इंडिया टुडे ने बताया था कि इस मामले में 3 लोग सुनील, धर्मेश और धीरेन्द्र की गिरफ़्तारी की गई थी.

इसके अलावा, बाकी के 2 वीडियोज़ के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं मिली है. लेकिन इन दोनों वीडियोज़ में किसी भी व्यक्ति ने मास्क नहीं पहना है जो दिखाता है कि ये वीडियोज़ पुराने हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद कई पुराने और असंबंधित वीडियोज़ शेयर किये गए हैं. कई लोगों ने जान-बूझकर इस हिंसा को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की थी. लेकिन ग्राउन्ड रिपोर्ट्स में इस हिंसा के सांप्रदायिक होने की कोई बात सामने नहीं आई है.


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