सोशल मीडिया पर एक मेसेज काफ़ी वायरल है. इस मेसेज में दावा किया जा रहा है कि रतन टाटा ने शराब खरीदने वालों की सरकारी सब्सिडी बंद करने का सुझाव दिया है. वायरल मेसेज के मुताबिक, “आधार कार्ड के माध्यम से शराब की बिक्री की जानी चाहिए. शराब खरीदारों के लिए सरकारी खाद्य सब्सिडी बंद की जानी चाहिए. जिनके पास शराब खरीदने की सुविधा है वो खाना ज़रूर खरीद सकते हैं. हम उन्हें मुफ़्त खाना देते हैं तो वो पैसों से शराब खरीदते हैं.”

भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने इस मेसेज का स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए इसे दिलचस्प बताया है. इस ट्वीट को आर्टिकल लिखे जाने तक 4 हज़ार से ज़्यादा बार लाइक और 900 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया है. (आर्काइव लिंक)

वरिष्ठ वकील रवि शंकर जनध्याला ने रतन टाटा की तस्वीर वाला ग्राफ़िक शेयर किया है. इसपर तेलगू भाषा में लिखे मेसेज में भी यही दावा किया गया है. (आर्काइव लिंक)

कई और यूज़र्स ने भी इसे ट्वीट किया. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3, लिंक 4)

फ़ेसबुक पर भी ये तस्वीर पोस्ट की गई है. ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि मई 2021 से ये मेसेज सोशल मीडिया पर वायरल है. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3, लिंक 4)

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फ़ैक्ट-चेक

मीडिया में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है जिसमें रतन टाटा द्वारा ऐसा बयान दिए जाने की खबर दी गई हो. इसके अलावा, ये बयान काफ़ी अटपटा भी है. हमने देखा कि रतन टाटा ने अपने ऑफ़िशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से बताया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था. उन्होंने इसे फ़ेक न्यूज़ बताया.

 

इससे पहले भी रतन टाटा के नाम से कई मेसेज सोशल मीडिया पर शेयर किये गए हैं. रतन टाटा ने ट्विटर पर कई बार इन फ़र्ज़ी मेसेज का खंडन भी किया है.

ऐसे ही एक फ़र्ज़ी बयान के बारे में रतन टाटा ने 11 अप्रैल 2020 को ट्वीट किया था. उन्होंने वायरल मेसेज का खंडन करते हुए कहा था, “अगर मुझे कुछ कहना होगा तो मैं अपने आधिकारिक चैनल के माध्यम से कहूंगा, कृपया सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी को वेरीफ़ाइ करें.”

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर रतन टाटा के हवाले से फ़र्ज़ी मेसेज शेयर किया गया कि उन्होंने शराब खरीदने वालों की सब्सिडी बंद करने को कहा है.


मीडिया ने पंजशीर घाटी में तालिबानी आतंकियों के मारे जाने के दावे के साथ पुराना वीडियो चलाया, देखिये :

ग़लत
दावा:
रतन टाटा ने शराब खरीदने वालों की सब्सिडी बंद करने को कहा है.  

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