दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने 18 मई को ट्वीट कर के बताया कि सिंगापुर से शुरू होने वाला कोविड का नया वेरियेंट बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है और केंद्र सरकार को उस देश से आने वाली फ़्लाइट्स बैन कर दें और बच्चों को टीका देने की दिशा में काम करना शुरू कर दें. इस ट्वीट को 11 हज़ार से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया और इसे आर्टिकल लिखे जाने तक 54 हज़ार से ज़्यादा लाइक्स मिल चुके हैं.

केजरीवाल के इस बयान को हिंदुस्तान टाइम्स, द इंडियन एक्सप्रेस, लाइव मिंट, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, डीएनए और ज़ी न्यूज़ ने जगह दी.

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B.1.617.2 इंडिया में पैदा हुआ

सिंगापूर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के बयान को ग़लत बताते हुए एक प्रेस कांफ्रे़ंस आयोजित की. इसमें उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य मंत्रालय उस रिपोर्ट के बारे में बात कर रही है जो हिन्दुतान टाइम्स में 18 मई 2021 को (“Coronavirus variant found in Singapore can be India’s 3rd wave, extremely dangerous for kids, warns Arvind Kejriwal”) और एनडीटीवी में 18 मई 2021 को ((“Stop Singapore Flights: Arvind Kejriwal To Centre Over New Covid Strain”) को छपी थी. इन रिपोर्ट्स में पाए गए दावों में कोई भी सच्चाई नहीं है. सिंगापुर वेरियेंट जैसी कोई चीज़ नहीं है. बीते कुछ हफ़्तों में पाए गए कई कोविड-19 केसों में जो स्ट्रेन मिला है वो है B.1.167.2 वेरियेंट जिसका उद्भव भारत में हुआ. फ़ायलोजेनेटिक टेस्टिंग से मालूम पड़ा है कि ये B.1.167.2 वेरियेंट सिंगापुर में अलग-अलग झुण्ड में मिला है.” यही बात सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने भी कही.

इससे पहले 16 मई को सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्री ओंग ये कुंगा ने ये कहा था कि B.1.617 स्ट्रेन बच्चों को ज़्यादा प्रभावित करती है और स्कूलों ने सावधानी अपनाते हुए घर पर पढ़ाने का फ़ैसला लिया है. ये बात सिंगापुर की कई सरकारी वेबसाइट और ब्लूमबर्ग ने छापी. कुंगा के बयान को सिंगापुर की एक संस्था ने यूट्यूब पर अपलोड किया था. बाद में इसे भारतीय सोशल मीडिया ने भी उठाया और ग़लत सन्दर्भ में शेयर भी किया था. वीडियो में वो बताते हैं कि बच्चे अब डिस्टेंस एजुकेशन पर शिफ़्ट हो रहे हैं क्यूंकि सिंगापुर में बच्चों को ये वेव प्रभावित करती दिख रही है.

सिंगापुर के कई नेताओं ने भी केजरीवाल के दावे को नकारा. इन नेताओं में सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन भी शामिल हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री भारत के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं बात करते हैं.

सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्री ने 11 मई को कहा था कि उन्होंने लोकल और बाहर से आये केसों में एक अलग कोविड-19 वेरियेंट पाया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “नतीजे ये बताते हैं कि TTSH, ICA और तुआस साउथ CCF में B.1.617.2 वेरियेंट पाया गया जो सबसे पहले इंडिया में पकड़ में आया था.”

कोविड-19 वेरियेंट्स पर WHO

WHO के 25 अप्रैल के Covid-19 महामारी के साप्ताहिक अपडेट में कहा गया था कि कम से कम 17 देशों के 1,200 सीक्वेंस GISAID पर अपलोड किये गए थे और इन्हें (सभी को) B.1.617 वंशावली में रखा गया. इनमें से ज़्यादातर सीक्वेंस इंडिया, यूनाइटेड किंगडम, यूएसए और सिंगापुर से आये थे. इस दस्तावेज में बताया गया था, “B.1.167.1 और B.1.617.2, दोनों ही दिसंबर 2020 में इंडिया में पाए गए थे और देश में बढ़ते हुए केसेज़ के बीच भारी संख्या में पाए गए थे. B.1.617.3 पहली बार इंडिया में अक्टूबर 2020 में पाया गया था लेकिन इससे मिलते जुलते वेरियेंट अब तक बेहद कम मिले हैं.” (पीडीएफ़ देखें)

WHO की 18 मई की महामारी से जुड़ी साप्ताहिक रिपोर्ट में ये टेबल छापी गयी थी. 18 मई तक एक भी ऐसा वेरियेंट नहीं था जिसे पूरी तरह से सिंगापुर से जोड़ा जा सके. इस टेबल में ये भी कहा गया था, “B.1.617.3 वन्शावली को तीन वंशानुक्रम में बांटा गया है (B.1.617.2, B.1.617.2 और B.1.617.3). B.1.617 को वैश्विक स्तर पर VOC (चिंता करने लायक वेरियेंट) डिक्लेयर करने के लिए B.617.1 और B.1.617.2 का ही नाम लिया गया. एक बार और भी जानकारी मिल जाए तो वंशानुक्रम को भी VOI/VOC डिक्लेयर किया जाएगा.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का दावा ये था कि सिंगापुर में नया कोविड-19 वेरियेंट मिला है. इसे कई मीडिया आउटलेट्स ने जगह दी जिसे बाद में सिंगापुर और भारत की सरकार ने ग़लत बता दिया. WHO के महामारी से जुड़े साप्ताहिक अपडेट के मुताबिक़, ऐसा कोई वेरियेंट नहीं है जिसे सीधे तौर पर सिंगापुर से जोड़ा जा सके. हालांकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि सिंगापुर में जो स्ट्रेन फैल रहा है, वो कोई और ही है. उन्होंने कहा, “ये कहना कि ये दूसरा वेरियेंट नहीं है, ग़लत होगा… कुछ वक़्त में तस्वीर साफ़ हो जाएगी.” दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी केजरीवाल की बातों का समर्थन किया.


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ग़लत
दावा:
सिंगापुर से शुरू होने वाला कोविड का नया वेरियेंट बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है.

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