सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है. इसमें एक शख्स रोड किनारे गिरा हुआ है और पैर स्कूटी के नीचे दबे होने के कारण उठ नहीं पा रहा है. दो लोग, जिनके पत्रकार होने का दावा किया जा रहा है, उस शख्स की मदद करने के बजाय वीडियो बनाते हुए देखे जा सकते हैं. केन्द्रीय खेल मंत्री किरन रिजीजू ने 9 अगस्त को अपने ऑफ़िशियल फे़सबुक पेज से यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “पत्रकारिता की आत्महत्या.”

इसे कई अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी शेयर किया. नीचे दी गयी क्लिप पर 6,000 से ज्यादा लाइक्स और 3,000 से ज्यादा रीट्वीट देखे जा सकते हैं. इसे ट्विटर यूज़र @MdBabul38258561 ने शेयर किया.

एक अन्य ट्विटर यूज़र  @007AliSohrab ने इसी वीडियो को #BakraLivesMatter के साथ मुस्लिम एंगल देकर शेयर किया. यह वीडियो फे़सबुक पर इस कैप्शन के साथ तेज़ी से वायरल हो रहा है, “सड़क पर तड़प रही लड़की को न उठाकर पत्रकार अपना वीडियो बनाने में लगा है.”

पहले भी ऐसे दावे के साथ नेपाल में वायरल हो चुका है

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यही वीडियो पहले भी नेपाल के कई सोशल मीडिया हैंडल और पेज पर शेयर किया जा चुका है. नेपाल के न्यूज़ आउटलेट ‘नेपाल खबर’ (Nepal Khabar) ने 2 अगस्त को ये क्लिप शेयर की थी.

आफ्नो काम आफ्नो प्रोफेसन भन्दा ठूलो कुरा त मानवता होला नि हैन र? मान्छे बाँच्ने नबाँच्ने अवस्था मा छ। उसलाई सहयोग को खाँचो छ, यत्ति कुरा त नजान्ने लाई समेत थाहा होला नि हैन?? हामी कस्तो पत्रकारिता गर्दै छौं? के सबै कुरा TRP, भ्युज, शेयर र लाइक मात्र हो र??
कैले काई मानव भएर नी सोच्ने कि??

#भिडियो : सामाजिक_सञ्जाल

Posted by नेपाल खबर Nepal Khabar on Sunday, 2 August 2020

एक फे़सबुक पेज, ‘Wake up Nepal’ ने इसे 3 अगस्त को शेयर किया था.

स्याबास!!!क्यामेरा बोक्ने ‘तपाईं’ ज्यु,
तपाइँले यसै गर्नुपर्छ।घाइते शरीरको प्रत्येक पाटपुर्जा क्यामेरामा निकाल्नुपर्छ। रगत खेर जाला,एकएक थोपा क्यामेराले खिच्नुहोस।घाइते चिच्याइरहेको छ।चिच्याहट खेर जाला,क्यामेरामा तुरुन्त रेकर्ड गर्नोस।घुमिघुमि खिच्नुस,कोण मिलाई-मिलाई खिच्नुस। स्याबास!!क्यामेरा बोक्ने तपाई ज्यु।

भिडियो:- सामाजिक सन्जाल

Posted by Wake Up Nepal on Monday, 3 August 2020

दोनों ही पेजों ने पत्रकारों की निर्ममता को हाईलाइट किया.

चल रही थी वीडियो शूटिंग

ऑल्ट न्यूज़ ने नेपाल के फै़क्ट चेकिंग प्लेटफ़ॉर्म साउथ एशिया चेक के मुख्य संपादक, दीपक अधिकारी से संपर्क किया. उन्होंने पुष्टि की कि वीडियो में नेपाली भाषा सुनाई दे रही है. अधिकारी ने नेपाल (केन्द्रीय) पुलिस के प्रवक्ता एसएसपी कुबेर कडायत से बात की. दीपक अधिकारी ने हमें बताया कि पुलिस के अनुसार, “यह क्लिप काठमांडू के अनाम्नगर क्षेत्र में हुए एक वीडियो शूटिंग की है. किसी ने रोड के बगल में बने घर की छत से शूटिंग की यह वीडियो रिकॉर्ड की.”

अगर ध्यान से देखें, वीडियो के शुरू के कुछ सेकंड में गिरे हुए स्कूटर के दायीं तरफ एक कैमरापर्सन नज़र आ रहा है. वह दो अभिनेताओं को रोड के दूसरी तरफ़ आने का इशारा कर रहा है. इसके अलावा कुछ और हिंट हैं जिनसे पता चलता है कि ये वाकया असल में फ़िल्माए जाने के मकसद से हुआ है. पीड़ित की हालत इतनी ख़राब नहीं लगती कि वह उठ नहीं पा रहा हो. वहां से गुज़र रहा एक भी व्यक्ति मदद के लिए नहीं रुक रहा.

यानी नेपाल का वायरल वीडियो अब भारत में यह कह कर शेयर किया जा रहा है कि असंवेदनशील पत्रकार घायल व्यक्ति की मदद करने के बजाय उसका वीडियो बना रहे हैं. गौर करने वाली बात है कि नेपाल खबर और नेपाल के और भी कई लोग इस वीडियो को गलत दावों के साथ शेयर कर चुके हैं.

ग़लत
दावा:
सड़क पर तड़प रही लड़की को न उठाकर पत्रकार अपना वीडियो बनाने में लगा है

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