ट्विटर पर पॉपुलर पैरोडी हैंडल ‘@RoflGandhi_’ के एडमिनिस्ट्रेटर सुनील शर्मा को हाल ही में सोशल मीडिया यूज़र्स ने टारगेट किया.  यूज़र्स ने दावा किया कि सुनील शर्मा पर बलात्कार का आरोप लगाया गया था. उनके मुताबिक, दिल्ली में IPC की धारा 376 के तहत सुनील पर आरोप लगाए गए हैं.

वेरिफ़ाईड ट्विटर हैंडल ‘@newglobaltimes’ ने इस वायरल दावे को ट्वीट करते हुए, भारतीय कानून वेबसाइट पर अदालत के फैसले की कॉपी का लिंक शेयर किया. डॉक्यूमेंट 12 फ़रवरी, 2013 का है. इस ट्वीट को आर्टिकल लिखे जाने तक 1,500 से ज़्यादा लाइक्स और लगभग 1 हज़ार रीट्वीट मिले. (आर्काइव लिंक)

BJYM के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस ट्वीट को रिट्वीट किया. आप यहां पर उनकी प्रोफ़ाइल का आर्काइव देख सकते हैं.

‘@AmirLadka’ नामक एक और वेरिफ़ाईड अकाउंट ने भी भारतीय कानून वेबसाइट के लिंक के साथ यही दावा ट्वीट किया. (आर्काइव)

वेरिफ़ाईड अकाउंट ‘@FltLtAnoopVerma’ ने दावा किया कि सुनील शर्मा के खिलाफ ‘घरेलू हिंसा और बलात्कार का मामला चल रहा था’ और वो एक ‘सीरियल अपराधी’ हैं. (आर्काइव)

@TheSquind ने एक ट्वीट में पूछा, “क्या ये सच है कि रोफ्लगांधी/सुनील शर्मा पर अपनी नौकरानी के साथ बलात्कार करने का आरोप है?.” इस ट्वीट को आर्टिकल लिखे जाने तक 3,500 से ज़्यादा लाइक्स और करीब 1 हज़ार रीट्वीट्स मिलें. यूज़र्स ने इंडियन कानून लिंक का हवाला देते हुए उनके ट्वीट पर रिप्लाई किया. (आर्काइव)

फ़ैक्ट-चेक

सबसे पहले, ऑल्ट न्यूज़ ने ये नोटिस किया कि ट्विटर हैंडल @RoflGandhi_ के एडमिनिस्ट्रेटर सुनील ने इस मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से पूरी तरह इनकार किया था. तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के वायरल दावे के रिट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए उन्होंने बग्गा से मामले की जानकारी हरि नगर पुलिस स्टेशन (जहां FIR दर्ज़ की गई थी) से वेरिफ़ाई करने का आग्रह किया.

हमने @RoflGandhi_ हैंडल के एडमिनिस्ट्रेटर से कॉन्टेक्ट किया. उन्होंने हमें अपनी आधार डिटेल भी भेजी. हमने मामले में आरोपी सुनील शर्मा और @RoflGandhi_ ट्विटर हैंडल के एडमिन की निजी जानकारियों की तुलना की. और पाया कि उनके पिता के नाम और पते एक जैसे नहीं हैं. कोर्ट के फैसले में आरोपी के पिता का नाम श्याम सुंदर शर्मा और पता फतेह नगर, दिल्ली है. रिडर्स, ट्विटर हैंडल यूज़र @RoflGandhi_ के एडमिनिस्ट्रेटर सुनील के कुछ व्यक्तिगत डिटेल्स नीचे देख सकते हैं:

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इसके बाद, एडिशनल सेशन जज (स्पेशल फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट, तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली) निवेदिता अनिल शर्मा के फैसले को पढ़ने पर हमें पता चला कि इस मामले में आरोपी सुनील शर्मा, नई दिल्ली के फतेह नगर, हरि नगर का रहने वाला है. IPC की धारा 376 और 506 के तहत उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया था.

फैसले में कहा गया है, ”अभियोक्ता ने अपने साथ बलात्कार होने का ज़रा भी सबूत नहीं दिया है. उसने अपने साक्ष्य में “बलात्कार” शब्द का ज़िक्र भी नहीं किया है और न ही आरोपी मिस्टर सुनील शर्मा के खिलाफ कुछ भी आरोप लगाया है… इन परिस्थितियों में, PW 1 के रूप में, अभियोक्ता, जो मुख्य गवाह है, वो मुकर गई है और अभियोजन का समर्थन नहीं किया है मामले में इससे भी जरूरी बात ये है कि आरोपी की कोई आपराधिक भूमिका नहीं सौंपी गई है, अभियोजन पक्ष के साक्ष्य बंद हैं…”

“…ये स्पष्ट है कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य न तो भरोसेमंद हैं और न ही विश्वसनीय हैं, और अभियोजन पक्ष बलात्कार को साबित नहीं कर पाया है. अभियोक्ता के साक्ष्य इस बात को पूरी तरह असंभव बनाते हैं कि ऐसी कोई घटना कभी हुई थी… इसलिए, उपरोक्त चर्चा के मद्देनजर, इस न्यायालय इस बात से पूरी तरह से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष, IPC की धारा 376 और 506 के तहत अपराध के लिए आरोपी श्री सुनील के खिलाफ आरोप को सामने नहीं ला सका.”

कुल मिलाकर, पॉपुलर पैरोडी हैंडल @RoflGandhi_ के एडमिनिस्ट्रेटर के बारे में ये झूठा दावा किया गया कि वो दिल्ली में 2012 के बलात्कार मामले में आरोपी हैं. ऑल्ट न्यूज़ ने जांच करते हुए पाया कि ये दावे भ्रामक हैं. इस मामले का आरोपी अलग व्यक्ति है बहरहाल उसका नाम भले ही @RoflGandhi_ के एडमिनिस्ट्रेटर मिलता है.

ग़लत
दावा:
@RoflGandhi_ के एडमिनिस्ट्रेटर बलात्कार के पुराने मामले में आरोपी

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