असंबंधित वीडियो हेलमेट नहीं पहनने पर पुलिस द्वारा व्यक्ति की पिटाई के गलत दावे से साझा 

“अगर आपने हेलमेट नहीं लगाया है तो इन पुलिस वालों को मारने का अधिकार किसने दिया”। यह संदेश एक वीडियो क्लिप के साथ सोशल मीडिया में साझा किया गया है। 58 सेकेंड की वीडियो क्लिप में पुलिसकर्मी नीले टी-शर्ट और जींस पहने एक व्यक्ति की पिटाई करते दिख रहे हैं।

 

अगर आपने हेलमेट नहीं लगाया तो इन पुलिस वालों को मारने का अधिकार किसने दिया…………

Posted by जय जवान on Tuesday, 10 September 2019

उपरोक्त पोस्ट फ़ेसबूक पेज जय जवान  का है। 10 सितंबर को पोस्ट किए जाने के बाद से इसे 92,000 से अधिक बार देखा और 4,200 से अधिक बार साझा किया गया है। कई व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं ने समान दावे के साथ फेसबुक पर यह वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो ट्विटर पर भी पोस्ट किया गया है।

तथ्य-जांच

वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठा है। यह वीडियो यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की कार्रवाई से संबंधित नहीं है। ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो क्लिप से की फ्रेम लेकर इसकी गूगल पर खोज की। खोज परिणाम में MyNation की एक रिपोर्ट की लिंक हमें मिली, जिसका शीर्षक था, ‘कर्नाटक: कोडुगु पुलिस ने छेड़खानी के लिए युवकों को पीटा; वीडियो हुआ वायरल’।- (अनुवाद)

दिनांक 23 जून, 2019 की इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो क्लिप भी मौजूद थी। रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कोडागु पुलिस द्वारा दो लोगों को पीटते हुए देखा जा सकता है, जिन पर कोडागु में एक कॉलेज के पास छेड़खानी का आरोप था। इस रिपोर्ट में कहा गया है- “केरल के मलप्पुरम के रहने वाले ये दोनों एक कार में कोडागु आए थे और कथित तौर पर एक कॉलेज के पास लड़कियों से छेड़खानी करते हुए पाए गए थे। विराजपेट के निवासियों ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया और सार्वजनिक रूप से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। बाद में, उन्हें विराजपेट पुलिस को सौंप दिया गया जहां पुलिस, युवकों को उनके व्यवहार के लिए पीटते हुए देखे गए। युवकों को पीटते हुए उनका वीडियो शनिवार (22 जून) शाम को सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।”-अनुवादित।

समान घटना की खबर डेक्कन हेराल्ड ने भी प्रकाशित की थी।

ऑल्ट न्यूज़ को एक कन्नड़ पोर्टल की भी रिपोर्ट मिली, जिसमें यही खबर दोहराई गयी थी। यह ध्यान देने योग्य है कि एक व्यक्ति को पीटते हुए पुलिसकर्मियों का वीडियो कर्नाटक के कोडागु का है और छेड़खानी की घटना के मामले से संबंधित है। यह नए यातायात नियमों के आधार पर दंड या उसके बाद के हालात से संबंधित नहीं है।

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