सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हो रहा है जिसमें रेलवे स्टेशन पर इंतज़ार करते हुए लोगों की भीड़ दिखती है. इस वीडियो को हाल का बताया जा रहा है. गोपी शाह नाम के एक यूज़र ने इसे शेयर करते हुए लिखा है, “कोरोना की ऐसी की तैसी.”

और भी कुछ लोग इसे शेयर कर रहे हैं.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की पड़ताल 2 साल पहले की थी जब इसे शेयर करते हुए ग़लत दावा किया जा रहा था कि ये गुजरात में रहने वाले प्रवासी हैं जो राज्य छोड़कर जा रहे हैं.

ऑल्ट न्यूज़ ने InVID की मदद से वीडियो के एक फ़्रेम का गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया तो 23 सितम्बर, 2018 को यूट्यूब पर अपलोड किया हुआ ये वीडियो मिला. इसका कैप्शन था, “कृष्णानगर बोंगाव लोकल ट्रेन – रानाघाट.” इससे हमें पता चला कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर बोंगाव के रानाघाट स्टेशन का है. वीडियो में लोगों को बंगाली बोलते सुना जा सकता है.

इसके अलावा ऑल्ट न्यूज ने जब ‘Ranaghat station’ कीवर्ड से फ़ेसबुक पर सर्च किया तो पता चला कि सुमंत कुमार नाथ को क्रेडिट देते हुए इस वीडियो को एक यूज़र ने 23 सितंबर 2018 को पोस्ट किया था.

ऑल्ट न्यूज ने सुमंत कुमार से बात की तो उन्होंने बताया, “मैंने कांस्टेबल पद की परीक्षा के दिन स्टेशन पर छात्रों की भीड़ देखकर सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ये वीडियो शूट किया था.” इसके अलावा, सुमंत ने हमें 10 अक्टूबर, 2018 को उसी जगह से एक और वीडियो बनाकर भेजा.

 

हमें पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा जारी एक नोटिस मिला जिसमें इस परीक्षा का ज़िक्र है. इससे सुमंत की बताई बात साबित होती है कि 23 सितंबर 2018 को कॉन्स्टेबल पद की परीक्षा थी.

इस तरह पश्चिम बंगाल का 2 साल पुराना वीडियो हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है.

ग़लत
दावा:
कोरोना के समय ट्रेन पकड़ती भीड़, कोई सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन नहीं

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें