दिल्ली पुलिस में बतौर हेड कांस्टेबल रही सीमा ढाका ने अपने ढाई महीनों के कार्यकाल में 76 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकाला. इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने उन्हें आउट-ऑफ़-टर्न प्रमोशन देकर असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बनाया है. सीमा को 19 नवंबर को ये प्रमोशन मिला था. सोशल मीडिया पर भी सीमा की खूब तारीफ़ की गई. इस दौरान, ट्विटर हैन्डल ‘@seemadhaka0’ ने 19 नवंबर को एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “मेरा कर्तव्य जनता की सेवा करना है…” आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 24,900 लाइक्स और 1,200 रीट्वीट मिले हैं. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

दरअसल, सोशल मीडिया यूज़र्स इस ट्विटर हैन्डल को सीमा ढाका का मान रहे हैं. ट्विटर यूज़र ‘सपा नेत्री गोलू यादव’ ने ट्वीट करते हुए इस हैन्डल को टैग कर सीमा ढाका को प्रमोशन मिलने की बधाई दी. इस ट्वीट को ट्विटर हैन्डल ‘@seemadhaka0’ ने भी रीट्वीट किया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

21 नवंबर को इस हैन्डल ने 5 हज़ार फ़ॉलोवर्स होने की खुशी में सबको धन्यवाद देते हुए ट्वीट किया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

इस ट्विटर हैन्डल के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने सीमा ढाका से बात की. उन्होंने बताया, “ये एक फ़र्ज़ी ट्विटर अकाउंट है. मेरा ट्विटर पर कोई अकाउंट नहीं है.” आगे सीमा ने बताया कि उन्होंने अपने पति अनित ढाका के ट्विटर अकाउंट से इस हैन्डल के फ़र्ज़ी होने की जानकारी दी थी.

इस जानकारी के आधार पर हमने सीमा ढाका के पति अनित ढाका के ट्विटर हैन्डल खंगाला. उन्होंने ट्विटर हैन्डल ‘@seemadhaka0’ को रिप्लाइ करते हुए कई बार इस अकाउंट के फ़र्ज़ी होने की बात बताई है.

इस तरह, दिल्ली पुलिस की महिला अफ़सर के सुर्खियों में छाते ही ट्विटर पर उनके नाम से फ़र्ज़ी हैंडल बनाया गया. असल में सीमा ढाका का ट्विटर पर कोई अकाउंट है ही नहीं.

सीमा ढाका के नाम से बने हैं कई हैंडल्स

इसके अलावा, और भी कई ट्विटर अकाउंट्स सीमा ढाका के बताकर चलाए जा रहे हैं. जैसे कि – ‘@SeemaDhaka10‘ (आर्काइव लिंक), ‘@RealSeemaDhaka’ (आर्काइव लिंक), ‘@seemadhakalive’ (आर्काइव लिंक), ‘@seemadhaka15’ (आर्काइव लिंक), ‘@Seemadhaka13’ (आर्काइव लिंक). ये सभी ट्विटर हैन्डल नवंबर 2020 में बनाये गए हैं.

This slideshow requires JavaScript.

इन ट्विटर हैन्डल्स ने खुद को सीमा ढाका बताते हुए कुछ ट्वीट्स किये हैं.

This slideshow requires JavaScript.

ऐसे ही जुलाई 2020 में भी पूर्व महिला पुलिस अफ़सर सुनीता यादव का गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री के बेटे को लॉकडाउन के दौरान रोकने वाला वीडियो वायरल हो गया था. इसके बाद सुनीता यादव के नाम से कई फ़र्ज़ी ट्विटर अकाउंट देखने को मिले थे.


ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें:

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged: