भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की पिटाई करने का एक वीडियो सोशल मीडिया में इस दावे से प्रसारित किया गया है कि नई दिल्ली में एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की गई है। यह वीडियो 39 सेकंड का है।

उपरोक्त वीडियो को 500 से अधिक बार साझा किया गया है। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश के मुताबिक,“ये तो नहीं पता कहा का है ये वीडियो पर है बहुत दर्द नाक एक मुस्लिम को भीड़ का द्वारा मारा जा रहा है. ये जेसा भारत बना दिया है.”

इस वीडियो को समान दावे से ट्विटर हैंडल दिल्ली यूथ कांग्रेस द्वारा साझा किया गया था।

TV9 भारतवर्ष के कार्यकारी एडिटर समीर अब्बास ने इस वीडियो को यह कहते हुए ट्वीट किया कि, “सभ्य समाज के माथे पर कलंक की एक और तस्वीर आज हमारे सामने है, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर हेडफोन खरीदने को लेकर एक मामूली से झगड़े में जाहिलों ने शामली के मदरसा टीचर ओवैस को पीट-पीट कर मार डाला। दिल्ली पुलिस ने हत्या के आरोपी 2 दुकानदारों लल्लन और सरफ़राज़ को गिरफ्तार किया।” इस ट्वीट को फ़िलहाल डिलीट कर दिया गया है, मगर आप इसके आर्काइव को यहां देख सकते हैं।

इस वीडियो को एक पाकिस्तानी उपयोगकर्ता ने इस दावे से ट्वीट किया था कि भारत में एक मदरसा टीचर को ‘जय श्री राम’ बोलने से मना करने पर पीटा गया।

इसे व्हाट्सअप पर भी साझा किया गया है।

तथ्य जांच

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि इस घटना को दिखाने वाला वीडियो मेरठ का है। मगर इसके साथ प्रसारित किया गया दावा दिल्ली में हुई एक अन्य घटना से संबधित है।

मेरठ का वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो को ध्यान पूर्वक देखा और हमें 0:31 मिनट पर एक साइनबोर्ड दिखा, जिसमें लिखा हुआ था कि,‘सारा होटल बार और रेस्टोरेंट‘-अनुवाद। ऑल्ट न्यूज़ ने इसे गूगल पर सर्च किया, जिसमें से पहले तीन परिणामों में से दो यूपी के मेरठ के थे।

इस पर मेरठ में हुई घटना का अनुमान लगा कर, ऑल्ट न्यूज़ ने सबंधित कीवर्ड्स से सर्च करने पर हमें 26 अगस्त, 2019 का बिजनेस स्टैंडर्ड लेख मिला। इस लेख का शीर्षक इस प्रकार है –“कथित रूप से लड़की से छेड़छाड़ करने के कारण भीड़ ने व्यक्ति को मारा-अनुवाद।”

ऑल्ट न्यूज़ को इस घटना का टाइम्स ऑफ़ इंडिया का एक अन्य रिपोर्ट मिला। लेख के मुताबिक, इस व्यक्ति को बस में कथित तौर पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने की वजह से पीटा गया था। यह पुष्टि करने के लिए कि वास्तव में यह वीडियो समान घटना का है या नहीं, हमनें मेरठ के DSP से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि यह घटना मेरठ में ही हुई थी।

“ऐसी एक घटना हुई थी। बस में सफर कर रही एक लड़की ने उसके बगल में बैठे लड़के पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। बस में बैठे अन्य लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। लड़की ने इसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज़ करवाई थी और लड़के को जेल में बंद कर दिया गया है। उनके खिलाफ भी FIR दर्ज़ करवाई गई थी, जिनका इस घटना में हाथ था और जिनकी पहचान हम वीडियो से कर पाएंगे-अनुवाद।” उन्होंने आगे बताया,“इस घटना में कोई सांप्रदायिक रंग नहीं है। यह छेड़छाड़ की घटना है। पुलिस इस घटना में जल्द से जल्द कार्यवाही करेंगे।”

दिल्ली की घटना

वीडियो के साथ प्रसारित संदेश में दावा किया गया है कि दिल्ली में ओवैस नाम के मदरसे के टीचर को भीड़ द्वारा पीटकर हत्या की गई थी। यह सच है कि दिल्ली में ऐसी घटना हुई थी। उपरोक्त की गई हमारी पड़ताल से मालूम होता है कि संदेश के साथ साझा किया गया वीडियो इस घटना का नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स के लेख के मुताबिक,“27 वर्षीय मदरसा शिक्षक को उत्तरी दिल्ली के कोतवाली क्षेत्र में दो फेरीवालों ने पीट-पीट कर मार डाला क्योंकी उसकी हेडफोन की कीमत को लेकर उनसे विवाद हुआ था। परिवार के सदस्यों ने हालांकि यह भी दावा किया है कि उसे भीड़ द्वारा पीटा गया था। पुलिस ने कहा कि उन्होंने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास कर रहे है। पीड़ित मोहम्मद ओवैस उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले थे और ग्रेटर नोएडा के एक मदरसे में पढ़ाते थे -अनुवादित।”

अंत में हमने अपनी पड़ताल में पाया कि मेरठ में हुई छेड़छाड़ की घटना का वीडियो, सोशल मीडिया में दिल्ली में एक मदरसा टीचर को मामूली झगड़े पर पीट कर मारने की खबर के साथ साझा किया गया है।

असत्य
दावा:
दिल्ली में हेडफोन खरीदने पर हुए विवाद के चलते मुस्लिम की हत्या

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