पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजे आने के बाद से भड़की हिंसा में अबतक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से BJP अपने 9 कार्यकर्ताओं की मौत का दावा कर रही है. वहीं TMC 7 कार्यकर्ताओं की. बाकी, एक व्यक्ति को इंडियन सेक्युलर फ्रंट का कार्यकर्ता बताया गया है. ऑल्ट न्यूज़ लगातार इस हिंसा से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो की पड़ताल कर रहा है. ऐसा ही एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें आंगन में पड़े अपने पिता की को बेटी पानी पिलाने की कोशिश कर रही है और वहीं गिरकर रोने लगती है. इस वीडियो को बंगाल हिंसा का बताया जा रहा है. संदीप ठाकुर नाम के एक यूज़र ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि राष्ट्रपति शासन लगाकर बंगाल को सेना के हाथ में दे देना चाहिए. इस ट्वीट को ये रिपोर्ट लिखे जाने तक 1200 से ज़्यादा रीट्वीट्स मिले हैं. (आर्काइव लिंक)

एक और यूज़र ने ये वीडियो गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए लिखा है कि वो और कितनी लाशों का इंतज़ार कर रहे हैं? राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए.

RAKALODHI11 नाम के एक यूज़र ने भी ये वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया है. फ़ेसबुक पर कट्टर हिन्दू नाम के एक यूज़र ने ये वीडियो शेयर किया है. इसके अलावा और भी कई लोग ये वीडियो पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर कर रहे हैं.

फ़ैक्ट-चेक

इस वीडियो के एक स्क्रीनशॉट का रिवर्स इमेज सर्च करने से पता चला कि ये आंध्रप्रदेश का वीडियो है. इसका पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है. 5 मई को इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना पीड़ित की बेटी एक बोतल में पानी भरकर अपने पिता को देने के लिए जा रही है लेकिन उसकी मां उसे इस डर से रोक रही है कि कहीं वो भी कोविड की चपेट में न आ जाए. 50 वर्षीय शख्स ने अपनी बेटी और पत्नी के सामने अंतिम सांस ली. कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद वह अपने गांव श्रीकाकुलम लौटे थे लेकिन उनको गांव में घुसने नहीं दिया गया और गांव के बाहर एक मैदान में बनी झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर किया गया.

टाइम्स नाउ और NDTV ने भी ये वीडियो दिखाते हुए इस घटना की रिपोर्टिंग की है.

यानी, आंध्रप्रदेश का एक वीडियो जिसमें कोरोना पीड़ित पिता को बेटी पानी देने की कोशिश कर रही थी, उसे पश्चिम बंगाल हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

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