कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ये दावा किया है कि ‘गूगल पे’ (GPay) का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. वायरल हो रहे दावे के अनुसार RBI ने दिल्ली हाई कोर्ट से ये कहा कि उन्होंने ‘गूगल पे’ को भुगतान प्रणाली ऑपरेटर की मान्यता नहीं दी है. इसके साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि ‘गूगल पे’ से पैसे ट्रांसफर करने के बाद अगर किसी भी तरह की कोई परेशानी आती है तो उसके लिए कोई शिकायत दर्ज नहीं की जा सकती क्योंकि ‘गूगल पे’ भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) में अधिकृत पेमेंट सिस्टम की लिस्ट में नहीं है.

ये दावा ट्विटर, फ़ेसबुक के साथ-साथ व्हाट्सऐप पर भी काफ़ी तेजी से वायरल है. ऑल्ट न्यूज़ को भी अपने व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) पर इस दावे की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं. कुछ लोगों ने दावे के समर्थन में इंडिया टुडे का एक आर्टिकल भी शेयर किया है.

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भ्रामक दावा

हमने देखा कि NPCI से मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी UPI ऐप की लिस्ट में ‘गूगल पे’ मौजूद है. इसका साफ़ मतलब निकलता है कि थर्ड पार्टी ऐप के रूप में ‘गूगल पे’ को UPI पेमेंट के लिए मान्यता दी जा चुकी है.

हमने ये भी पाया कि ये दावा 2020 में भी वायरल हुआ था और इसके बारे में उस वक़्त ‘गूगल पे इंडिया’ ने एक बयान भी जारी किया था.

जून 2020 में PTI से बात करते हुए ‘गूगल पे’ के एक प्रवक्ता ने कहा, “’गूगल पे’ पूरी तरह से कानून के हिसाब से काम करता है. ये सर्विस प्रोवाइडर उन सहयोगी बैंकों के साथ काम करता है जो UPI (यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफेस) से भुगतान की अनुमति देते हैं. देश में UPI ऐप्स को थर्ड पार्टी ऐप की तरह माना गया है और इन्हें “पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स” की तरह पेश आने की ज़रुरत नहीं होती है.”

प्रवक्ता ने आगे कहा, “गूगल पे से किये गए सभी लेन-देन पूरी तरह से RBI/NPCI द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों में बताई गयी निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किए जाते हैं. ज़रुरत पड़ने पर यूज़र्स ‘गूगल पे’ के कस्टमर केयर पर चौबीसों घंटे सहायता पा सकते हैं.”

ये ध्यान देना चाहिए कि इंडिया टुडे के एक आर्टिकल को आधार बनाकर ये दावा व्हाट्सऐप पर शेयर किया जा रहा है. इंडिया टुडे के इस आर्टिकल की हेडिंग ये कहती है कि गूगल पे ‘पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर’ नहीं है. बाद में इंडिया टुडे ने इस आर्टिकल की हेडिंग बदल दी थी. साथ ही आर्टिकल में गूगल प्रवक्ता का बयान भी शामिल किया गया था.

नीचे हमने इंडिया टुडे के आर्टिकल का पुराना वर्ज़न और अपडेट किया वर्ज़न दिखाया है. साफ़ है कि इंडिया टुडे ने आर्टिकल अपडेट करने के बाद हेडिंग में लिखा, ‘कंपनी कहती है कि गूगल पे UPI इकोसिस्टम का हिस्सा है और भारत में वैध है.’

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NPCI ने भी स्पष्ट किया कि ‘गूगल पे’ एक थर्ड पार्टी पेमेंट ऐप है और इसके द्वारा किए गए सभी UPI लेन-देन सुरक्षित हैं और ये RBI के बनाये नियमों में रहकर काम करता है.

NPCI के बयान के अनुसार, “हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि ‘गूगल पे’ को थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर (TPAP) की लिस्ट में रखा गया है, जो बाकी ऐप की तरह UPI भुगतान सेवाएं भी देता है. ये बैंकिंग भागीदारों के माध्यम से NPCI के UPI ढांचे के तहत काम करता है. सभी अधिकृत TPAP NPCI की वेबसाइट पर दी गयी लिस्ट में हैं. किसी भी अधिकृत TPAP से किए गए लेनदेन NPCI/RBI के दिशानिर्देशों द्वारा निर्धारित निवारण प्रक्रियाओं के तहत बिलकुल सुरक्षित हैं और यूज़र्स के पास पहले से ही इसकी पूरी पहुंच है.”

इस तरह, ‘गूगल पे’ एक थर्ड पार्टी ऑपरेटर है जो UPI पेमेंट की अनुमति देता है. और इसे भुगतान प्रणाली ऑपरेटर होने की जरुरत नहीं है.

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Kalim is a journalist with a keen interest in tech, misinformation, culture, etc