सोशल मीडिया पर आग की लपटों में घिरी एक ऊंची इमारत का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा है कि अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर किए हमले के जवाब में, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है.  और इस कारण दुबई की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है.

ज़ी न्यूज़ ने कथित वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि ये ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित CIA मुख्यालय पर किए गए हमले के दृश्य हैं. (आर्काइव लिंक)

द ट्रिब्यून की पत्रकार सुमेधा शर्मा ने ये वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा कि दुबई लगातार जल रहा है. क्योंकि ईरान वहां हमले कर रहा है. (आर्काइव लिंक)

राधे मीणा नामक यूज़र ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि ईरान, दुबई को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है और वहां की मुख्य इमारतों को नष्ट करने पर तुला है. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें वायरल वीडियो का दूसरे एंगल से शूट किया हुआ वीडियो ‘द नेशनल न्यूज’ (यूएई का सरकारी मीडिया संस्थान) द्वारा 1 अक्टूबर 2015 को अपलोडेड मिला. डिस्क्रिप्शन के मुताबिक, वीडियो में दिख रही आग शारजाह सिटी सेंटर के पास किंग फैसल रोड पर स्थित एक रिहायशी टावर में लगी थी.

एक यूट्यूब यूज़र ने 2 अक्टूबर 2015 को दूसरे एंगल से रिकॉर्ड किया गया वीडियो अपलोड किया और डिस्क्रिप्शन में बताया कि ये शारजाह स्थित नासिर टावर, अल मजाज में भीषण आग लगने की घटना का फुटेज है. दोनों रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करता है कि वायरल वीडियो लगभग 10 साल पुराना है.

स्टॉक इमेज वेबसाइट getty पर भी 1 अक्टूबर 2015 की इस आगजनी की तस्वीरें मौजूद हैं. इन तस्वीरों का एंगल और इमारत की बनावट वायरल वीडियो से लगभग मेल खाती है. कैप्शन में लिखा है कि ये तस्वीर 1 अक्टूबर 2015 को यूनाइटेड अरब अमीरात शारजाह में सिटी सेंटर के पास किंग फैसल स्ट्रीट में एक रेजिडेंशियल टावर में लगी आग का है.

वीडियो में दिख रही लोकेशन की पुष्टि के लिए हमने गूगल स्ट्रीट व्यू की मदद ली. 2015 के स्ट्रीट व्यू हिस्ट्री से मिलान करने पर वायरल वीडियो वाली इमारत शारजाह की उसी लोकेशन से पूरी तरह मेल खाती है. वहीं, गूगल स्ट्रीट व्यू हिस्ट्री उसी जगह का 2021, 2022 और 2023 में कैप्चर हुए तस्वीर में उस जगह का नक्शा बदल चुका है, उस बिल्डिंग के डिजाइन में अंतर आ चुका है और आसपास और भी इमारतें बन चुकी है जो दिखाता है कि वायरल वीडियो और हाल की स्थिति में कथित जगह में अंतर है.

यानी, ऑल्ट न्यूज़ की जांच से ये स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि अक्टूबर 2015 का है जिसमें शारजाह के एक रिहायशी टावर में लगी आग दिखाई पड़ती है. और इस क्लिप का हाल के सैन्य हमले से कोई संबंध नहीं है.

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Abhishek is a senior fact-checking journalist and researcher at Alt News. He has a keen interest in information verification and technology. He is always eager to learn new skills, explore new OSINT tools and techniques. Prior to joining Alt News, he worked in the field of content development and analysis with a major focus on Search Engine Optimization (SEO).