“14 लेन का हाईवे बढ़ने से चोरी बढ़ेगी, हजारो पेड़ काटे जाएंगे, प्रदुषण बढेगा!” इन शब्दों को रवीश कुमार का बताकरHindustan SupporT – Modi नाम के पेज ने 29 मई, 2018 को एक तस्वीर पोस्ट किया है जिसे 8400 से ज्यादा बार सिर्फ इस पेज से शेयर किया गया है। इस पेज के लगभग 1 लाख फॉलोअर्स है। इस तस्वीर में ठीक इस बयान के नीचे यह भी लिखा है, “ये हैं पत्रकार के नाम पर कलंक, देश में कुछ काम हो या ना हो, इन्हें आलोचना करनी ही करनी!” पोस्ट किए गए इस तस्वीर के ऊपरी हिस्से में बायीं तरफ हिंदुस्तान सपोर्ट मोदी का निशान भी है।

इनके लिए 2 शब्द कहें??

Posted by Hindustan SupporT – Modi on Tuesday, 29 May 2018

इसी तस्वीर को यूथ इंडिया नाम के पेज ने भी पोस्ट किया है। इस पेज के 22 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक साढ़े सात हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चूका है। I Support Modi नाम के पेज ने भी अपने 14 लाख फॉलोअर्स के बीच इस तस्वीर को पोस्ट किया है जिसे अब तक 2 हजार से ज्यादा बार शेयर किया गया है। ‘हिंदुत्व से बढ़कर कोई धर्म नहीं”गौ गीता गंगा और गायत्री’ नामक पेज ने भी इसी तस्वीर को पोस्ट किया है। इस पेज के 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

कई पर्सनल आईडी से इस तस्वीर को पोस्ट किया गया है और सोशल मीडिया पर कई ऐसे पेजों से शेयर किया जा रहा है जिसके लाखों फॉलोअर्स हैं। शब्दों में थोड़ा बदलाव करके ‘गर्व से कहो भारतीय हो’ पेज ने भी रवीश कुमार का बयान जारी किया है। इस पेज के 58 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

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‘गर्व से कहो भारतीय हो’ पेज से पोस्ट किए गए तस्वीर में लिखा है, ” हद होती है दलाल पत्रकारिता की भी 14 लेन रोड बनने के बाद उद्घाटन होने पर रिपोर्टर रवीश कुमार का बयान। 14 लेन रोड बनने से गाड़ियाँ दिल्ली से मेरठ में 45 मिनट में बेच दी जाएगी और रोड बनने से प्रदुषण बढ़ेगा।” इस पोस्ट को अब तक लगभग 2 हजार बार शेयर किया गया है।

इस पेज ने पहले भी रवीश कुमार का यह फर्जी बयान जारी किया था, “मुझे दुःख है कि मोदी जैसा गुंडा मेरे देश का प्रधानमंत्री है” जिसे व्हात्सप्प पर खूब फैलाया गया। नीचे तस्वीर में ‘गर्व से कहो भारतीय हो’ का निशान देखा जा सकता है। अक्सर हम यह देखते है कि ऐसे पेज जिनके लाखों फॉलोअर्स होते हैं, ये अपने पेज से पोस्ट किए जाने वाले तस्वीर पर अपने पेज के निशान के साथ पोस्ट करते हैं।

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27 मई, 2018 को पीएम मोदी ने 14 लेन का दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पहले हिस्से का उद्घाटन किया था। इसके बाद अधिक पहुँच वाले कुछ फेसबुक पेजों ने यह बयान वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का बताकर फेसबुक पर वायरल कर दिया।

न सिर्फ फेसबुक बल्कि ट्विटर पर भी यह वायरल है।

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“बीसयों हज़ार पेड़ काटकर “दिल्ली मेरठ हाईवे” बनाने से कितना प्रदूषण फैलेगा …क्या इसका अंदाजा है इस मोदी सरकार को दिल्ली और मेरठ के लोगों की जिंदगी नरक हो जाएगी” ये शब्द कुछ अन्य शब्दों के साथ व्हाट्सएप्प पर भी रवीश कुमार का बताकर वायरल किया जा रहा है।

ऑल्ट न्यूज़ ने रवीश कुमार से इस वायरल बयान को लेकर संपर्क किया। उन्होंने कहा, “मैंने इस तरह का बयान नहीं दिया है। इस तरह के मीम बनाकर काफ़ी वायरल किए जा रहे हैं। मुझे कई मेसेज मिले जिसमें इसके हवाले से मेरे चैनल को और मुझे भला बुरा कहा गया जबकि इस तरह का बयान मैंने नहीं दिया और न ही चैनल पर चला। सच बात ये है कि जिस दिन प्रधानमंत्री इस सड़क का उद्घाटन कर रहे थे उस दिन मैं दफ़्तर ही नहीं गया। तो चैनल पर बोलने का सवाल ही पैदा नहीं होता। मैं अपने आधिकारिक फ़ेसबुक पेज @RavishKaPage पर लिखता हूँ, वहाँ भी कुछ नहीं लिखा, फिर ये कौन लोग हैं जो मेरे नाम से ये बयान चला रहे हैं। हाल ही में गीता रेप मामले में मेरे नाम से झूठा बयान बनाकर वायरल किया गया ताकि लोगों को भड़काया जा सके। इस बार भी वही कोशिश है। जिस तरह के पेज से यह प्रयास हो रहा है उससे साबित होता है कि संगठित राजनीतिक प्रयास है। मैं प्रधानमंत्री का उम्मीदवार भी घोषित नहीं हुआ हूँ फिर भी ये लोग हर मसले पर मेरे नाम से बयान बनाकर चलाते हैं, पाठकों को भड़काते हैं। क्या पता इन्हें लगता हो कि इस वक़्त मैं ही चुनौती हूँ उस पद पर बैठे उनके नेता नरेंद्र मोदी के लिए। यह कितना दुखद है। एक बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी के लिए प्रचार करने वाले फ़ेसबुक पन्नों और व्हाट्स अप समूहों के ज़रिए मेरे ख़िलाफ़ लोगों को भड़काया जा रहा है।”

हाल ही में हमने देखा कि किस तरह कई नंबरों से रवीश कुमार को गन्दी गालियाँ दी जा रही थी। इतना ही नहीं फिर खुले रूप से विडियो बनाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के फर्जी बयान जारी करके रवीश कुमार को निशाना बनाया गया है। ऑल्ट न्यूज़ ने पहले भी बताया था कि किस तरह 11 साल की गीता रेप केस से सम्बंधित एक फर्जी बयान वायरल किया गया था, जिसके अनुसार उन्होंने रेप को इच्छा से यौन संबंध करार दिया था। एक और फर्जी बयान तब जारी किया गया था जब मौजूदा सरकार ने हर गाँव में बिजली पहुँचाने का दावा किया था।

विचारधाराओं में अंतर के कारण पत्रकारों को निशाना बनाने वाले नागरिकों को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में विभिन्न राय और विचार-विमर्श की आवश्यकता होती है और किसी पत्रकार या पत्रकारिता के खिलाफ इस तरह का दुष्प्रचार देश के हित में नहीं है।

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