ऑल इंडिया परिसंघ ने एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक सिपाही हथियार के साथ खड़ा है. और उसे एक छोटी बच्ची मुक्का मारने के लिए बार-बार हाथ उठाती है. सिपाही चुपचाप शांत खड़ा रहता है. थोड़ी देर बाद वो वहां से चला जाता है. (आर्काइव लिंक)

NDTV इंडिया ने भी इस वायरल वीडियो के आधार पर एक रिपोर्ट पब्लिश की. हालांकि, चैनल ने आर्टिकल में इस बात का ज़िक्र किया कि वो इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहे हैं. (आर्टिकल का आर्काइव लिंक)

NDTV के ट्विटर और फ़ेसबुक अकाउंट से भी ये आर्टिकल शेयर किया गया. चैनल ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया है लेकिन फ़ेसबुक का पोस्ट अभी भी मौजूद है. लोकमत मराठी और एशियानेट ने भी इस बारे में एक रिपोर्ट पब्लिश की. एशियानेट ने टाइटल में लिखा, “इस बच्ची का हौसला देख पुतिन भी हो जाएंगे परास्त.”

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कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने वीडियो के स्क्रीनग्रैब शेयर करते हुए इसे हाल के यूक्रेन हमला से जोड़ा है.

फ़ैक्ट-चेक

वायरल ट्वीट के कमेंट में कुछ लोगों ने बताया कि ये 9 साल पुराना वीडियो है और लड़की फ़लीस्तीन की है. इस आधार पर की-वर्ड्स सर्च से हमें इस घटना का एक लम्बा वीडियो मिला. ये यूट्यूब पर दिसम्बर 2012 में अपलोड किया गया था. वीडियो के टाइटल में बताया गया है कि इस लड़की का नाम अहद तमीमी है.

अहद तमीमी नाम की इस लड़की का एक और वीडियो 2017 में काफ़ी वायरल हुआ था. इसमें उन्हें इजराइली सेना को थप्पड़ मारते हुए देखा गया था. इस वीडियो के बाद 16 साल की अहद को 8 महीने के लिए गिरफ़्तार किया गया था. अलजज़ीरा ने 2018 में अहद पर एक फ़ीचर वीडियो बनाया था. इस रिपोर्ट में भी अहद की 2012 में सेना को हाथ दिखने की तस्वीर शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक, अहद उस वक़्त सिर्फ 11 साल की थी. और अब वो फ़लीस्तीनियों के लिए वो प्रतिरोध का प्रतीक बन चुकी हैं. 2012 में इजरायली सैनिक अहद के बड़े भाई को गिरफ़्तार कर लिए थे. इस घटना के बाद अहद ने सैनिक पर चिल्लाते हुए हाथ उठाया था.

यानी, फ़लीस्तीन में इजराइली सेना पर चिल्लाने वाली एक बच्ची का वीडियो 2012 का है. इसे हाल में यूक्रेन की घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

ग़लत
दावा:
यूक्रेन में रूसी सैनिक पर चिल्लाती बच्ची.

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