हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के संस्थापक-कुलपति ओम थानवी ने 4 मार्च 2022 को एक वीडियो ट्वीट किया. ये वीडियो न्यूज़18 के प्रसारण का है. वीडियो में कुछ लोग बता रहे हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें वोट न देने के लिए पैसे दिए. और उनके उंगलियों पर निशान लगा दिए. वीडियो में ये घटना उत्तर प्रदेश के ताराजीवनपुर गांव की बताई गई है. ये गांव चंदौली ज़िले में है. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 4 हज़ार से ज़्यादा रीट्वीट और 9 हज़ार से ज़्यादा बार लाइक किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

पाठक गौर करें कि ये वीडियो यूपी में हाल में चल रहे विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. ट्विटर हैन्डल ‘@dhrubachoudhur5’ ने भी ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया. (आर्काइव लिंक)

उत्तर-पूर्व मुंबई कांग्रेस सेवादल ने भी ये वीडियो ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर और भी कई यूज़र्स ने ये वीडियो हाल के विधानसभा चुनाव से जोड़कर पोस्ट किया.

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फ़ैक्ट-चेक

चंदौली पुलिस ने ओम थानवी के ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए बताया कि ये वीडियो 2019 की घटना का है. पुलिस ने कहा कि उस वक़्त इस प्रकरण में कार्यवाही की गई थी.

आगे, सर्च करते हुए ऑल्ट न्यूज़ को 19 मई 2019 का न्यूज़18 का आर्टिकल मिला. इस आर्टिकल में यही वीडियो शेयर किया गया गया था. पूरा मामला कुछ यूं था कि ताराजीवनपुर गांव में दलित बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें वोट न देने के लिए कहा और बदले में 500 रुपये भी दिए. और ऐसा करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनकी हाथ पर स्याही भी लगा दी थी. रिपोर्ट में लिखा है, “इस मामले में चंदौली के एसडीएम हर्ष कुमार ने बताया कि देर रात यह सूचना मिली है कि ताराजीवनपुर गांव के दलित बस्ती के लोगों ने नोट देकर वोट खरीदने का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने वोट न देने के लिए उन्हें पैसे बांटे और उंगली पर निशान लगा दिया.”

ध्यान दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में चंदौली से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय चुनाव मैदान में थे. वायरल वीडियो में भी महेंद्र पांडेय पर ही आरोप लगाया गया है. महेंद्र नाथ पांडेय फिलहाल चंदौली सीट से ही भाजपा सांसद हैं.

ANI यूपी/उत्तराखंड ने 19 मई 2019 को इस घटना की कुछ तस्वीरें ट्वीट की थीं. ट्वीट में एसडीएम हर्ष कुमार के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में शिकायत दर्ज की जा चुकी थी. और उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता वोट देने के लिए योग्य है क्योंकि चुनाव शुरू नहीं हुआ था. एसडीएम ने कहा कि शिकायकर्ताओं को FIR में ये बात बतानी होगी कि उनकी उंगली पर ज़बरदस्ती से स्याही लगाई गई थी.

कुल मिलाकर, 2019 के लोकसभा चुनाव के वक़्त यूपी के चंदौली में तारा जीवनपुर गांव के लोगों ने भाजपा पर पैसे देकर वोट न देने को कहने का आरोप लगाया था. इस घटना का वीडियो हाल के यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर किया गया.

भ्रामक
दावा:
यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लोगों को 500 रुपये देकर वोट नहीं देने को कहा

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