2 मार्च को भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक अर्जेंट एडवाइज़री जारी की. एडवाइज़री में भारतीय नागरिकों से तुरंत खार्किव छोड़ने और शाम 6 बजे तक पेसोचिन, बाबे और बेज़लुवडोवका पहुंचने का आग्रह किया गया.

इसके तुरंत बाद, नितिन ए गोखले ने ट्वीट किया कि रूस इस चौतरफा हमले से पहले खार्किव में सभी भारतीयों को 6 घंटे के अंदर सुरक्षित रास्ते से आने की अनुमति देने के लिए ‘सहमत’ था. नितिन गोखले के ट्विटर बायो में लिखा है कि वो एक राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक हैं.

एक मीडिया आउटलेट से बात करते हुए नितिन गोखले ने कहा, “भारत सरकार ने बातचीत के दौरान लगातार एक रास्ता, एक सुरक्षित रास्ता देने के लिए रिक्वेस्ट किया. रूस ने साफ़ तौर पर सहमति जताई और 6 घंटे के लिए रास्ता देते हुए ये कहा कि हम भारतीयों को जाने देंगे. या तो वे ट्रेन या किसी और रास्ते से बाहर निकलेंगे…”

उनके इस दावे के कुछ घंटे बाद बीजेपी महाराष्ट्र ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ करते हुए ये दावा किया.

इसके बाद कई पत्रकार और ‘डिफ़ेंस पैनलिस्ट’ ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तारीफ़ करते हुए यही दावा ट्वीट किया. ऐसा दावा करने वालों की लिस्ट में आदित्य राज कौल, अमीश देवगन, अभिजीत मजूमदार, प्रदीप भंडारी और अभिजीत अय्यर मित्रा शामिल हैं.

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एशियानेट न्यूज़, एबीपी न्यूज़, अमर उजाला, पत्रिका, पंजाब केसरी और न्यूज़18 जैसे मीडिया आउटलेट्स भी ये दावा किया है.

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BJYM पश्चिम बंगाल की सदस्य प्रियंका शर्मा, RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइज़र वीकली और पोस्टकार्ड न्यूज़ के संस्थापक महेश विक्रम हेगड़े ने भी ये दावा किया कि रूस ने भारत के कहने पर “6 घंटे के लिए युद्ध रोक दिया.”

ज़ी न्यूज़ के सुधीर चौधरी ने भी अपने प्रोग्राम DNA में ऐसा दावा किया. नीचे पोस्ट किये गए वीडियो में 11 मिनट 30 सेकंड के बाद सुधीर चौधरी कहते हैं कि वो एक बड़ी ख़बर देने वाले हैं जो शायद सभी भारतीयों को पता होनी चाहिए और ये गर्व की बात है. इसके बाद वो कहते हैं कि भारत सरकार ने रूस से बात कर 6-8 घंटे के लिए ये युद्ध रुकवा दी ताकि वहां से भारतीयों को निकाला जा सके. 2 मिनट में वो 4 बार ऐसा दावा करते हैं.

फ़ैक्ट-चेक 

विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ तौर पर ये कहा गया कि भारत अलग-अलग स्तर पर रूस सरकार के संपर्क में है. हालांकि, भारतीय नागरिकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रूस ने “6 घंटे के लिए युद्ध नहीं रोका था.” विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “मुझे नहीं पता कि सही नियम क्या है … मुझे नहीं पता कि मैं और कुछ बता सकता हूं या नहीं. हमें ये विशेष इनपुट मिला है कि ये कुछ रास्ते हैं जो कि उपलब्ध है. ये कुछ जगहें हैं जहां भारतीय नागरिकों को इस समय तक पहुंच जाना चाहिए. हमने अपने नागरिकों को बताया और मुझे खुशी है कि बहुत से लोग वहां पहुंच पाए… ये कहना कि कोई बमबारी रोक रहा है या ऐसा कुछ जिसके लिए हम कॉर्डीनेट कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि ये बिल्कुल ग़लत है. मुझे नहीं लगता … ये तो वही बात हो जाएगी कि क्या फिर हमारे कहने पर बमबारी शुरू हुई. मुझे लगता है कि ये बात हमारी पहुंच से काफी आगे जा रही है.” विदेश मंत्रालय के बयान के इस हिस्से को नीचे दिए गए प्रसारण में 20 मिनट 20 सेकेंड पर देखा जा सकता है.

द हिंदू में डिप्लोमैटिक अफ़ेयर्स की संपादक सुहासिनी हैदर ने भी विदेश मंत्रालय के इस बयान को ट्वीट किया.

इस तरह कई पत्रकार और मीडिया संस्थानों ने पूरी तरह से एक ग़लत दावे को हवा दी. लेकिन विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद भी नितिन गोखले अपने दावे को सही ठहराते रहे और अब वो ये बता रहे हैं कि वो कैसे ‘सही’ थे.

ग़लत
दावा:
रूस ने भारत के कहने पर 6 घंटों के लिए युद्ध रोक दिया ताकि वहां फंसे भारतीय बाहर निकल सकें

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