एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें एक छोटे टापू पर ताड़ के पेड़ों से नरेंद्र मोदी की तस्वीर बनी है. कई यूज़र्स ने इसे सच मानकर कुदरत का करिश्मा बताकर शेयर किया. कई लोगों ने ये भी दावा किया कि ये तस्वीर एक फ्रेंच फ़ोटोग्राफर ने कर्नाटक के गोकर्णा में खींची थी.

एक यूजर ने ऐसी ही एक तस्वीर शेयर की जिसमें पेड़ की टहनियों और पत्तों से कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की तस्वीर बन रही है.

ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रहीं हैं.

फ़ैक्ट-चेक

पहली नजर में ही ये आर्टफ़िशियल इंटेलिजेंस का कमाल मालूम पड़ता है. हमने जब इस इमेज को रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें नरेंद्र मोदी जैसी दिखने वाली तस्वीर माधव कोहली नाम के यूज़र द्वारा ट्वीट की हुई मिली.

जब एक अन्य यूज़र ने माधव कोहली से पूछा कि ये किस एप्लिकेशन की मदद से बनायी गई है तो जवाब में उसने stable diffussion बताया.

हमें आर्टफ़िशियल इंटेलिजेंस टूल्स होस्ट करने वाली वेबसाइट Hugging Face पर इस हफ्ते के ट्रेंडिंग एप्लिकेशन में मौजूद illusion diffusion टूल मिला. इस एप्लिकेशन के टैगलाईन में लिखा है, Generate stunning high quality illusion artwork with Stable Diffusion. यानी, इस ऐप में Stable Diffusion की मदद से इल्यूजन आर्ट बनाए जा सकते हैं.

हमने इस एप्लिकेशन की मदद से नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ ऐसा ही आर्ट बनाने की कोशिश की तो हमें उससे मिलता-जुलता रिज़ल्ट मिला. यानी, ऐसे तस्वीर इस टूल की मदद से बनाये जा सकते हैं. नीचे इसके कुछ उदाहरण मौजूद हैं.

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राहुल गांधी की तस्वीर ट्वीट करने वाले यूजर ने भी बाद में डिसक्लेमर जोड़ा कि ये ट्वीट नरेंद्र मोदी का आर्टफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई तस्वीर शेयर करने वालों पर एक व्यंग्य था.

हमने देखा कि illusion diffusion एप्लिकेशन के क्रियेटर ने इस एप्लिकेशन के कंट्रीब्यूटर के एक वीडियो ट्वीट को कोट ट्वीट किया है, इसमें देखा जा सकता है कि किस प्रकार एक व्यक्ति के चेहरे के इनपुट से उससे मिलता-जलता इल्यूजन आर्ट बनाया जा रहा है.

कुल मिलाकर, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की AI से बनाई गई तस्वीर को सच मानकर उसे कुदरत का करिश्मा बताकर शेयर किया.

असत्य
दावा:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे से मिलते-जुलते पेड़ों की तस्वीर कर्नाटक के गोकर्ण में ली गई थी।

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