पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहा है. चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल को होगा. इस बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जो चुनावी सर्वे की बतायी जा रही है. तस्वीर में दिख रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भाजपा को भारी बढ़त मिलने वाली है. वायरल हो तस्वीर में दिख रहा है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से हार रही हैं. इस सर्वे को इंडियन पोलिटिकल ऐक्शन कमिटी (I-PAC) का बताया गया है. I-PAC एक राजनीतिक संस्था है.

भाजपा मुंबई के प्रवक्ता सुरेश नाखुआ ने ये वायरल तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “पीके द्वारा जारी सर्वे के मुताबिक Didler नंदीग्राम से हार रही है.” (आर्काइव लिंक)

दक्षिणपंथी मीडिया आउटलेट ऑप इंडिया ने भी इन तस्वीरों को लेकर आर्टिकल पब्लिश किया था जिसकी हेडलाइन है – “ममता नंदीग्राम हार रही हैं, प्रशांत किशोर का इंटर्नल सर्वे ये कहता है, TMC ने किया विरोध”. फ़िलहाल ऑप इंडिया ने अपने आर्टिकल में बदलाव कर दिए हैं लेकिन इस आर्टिकल का कैशे वर्ज़न आप यहां पर देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर हैन्डल “@KrishanuBJP” ने भी ये तस्वीर ट्वीट करते हुए यही दावा किया है. (आर्काइव लिंक)

और भी कई यूज़र्स ने ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्विटर और फ़ेसबुक पर शेयर की है.

फ़ैक्ट-चेक

तस्वीरों को गौर से देखने पर हमें कुछ गलतियां देखने को मिलीं जिससे इन तस्वीरों के फ़र्ज़ी होने की शंका हुई. जैसे, इसमें तृणमूल कांग्रेस की स्पेलिंग “AITMC” लिखी हुई है जबकि सही स्पेलिंग “AITC” है. AITC का फ़ुल फ़ॉर्म All India Trinamool Congress है. (नीचे तस्वीर में पीले रंग के निशान से वायरल तस्वीर में AITMC दिखाया गया है.)

इसके अलावा, सर्वे पेपर पर I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन की स्पेलिंग “Prateek Jain” लिखी हुई है. जबकि, प्रतीक की सही स्पेलिंग उनकी लिंक्ड-इन प्रोफ़ाइल पर मिलती है. वो अपने नाम की स्पेलिंग ‘Pratik Jain’ लिखते हैं.

अपने नाम की स्पेलिंग गलत लिखे जाने की जानकारी प्रतीक ने खुद ट्वीट करके भी बताई है.

इसके अलावा, I-PAC ने ट्वीट करते हुए इन वायरल तस्वीरों को फ़र्ज़ी बताया है.

कुछ दिनों पहले भी एक फ़र्ज़ी सर्वे की तस्वीर I-PAC की बताकर वायरल की गई थी. इस सर्वे में बताया गया था कि नंदीग्राम सीट से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी को 52 प्रतिशत वोट मिलेंगे जबकि ममता बनर्जी को 42 प्रतिशत वोट मिलेंगे. लेकिन ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए इस तस्वीर को फ़र्ज़ी बताया था.

तृणमूल कांग्रेस ने पहले शेयर किया था फ़र्ज़ी लेटर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा के स्टेट प्रेसिडेंट दिलीप घोष का बताकर एक कथित ख़त शेयर किया गया था. इसमें दिलीप घोष को भाजपा के नेशनल प्रेसिडेंट से ये कहते हुए दिखाया गया था कि चुनाव के पहले चरण के परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं हैं. तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने ये कथित ख़त शेयर किया था.(आर्काइव लिंक)

इसके एक दिन बाद दिलीप घोष के कार्यालय ने ट्वीट करते हुए इस लेटर को फ़र्ज़ी बताया था. ट्वीट के मुताबिक, दिलीप घोष के नाम से एक फ़र्ज़ी ख़त सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था. पश्चिम बंगाल भाजपा ने इस ख़त के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी.

न्यूज़ 18 की सीनियर एडिटर पल्लवी घोष ने भी इस फ़र्ज़ी ख़त के बारे में ट्वीट किया था.

इसके अलावा, हमने पाया कि वायरल ख़त में दिलीप घोष के हस्ताक्षर टाइम्स नाउ की रिपोर्टर अदिति अनारायण द्वारा शेयर किये गए डॉक्युमेंट में दिख रहे दिलीप घोष के हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहे थे.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. इस चुनावी दांव-पेंच में दोनों पार्टियों ने फ़र्ज़ी दावे करने शुरू कर दिए हैं. चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद, पहले तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए एक फ़र्ज़ी ख़त शेयर किया था. इसके बाद भाजपा के कई नेताओं ने दूसरे चरण के मतदान से पहले एक फ़र्ज़ी सर्वे शेयर करते हुए दावा किया कि ममता नंदीग्राम सीट से हारने वाली हैं.


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