पिछले महीने यूपी के हाथरस में एक 19 वर्षीय दलित महिला के साथ 4 लोगों ने कथित तौर पर गैंगरेप और बर्बरता की थी. 29 सितम्बर को पीड़िता ने दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था. उसी के बाद से इस घटना से जुड़ी कई भ्रामक सूचनाएं सोशल मीडिया पर हर कुछ दिनों में शेयर की जा रही हैं.

हाल ही में भीम आर्मी के संस्थापक और अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया गया कि वो इसमें ‘नक्सल भाभी’ के साथ खड़े हैं. ये तस्वीर फे़सबुक और ट्विटर पर इस कैप्शन के साथ शेयर की गयी, “ये हाथरस वाली भौजी के साथ कौन है कुछ समझे..!” एक ट्विटर यूज़र ने ये 13 अक्टूबर को पोस्ट किया.

जबलपुर के सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर राजकुमारी बंसल पर कई मीडिया आउटलेट्स ने नक्सल होने और हाथरस पीड़िता के घर में ‘रिश्तेदार बनकर रहने’ का आरोप लगाया था. डॉ. राजकुमारी बंसल ने दोनों ही दावों को ख़ारिज किया था और ऑल्ट न्यूज़ ने भी ‘नक्सल भाभी’ वाले ग़लत दावे का फै़क्ट चेक किया था.

गौरव प्रधान ने चंद्रशेखर की कथित ‘नक्सल भाभी’ के साथ तस्वीर शेयर की और बाद में ट्वीट हटा लिया (आर्काइव लिंक). ऑल्ट न्यूज़ ने 2018 में एक रिपोर्ट के ज़रिये गौरव प्रधान की फैलाई गयी कई भ्रामक सूचनाओं के बारे में बताया था. वो अभी भी समय-समय पर भ्रामक दावे करते रहते हैं.

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फै़क्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने जब चंद्रशेखर आज़ाद से संपर्क किया तो वो एक रैली में थे इसलिए फ़ोन पर बात नहीं कर पाए. हालांकि भीम आर्मी दिल्ली के अध्यक्ष हिमांशु वाल्मीकि ने वायरल तस्वीर में दिख रहीं महिला को पहचान लिया. उन्होंने कहा कि ये किरण यादव हैं. और बताया कि किरण सोशल मीडिया पर भी काफ़ी एक्टिव रहती हैं.

हिंदी न्यूज़ वेबसाइट पत्रिका ने रिपोर्ट किया था कि कुछ साल पहले राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर पोस्ट्स वायरल होने के बाद किरण यादव ने सोशल मीडिया में अच्छी जगह बना ली थी.

चंद्रशेखर आज़ाद ने 13 अक्टूबर को बूमलाइव को बताया था, “ये तस्वीर 2019 में ली गयी थी. मैं किरण यादव के परिवार से मिलने अम्बाला गया हुआ था. किरण मेरी बहन जैसी हैं और हम एक-दूसरे के बहुत करीब हैं. इस तस्वीर के अलावा किरण के बेटे के साथ भी तस्वीरें हैं.”

ऑल्ट न्यूज़ ने किरण यादव की फे़सबुक पर अपलोड की गयी एक तस्वीर और डॉ. राजकुमारी की एक तस्वीर जिसे द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने पब्लिश किया था, दोनों की तुलना की. दोनों के चेहरे साफ़ तौर पर अलग हैं.

यानी, सोशल मीडिया पर भीम आर्मी चीफ़ चंद्रशेखर आज़ाद की तस्वीर में वो डॉ. राजकुमारी बंसल नहीं किरण यादव के साथ खड़े हैं. इससे पहले भी एक ग़लत दावे में एक कांग्रेस सदस्य को डॉ. बंसल बताया गया था और उन्हें भी नक्सल भाभी कहा जा रहा था. इसके अलावा ये भी भ्रामक सूचना फैलाई गयी कि प्रियंका गांधी ने हाथरस पीड़िता के घर पर डॉ. बंसल को गले लगाया था.

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About the Author

Archit is a graduate in English Literature from The MS University of Baroda. He also holds a post-graduation diploma in journalism from the Asian College of Journalism. Since then he has worked at Essel Group's English news channel at WION as a trainee journalist, at S3IDF as a fundraising & communications officer and at The Hindu as a reporter. At Alt News, he works as a fact-checking journalist.