दिल्ली भाजपा के नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने 25 सितंबर 2021 को एक तस्वीर ट्वीट की. तस्वीर में राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए दिख रहे हैं. जबकि उनके पीछे एक व्यक्ति को पॉइंट आउट कर दावा किया गया है कि ये सुब्रह्मण्यम स्वामी हैं. और वो कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

और भी ट्विटर यूज़र्स ने भी ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्वीट की. (लिंक 1, लिंक 2)

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फ़ैक्ट-चेक

तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने गूगल रिवर्स इमेज किया. गेटी इमेजेज़ पर ये तस्वीर मौजूद थी. इसकी तारीख 10 दिसम्बर 2018 बतायी गयी है. कैप्शन के मुताबिक, नई दिल्ली में 10 दिसम्बर 2018 को विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई थी जिसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी. हिंदुस्तान टाइम्स के फ़ोटोग्राफ़र अरविन्द यादव ने ये तस्वीर खींची थी. ANI ने भी इस बैठक की ख़बर देते हुए ट्वीट किया था.

गेटी इमेजेज़ पर मौजूद इस तस्वीर को ध्यान से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि तस्वीर में दिख रहे शख्स ने चश्मा पहना हुआ है. लेकिन सुब्रमण्यम स्वामी को ज़्यादातर बगैर चश्मे के ही देखा गया है. ये व्यक्ति भले ही दूर से भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी जैसा दिख रहा था लेकिन तस्वीर को ज़ूम करने पर दोनों के चेहरे के बीच का अंतर दिखता है.

आगे, तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति की असलियत जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज प्रणव झा से संपर्क किया. उन्होंने बताया, “तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति सुब्रमण्यम स्वामी नहीं बल्कि मनीष चतरथ हैं. वो मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी हैं.”

ऑल्ट न्यूज़ ने मनीष चतरथ से भी संपर्क किया. उन्होंने तस्वीर देखकर बताया कि ये तस्वीर उन्हीं की है.

इस तस्वीर की असलियत बताते हुए इंडिया टुडे और बूम लाइव ने भी फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट्स पब्लिश की हैं.

14 अगस्त 2021 को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि वो प्रधानमंत्री मोदी की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के खिलाफ़ हैं. उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि मोदी देश के राजा नहीं हैं. इस बयान के बाद उनका काफ़ी विरोध हुआ था.

यानी, विपक्ष की प्रेस कॉन्फ़्रेंस की तस्वीर झूठे दावे के साथ शेयर की गई कि सुब्रमण्यम स्वामी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. जबकि तस्वीर में दिख रहे शख्स कांग्रेस नेता मनीश चतरथ हैं.


नरेंद्र मोदी की अमरीकी यात्रा के दौरान उन्हें अपशब्द कहने वाला वीडियो भ्रामक है और 2019 का है :

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