सोशल मीडिया पर एक क्लिप वायरल है जिसमें एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल में कई लोग एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंक रहे हैं. यूज़र्स ने ये क्लिप शेयर करते हुए दावा किया कि ये तमिलनाडु में बीजेपी की मीटिंग का वीडियो है.
गुजरात के वडगाम से कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने ये वीडियो X (ट्विटर) पर इस कैप्शन के साथ ट्वीट किया, “400 पार करने का तो नहीं पता, लेकिन भाजपा की मीटिंग में 400 कुर्सियां जरूर उछलती दिख रही हैं.” बाद में उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर दिया.

सोशल मीडिया के लिए कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर अरुण रेड्डी ने 8 अप्रैल को X पर ये क्लिप पोस्ट करते हुए कहा: “400 सीटों के बारे में निश्चित नहीं हूं.. लेकिन निश्चित रूप से तमिलनाडु में भाजपा की बैठक के दौरान 400 कुर्सियां एक-दूसरे पर फेंकी गईं.” आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 37 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया और 500 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया. (आर्काइव)
Not sure about 400 seats.. but definitely 400 chairs were thrown at each other during a BJP meeting in Tamil Nadu. pic.twitter.com/3ChNVRCMi2
— Spirit of Congress✋ (@SpiritOfCongres) April 8, 2024
एक प्रीमियम सब्सक्राइब्ड X यूज़र, ज़ाकिर अली त्यागी (जो अपने बायो के अनुसार एक पत्रकार हैं) ने भी 8 अप्रैल को वायरल वीडियो इस कैप्शन के साथ ट्वीट किया. लोकसभा चुनाव में 400 सीटें लाने का दावा करने वाली BJP 400 कुर्सियों का इंतेज़ाम कर रही है इसलिए कोई ये न कहे कि “बीजेपी के प्रोग्राम में BJP कार्यकर्ताओं में हुई हाथापाई चली कुर्सियां.” (आर्काइव)
कई यूज़र्स ने भी वायरल वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है.
फ़ैक्ट-चेक
वीडियो ध्यान से देखने पर, हमें 12 सेकेंड पर “न्यूज़18” लोगो वाला एक बैनर दिखाई दिया.

हमने वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया जिससे हमें बीजेपी कांचीपुरम के ऑफ़िशियल हैंडल (@bjp4kanchi) का एक ट्वीट मिला. इसमें यही वायरल क्लिप थी. तमिल में लिखे कैप्शन का हिंदी अनुवाद है, “6.4.24 को कांची में आयोजित एकल बहस कार्यक्रम में भाजपा के राज्य सचिव @SuryahSG ने DMK के झूठे आरोपों का उचित जवाब देना जारी रखा. कांची विधायक एहिलारासन इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए कि DMK ने कांचीपुरम निर्वाचन क्षेत्र के साथ क्या किया है.
इस हैंडल ने थ्रेड में एक और ट्वीट जोड़ा जिसमें कहा गया, “DMK सदस्य समझ नहीं पा रहे थे कि कैसे जवाब दिया जाए और इससे निपटने के लिए DMK सदस्यों ने तुरंत बीजेपी अधिकारियों से बात करना शुरू कर दिया और फिर अपने सदस्यों के साथ बीजेपी सदस्यों पर हमला करना शुरू कर दिया.
6.4.24 அன்று காஞ்சியில் நடைபெற்ற தனியார் விவாத நிகழ்ச்சியில் பாஜக மாநில செயலாளர் @SuryahSG அவர்கள் தொடர்ந்து திமுக பொய்களுக்கு தரமான பதிலடி கொடுத்துக்கொண்டு இருந்தார் காஞ்சி MLA எழிலரசனிடம் காஞ்சிபுரம் தொகுதிக்கு திமுக என்ன செய்தது என்று கேள்வி கேட்டதுக்கு பதில் சொல்ல முடியாத pic.twitter.com/FP44wmEZMg
— BJP Kanchipuram Official (@bjp4kanchi) April 6, 2024
हमें द कम्यून की एक न्यूज़ रिपोर्ट भी मिली जिसमें कहा गया था कि न्यूज़18 तमिलनाडु ने 6 अप्रैल को उमा मुरुगन महल, कांचीपुरम में “मक्का सभा” नामक एक लाइव कार्यक्रम आयोजित किया था. समिति में मौजूदा विधायकों सहित अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल थे जिन्होंने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों के बारे में अपने विचार पेश किए.
DMK नेता और विधायक एहिलारासन, बीजेपी नेता डॉ. SG सूर्या, CPI (M) नेता के बालाभारती, AIDMK से कल्याण सुंदरम, DMK से बाशा और एनटीके से कलंजियम आमंत्रित लोगों में शामिल थे. कार्यक्रम की मेजबानी न्यूज़18 तमिलनाडु के वरिष्ठ एंकर बालावेल चक्रवर्ती ने की.
रिपोर्ट में आगे ये ज़िक्र किया गया है कि कार्यक्रम में भाजपा और द्रमुक प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस से दर्शकों में मौजूद पार्टियों के समर्थक नाराज़ हो गए जिससे मारपीट शुरू हो गई.
इसे ध्यान रखते हुए हमने सबंधित की-वर्डस सर्च किया. हमें न्यूज़18 तमिलनाडु के चैनल पर 6 अप्रैल को पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला. वीडियो के टाइटल में कहा गया है, “सभी पार्टियां हमारे खिलाफ हैं. जब हम तमिलनाडु भाजपा कहते हैं, तो वहां एकता है – कलंजियम.” इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन सेक्शन में हैशटैग “मक्कल सबाई” लिखा है और बालावेल चक्रवर्ती को कार्यक्रम होस्ट करते हुए देखा जा सकता है. द कम्यून रिपोर्ट में बताए गए व्यक्तियों को कार्यक्रम में बैठे देखा जा सकता है.
आगे, इस वीडियो के एक फ़्रेम और वायरल वीडियो के फ़्रेम के बीच तुलना की गई है.

कुल मिलाकर, ये कहा जा सकता है कि हाथापाई का ये वीडियो तमिलनाडु में भाजपा की बैठक का नहीं था. तमिलनाडु के कांचीपुरम में न्यूज़18 तमिलनाडु द्वारा आयोजित एक बहस में दर्शकों के बीच झड़प हो गई जिसमें सत्तारूढ़ और विपक्षी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था.





