राहुल गांधी का 42 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. भाजपा समर्थक और राइट-विंग इनफ़्लूएंसर्स इसे शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने कहा कि वे देश का एक्स-रे करेंगे और पता लगाएंगे कि देश में अल्पसंख्यक समुदाय की कितनी भागीदारी है. इसके बाद वे फाइनेंसियल और इन्स्टीट्यूशनल सर्वे करेंगे और ये पता लगाएंगे कि हिंदुस्तान का धन किसके हाथों में है. इसके बाद जो उनका हक बनता है वो उसे दिलवाएंगे.

भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि राहुल गांधी खुलेआम हिंदुओं के अधिकार और संपत्ति छीनने की बात कर रहे हैं.

अक्सर फ़र्ज़ी ख़बर फैलाने वाले अरूण पुडुर ने वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी देशव्यापी एक्स-रे करेंगे और पता लगाएंगे कि अल्पसंख्यकों की कितनी हिस्सेदारी है. इसके बाद वे व्यक्तिगत वित्त और संस्थानों का सर्वेक्षण करके पता लगाएंगे कि किसके पास कितना धन है, जिसके बाद धन का पुनर्वितरण किया जाएगा.

राइट विंग ट्रोल अजीत भारती ने भी 42 सेकेंड का वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया और कटाक्ष करते हुए कहा कि कोई इतना मूर्ख कैसे हो सकता है?

फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल वीडियो के एक फ्रेम को सर्च किया तो वीडियो का बड़ा हिस्सा राहुल गांधी के यूट्यूब चैनल पर 6 अप्रैल 2024 को अपलोड किया हुआ मिला. इसमें राहुल गांधी हैदराबाद में मेनिफ़ेस्टो लॉन्च को लेकर रैली कर रहे थे. इस वीडियो के 31 मिनट 54 सेकेंड पर वायरल वीडियो वाला पार्ट आता है. इसमें राहुल गांधी कहते हैं, “देश का एक्स-रे कर देंगे, दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा. पिछड़े वर्ग को, दलितों को, आदिवासियों को, गरीब जनरल कास्ट के लोगों को, माइनॉरिटी को पता लग जाएगा कि इस देश में उनकी भागीदारी कितनी है. इसके बाद हम फाइनेंशियल और इंस्टीट्यूशनल सर्वे करेंगे, ये पता लगाएंगे हिंदुस्तान का धन किसके हाथों में है, कौन से वर्ग के हाथ में है. और इस ऐतिहासिक कदम के बाद हम क्रांतिकारी काम शुरू करेंगे, जो आपका हक बनता है वो हम आपके लिए आपको देने का काम करेंगे.”

ऊपर दिए गए बयान में हमने उस हिस्से को बोल्ड में रखा है जिसे वायरल वीडियो से हटा दिया गया है.

राहुल गांधी के इसी बयान से पिछड़े वर्ग, दलित, आदिवासी और गरीब जनरल कास्ट के लोगों को नाम को काट-छाँटकर वीडियो एडिट किया गया था ताकि ऐसा प्रतीत हो कि राहुल गांधी ये बातें सिर्फ माइनॉरिटी के बारे में कह रहे थे.

कुल मिलाकर राहुल गांधी ने सिर्फ अल्पसंख्यक समुदाय के बारे में नहीं कहा था कि वे अल्पसंख्यकों को उनका हक दिलायेंगे. दरअसल, राहुल गांधी पिछड़े वर्ग, दलित, आदिवासी और गरीब सामान्य जाति के लोगों और अल्पसंख्यकों के बारे में ये बात कह रहे थे. उनके बयान के वीडियो को एडिट कर उसमें छेड़छाड़ की गई और वीडियो में सिर्फ अल्पसंख्यकों को रखकर सभी वर्गों के नाम हटा दिए गए.

ग़लत
दावा:
राहुल गांधी ने माइनोरिटी के बारे में कहा कि वे फाइनेंसियल सर्व करवाकर जो उनका हक बनता है वो उसे दिलवाएंगे

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