सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कमरे में कई वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीनें रखी हुई हैं जिन्हें खोलकर पर्चियां निकाली जा रही है और उसे एक काले बैग में रखा जा रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये 19 अप्रैल को 2024 लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण का वीडियो है जहां VVPAT मशीन से पर्चियाँ चुराई जा रही हैं और भारतीय जनता पार्टी अपनी पर्ची इसमें डलवा रही है.

संदीप वर्मा नाम के यूज़र ने ट्विटर पर वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया कि 19 अप्रैल को हुए चुनाव हुआ चुनाव के बाद टाइट सिक्योरिटी में रखी जाने वाली वीवीपीएटी मशीन से पर्ची चुराई जा रही है और भाजपा इसमें अपनी पर्ची डलवा रही है.

जेनिफर फर्नांडीस ने वीडियो ट्वीट कर इसपर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को टैग किया और कहा कि इन मशीनों को खोलकर रोल क्यों रिप्लेस किया जा रहा है.

किरण पटनायक ने भी वीडियो ट्वीट करते हुए सवाल उठाया कि बिना गिनती किये और पर्चियों को सील किये बिना कहाँ ले जाया जा रहा है?

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो के फ़्रेम को गूगल पर रिवर्स-इमेज सर्च किया तो हमें ये वीडियो 13 दिसंबर 2022 को एक यूज़र द्वारा अपलोड किया हुआ मिला. यानी, ये वीडियो पुराना है. और इसका 2024 लोकसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है.

इस वीडियो पर भावनगर के कलेक्टर ने आधिकारिक अकाउंट से रिप्लाई करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, काउंटिंग पूरी होने के बाद पर्चियों को वीवीपैट मशीन से हटाकर एक काले लिफाफे में डाल दिया जाता है और उसे सील कर दिया जाता है, ताकि आगे के चुनावों में वीवीपैट का इस्तेमाल किया जा सके. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है जिसकी एक कॉपी स्ट्रांग रूम में रहती है और एक कॉपी संबंधित डीईओ के पास रखी जाती है.

कुल मिलाकर, कई यूज़र्स ने वीवीपैट मशीन से पर्चियों को हटाने की रूटीन प्रक्रिया का पुराना वीडियो 2024 के लोकसभा चुनाव से जोड़कर शेयर किया और साथ में झूठा दावा किया कि वीवीपीएटी मशीन से पर्ची चुराई जा रही है.

ग़लत
दावा:
2024 लोकसभा चुनाव में स्ट्रॉंग रूम से वीवीपीएटी मशीनों की पर्ची चुराई जा रही है और उसे बदला जा रहा है

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें