देश से निष्काषित हो चुके पाकिस्तानी कार्यकर्ता आरिफ़ अज़ाकिया ने 10 जनवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का 26 सेकंड का एक वीडियो ट्वीट किया. ये इमरान खान के किसी भाषण का एक हिस्सा है और इमरान खान कहते हुए सुने जा सकते हैं, “अगर पाकिस्तान को एक मज़बूत फ़ौज की ज़रूरत है तो आज ज़रूरत है. और क्यों जरुरत है? क्योंकि हमारे साथ जो हमारा हमसाया है. 73 साल की तारीख़ में बर-ए-सग़ीर में इस तरह की हुकूमत नहीं आई जो हिंदुस्तान में आई है.” इसके ठीक बाद किसी न्यूज़ ऐंकर का वॉइस-ओवर आता है जिसमें यही बात दोहराई जा रही है. इस वीडियो में “92 Plus” का लोगो देखा जा सकता है.

अगले ही दिन कॉलमिस्ट शेफ़ाली वैद्या ने यही वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “@narendramodi सरकार का इससे बड़ा प्रचार नहीं हो सकता है. आपके शत्रु ही सार्वजानिक तौर से स्वीकार कर रहे हैं कि भारत में 73 वर्षों में ऐसी मजबूत और लौह-इच्छाशक्ति वाली सरकार नहीं आई.” उन्होंने इसे अपने फे़सबुक प्रोफ़ाइल से भी शेयर किया.

एडिटेड वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने यूट्यूब पर ’92 News’ सर्च किया और हमें पाकिस्तान का एक न्यूज़ चैनल, 92 न्यूज़ HD मिला. हमने इसके सभी वीडियोज़ खंगाले और पाया कि वायरल वीडियो इसी चैनल के एक न्यूज़ बुलेटिन का हिस्सा है.

बुलेटिन में सिर्फ़ हेडलाइंस ही बतायी जा रही हैं. इसी में इमरान खान के भाषण का 20 सेकंड का हिस्सा दिखाया गया है. लेकिन ऐंकर ने इसका सन्दर्भ स्पष्ट किया है.

इसी वीडियो के 56 सेकंड से लेकर 1 मिनट 16 सेकंड तक का हिस्सा निकाला गया है जो वायरल हो रहा है. जब हम 1 मिनट 16 सेकंड से आगे सुनते हैं तो पता चलता है कि इमरान खान EU DisinfoLab की भारत में फ़ेक वेबसाइट पर रिपोर्ट की बात कर रहे हैं. इस रिपोर्ट में दिखाया गया है कि कैसे जो मीडिया आउटलेट, विशेषज्ञ, NGO और लोग इस दुनिया में हैं भी नहीं, उनकी मौजूदगी दिखा कर ग़लत सूचनाओं का नेटवर्क तैयार किया गया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, ये नेटवर्क ब्रुसेल्स और जिनेवा में कार्यरत है और पाकिस्तान की छवि ख़राब करने वाले कंटेंट का प्रचार करता है.

इमरान खान का पूरा भाषण क्या बताता है?

इमरान खान ने चकवाल में 26 दिसम्बर को एक भाषण दिया था. इसे 92 न्यूज़ HD समेत कई मीडिया आउटलेट्स ने कवर किया था.

2 मिनट 11 सेकंड के पास वो EU DisinfoLab की रिपोर्ट की बात करते हैं. वायरल हिस्सा 5 मिनट 57 सेकंड से शुरू होता है और 6 मिनट 11 सेकंड पर ख़त्म हो रहा है.

5 मिनट 57 सेकंड के आगे वो कहते हैं, “अगर पाकिस्तान को एक मजबूत फ़ौज की ज़रूरत है तो आज ज़रूरत है. और क्यों ज़रूरत है? क्यूंकि हमारे साथ जो हमारा हमसाया है 73 साल की तारीख में बर-ए-सग़ीर में इस तरह की हुकूमत नहीं आई जो आज हिंदुस्तान में आई है, जो कि एक इम्तेहापसंद, एक टोटेलिटेरियन (totalitarian), रेसिस्ट, ऐंटी-मुसलमान और ऐंटी-इस्लाम और ऐंटी-पाकिस्तान, कभी ऐसी हुकूमत नहीं आई और जो उन्होंने कश्मीरियों से कर रहे हैं…” यानी ये साफ़ है कि इमरान खान ने किसी भी ऐंगल से नरेन्द्र मोदी की तारीफ़ नहीं की है.

पाकिस्तानी कार्यकार्ता आरिफ़ अज़ाकिया और कॉलमिस्ट शेफ़ाली वैद्या ने 26 दिसम्बर के एक न्यूज़ बुलेटिन का हिस्सा शेयर करते हुए ग़लत दावा किया कि पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने मोदी सरकार की तारीफ़ की है. पूरा वीडियो देखने-सुनने पर मालूम चलता है कि इमरान खान ने मोदी सरकार को ‘तानाशाह और ऐंटी-मुस्लिम’ कहा है.


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ग़लत
दावा:
पाकिस्तान PM इमरान खान ने मोदी सरकार की तारीफ़ की

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