हज़रत पीर मखदूम शाह बाबा को सलामी देते पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है. यूज़र्स इसे मुंबई पुलिस का वीडियो बता रहे हैं. दावा है कि मुंबई पुलिस पहली बार मखदूम शाह बाबा को सलामी दे रही है और ऐसा वो शिवसेना के कारण कर रही है. फ़ेसबुक पेज ‘बकलौली’ ने ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

शिवसेना

मुंबई पोलीस द्वारा पहली बार पीर हजरत
मकदूम शाह को सलामी
शिवसेना अब अपने – अंतिम पड़ाव पे ..

Posted by बकलोली on Tuesday, 12 January 2021

फ़ेसबुक पेज ‘हिंदू राष्ट्र’ ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया. (आर्काइव लिंक)

 

मुंबई पोलीस द्वारा पहली बार पीर हजरत
मकदूम शाह को सलामी
शिवसेना अब अपने अंतिम पड़ाव पे है..🤔🤔

Posted by हिंदू राष्ट्र on Tuesday, 12 January 2021

ट्विटर और फ़ेसबुक पर ये वीडियो ऐसे ही दावों के साथ शेयर किया जा रहा है. RSS से जुड़ी सुनैना होले ने ये वीडियो ट्वीट कर मुंबई पुलिस और उद्धव ठाकरे के ऑफ़िशियल ट्विटर हैन्डल को टैग किया है. आर्टिकल लिखे जाने तक इसे 20 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

की-वर्ड्स करने पर मालूम हुआ कि ये वीडियो सही है. मगर ये कोई पहली बार नहीं है जब मुंबई पुलिस ने माहिम दरगाह पर चादर चढ़ाकर सलामी दी हो. पिछले कई सालों से उर्स (मखदूम शाह बाबा की पुण्यतिथि) के मौके पर मुंबई पुलिस चादर चढ़ाती आई है. दिसम्बर 2020 में दरगाह में चादर चढ़ाते पुलिसकर्मियों का एक और वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया गया है.

 

सर्च करने पर हमें साल 2016, 2017, 2018 और 2019 के वीडियोज़ मिलें जिसमें मुंबई पुलिस दरगाह में सलामी देते हुए दिखती है. 2014 से 2019 तक महाराष्ट्र में BJP के देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे. यानी BJP की सरकार के समय भी सलामी दी जाती थी.

 

14 दिसम्बर 2016 को मुंबई पुलिस ने दरगाह में चादर चढ़ाने की कुछ तस्वीरें ट्वीट कर इसे एक परंपरा बताया था.

26 दिसम्बर 2020 की ABP माझा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 120 सालों में पहली बार माहिम दरगाह में उर्स के मौके पर मेला नहीं होगा और उर्स भी बहुत सादगी से मनाया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, दरगाह में पहली चादर मुंबई पुलिस की ओर से चढ़ाई जाती है. पूरा पुलिस प्रशासन इस रस्म को निभाता है. लेकिन इस साल कोरोना महामारी के कारण सिर्फ़ कुछ ही पुलिसकर्मी चादर चढ़ाएगे.

दिसम्बर 2020 की नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, “उर्स के मौके पर पहली चादर माहिम पुलिस की ओर से पेश की जाती है, लेकिन इस बार कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए माहिम पुलिस के कुछ सीमित अधिकारी दरगाह पर चादर पेश कर सलामी देंगे.”

इस तरह, सालों से मुंबई पुलिस द्वारा माहिम दरगाह पर चादर चढ़ाकर सलामी देने का रिवाज़ चला आ रहा है. माहिम में पुलिसकर्मियों के सलामी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर झूठे राजनीतिक दावे से शेयर किया गया.


पिछले हफ़्ते के बड़े फ़ैक्ट-चेक्स: रजत शर्मा के कोवैक्सीन से जुड़े दावे से योगी आदित्यनाथ की ‘टाइम’ में covid पर ‘तारीफ़’ तक

असत्य
दावा:
शिवसेना के कारण मुंबई पुलिस ने माहिम दरगाह को दी सलामी

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