सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक 10 सेकंड का छोटा वीडियो वायरल है. इस वीडियो क्लिप में वह तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी और कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ एक मंच पर खड़ी दिखाई दे रही हैं. वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “जानबूझकर एक गंदा धर्म जो जुमला पार्टी ने बनाया, हम उस धर्म को नहीं मानते हैं.”
इसी वीडियो को आधार बनाकर, खुद को एक हिंदू कार्यकर्ता और वकील बताने वाली, सिलीगुड़ी की रिंकी चटर्जी सिंह ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है. मीडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह घटना साल 2025 की है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेड रोड पर एक मुस्लिम त्योहार के अनुष्ठान के दौरान यह कहा था कि वह गंदे हिंदू धर्म को नहीं मानती.
#WATCH | Siliguri, West Bengal: On complaint against Mamata Banerjee, Advocate Rinki Chatterjee Singh says, “… When she was the Chief Minister, she attended Eid prayers at Red Road, wearing a hijab, and later made remarks about Hinduism as a ‘dirty religion.’ When I went to… pic.twitter.com/i0J68fEWTa
— ANI (@ANI) May 27, 2026
इस शिकायत के बाद भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं और समर्थकों ने इसी तरह के दावों के साथ इस वायरल वीडियो को शेयर किया. कई मीडिया आउटलेट्स ने भी बिना किसी जांच-पड़ताल और संदर्भ के, केवल शिकायतकर्ता के बयानों और सोशल मीडिया के दावों के आधार पर खबर चलाई और उस दावे को आगे बढ़ाया. भाजपा नेता तजिंदरपाल सिंह बग्गा ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि ममता बनर्जी ने फिर हिंदू धर्म पर निशाना साधाते हुए कहा, “मैं इस गंदा धर्म में विश्वास नहीं करती”. ये वीडियो 2025 में भी ऐसे ही दावे के साथ वायरल हुआ था, तब भाजपा पश्चिम बंगाल के आधिकारिक हैंडल, भाजपा आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने भी इसे सनातन का अपमान बताया था.
अक्सर गलत जानकारी फैलाते हुए पाए हजाने वाले अकाउंट जितेंद्र प्रताप सिंह, ओशन जैन, आरव चौधरी आदि ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि ममता बनर्जी ने हिंदू धर्म को गंदा धर्म बताया.
वहीं एबीपी न्यूज़, कैपिटल टीवी, ज़ी न्यूज़, टीवी9 भारतवर्ष, रिपब्लिक, नवभारत टाइम्स, राइट-विंग प्रॉपगेंडा आउटलेट ऑपइंडिया आदि ने भी वायरल वीडियो और दावों के आधार पर खबर चलाते हुए ऐसा ही दावा किया.
फ़ैक्ट-चेक
इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए जब हमने की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किया, तो हमें ममता बनर्जी के भाषण का एक बड़ा हिस्सा 1 अप्रैल 2025 को एबीपी न्यूज द्वारा अपलोड किया हुआ मिला. हमने इस पूरे वीडियो को ध्यान से सुना, तो पाया कि शिकायतकर्ता रिंकी चटर्जी सिंह और भाजपा समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह से भ्रामक हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो क्लिप्ड है यानी बिना सन्दर्भ के छोटा हिस्सा काट कर तैयार किया गया है.
वास्तव में, ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा था, “आर्मी में जो काम करते हैं उनकी एक ही आईडेंटिटी होती है, वो हिंदू हो, चाहे मुस्लिम हो, चाहे सिख हो, चाहे ईसाई हो, देखो रामकृष्ण ने क्या बोला, देखो स्वामी विवेकानंद ने क्या बोला, हम रामकृष्ण का धर्म मानते हैं, स्वामी विवेकानंद का धर्म मानते हैं, लेकिन जानबूझकर एक गंदा धर्म जो जो जुमला पार्टी ने बनाया, वो धर्म को हम नहीं मानते हैं, वो तो हिंदू धर्म के खिलाफ है.” इसमें कहीं भी हिंदू धर्म को गंदा नहीं कहा गया है, पूरा वीडियो देखने पर मालूम पड़ता है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के धर्म के नाम पर सांप्रदायिकतावाद की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा था कि जुमला पार्टी ने जो गंदा धर्म बनाया है, वो हिंदू धर्म के खिलाफ है. और वह उसे नहीं मानती. इस वीडियो में उन्होंने आगे कहा कि क्या चाहते हैं ये लोग? डिवाइड एंड रूल चाहते हैं? इस वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि हमारी जान कबूल है, हर धर्म, उनकी परंपरा और इज्जत के लिए.
हमें ममता बनर्जी की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर उसी जगह का एक और वीडियो मिला. इस वीडियो का बैकग्राउंड और मंच पर खड़े लोग वायरल वीडियो से मेल खाते हैं. ये वीडियो 31 मार्च 2025 को अपलोड किया गया था, जिसके साथ कैप्शन में लिखा था, “आज, मैं ईद-उल-फ़ित्र के पवित्र अवसर का जश्न मनाने के लिए रेड रोड पर अपने भाइयों और बहनों के साथ शामिल हुई.”

कुल मिलाकर, शिकायतकर्ता और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ममता बनर्जी के भाषण के एक छोटे हिस्से को बिना संदर्भ के काटकर पेश करते हुए भ्रामक दावा किया कि उन्होंने हिंदू धर्म को गंदा धर्म बोला है. मीडिया ने भी बिना किसी संदर्भ जाने इस खबर को सनसनीखेज बनाकर लोगों को गुमराह किया.
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