बिहार के सिवान में छात्र आंदोलन ने 25 जुलाई को हिंसक रूप ले लिया. यह उग्र प्रदर्शन उस ‘बिहार बंद’ का हिस्सा था, जिसका आह्वान छात्र संगठन AISA ने किया था. इससे पहले, 22 जुलाई को पटना में पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक बड़ा युवा आंदोलन हुआ था, जिसमें पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था. पटना में पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में ही 25 जुलाई को ‘बिहार बंद’ बुलाया गया था. बंद के दौरान सिवान ज़िले के जे.पी. चौक के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प इतनी उग्र हो गई कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर AK-47 जैसी असॉल्ट राइफल और पिस्टल से गोलियां चलाईं.
इस गोलीकांड में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी पहचान 15 वर्षीय मोहम्मद आरिफ, 21 वर्षीय आकाश यादव और 20 वर्षीय बुलेट कुमार गोंड के रूप में हुई. तीनों को पहले सिवान सदर अस्पताल ले जाया गया और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटना के मेदांता अस्पताल रेफ़र कर दिया गया. घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें खून से लथपथ आकाश और आरिफ़ को एक रिक्शे पर अस्पताल ले जाते हुए देखा गया.
परिवार और घायलों के बयानों के अनुसार, ये तीनों ही हिंसक प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे. आरिफ एक दुकान पर काम करता था और बंद के कारण दुकान बंद कर लौटते समय उसकी गर्दन में गोली लग गई. वहीं, उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले आकाश अपनी मंगेतर के साथ जन्मदिन मनाने आया था और केक खरीदकर बाहर निकलने के दौरान उसे गोली लगी.
तीसरे घायल युवक बुलेट कुमार अपना जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट कार्यालय जा रहा था, तभी उसके पैर में गोली लगी. बुलेट ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए कहा कि गोली लगने के बाद भी पुलिस ने उसे फाइबरग्लास के डंडों से पीटा और एक पैर पर उछल-उछल कर थाने तक चलने को मजबूर किया. बुलेट ने बताया, “एम्बुलेंस बुलाए जाने से पहले करीब एक घंटे मुझे दर्द में तड़पता छोड़ दिया गया था.”
AK-47 से फ़ायरिंग करते पुलिसकर्मी का वीडियो सामने आने के बाद, बिहार पुलिस ने अभिषेक कुमार नामक एक सिपाही को निलंबित कर दिया. 27 जुलाई को जारी अपने आधिकारिक बयान में सिवान पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों से घिर जाने के बाद सिपाही ने जीवन और सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए हवा में चार राउंड फायर किए थे. पुलिस ने यह भी कहा कि इस गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ था. पुलिस ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने आश्वासन दिया कि गोलीबारी की अनुमति किसने दी, इसकी भी जांच की जाएगी.
पुलिस के इन आधिकारिक बयानों और ज़मीनी हकीकत में भारी अंतर है. ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने अलग-अलग एंगल से लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो का एनेलिसिस किया. जियोलोकेशन वेरिफिकेशन से यह पुष्टि हुई कि पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर AK-47 से कम-से-कम 9 राउंड फ़ायरिंग की. साथ ही, पिस्टल से फ़ायरिंग की दो अलग घटनाएं भी कैमरे में कैद हुई हैं, इनके जिओलोकेशन से पुष्टि होती है कि ये वीडियो भी सिवान में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने का है.
ऑल्ट न्यूज़ को सिवान में एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फ़ायरिंग करते हुए तीन अलग-अलग एंगल से रिकॉर्ड वीडियोज़ मिले, इन वीडियोज़ में AK-47 से कम-से-कम 8 राउंड फायर होने की पुष्टि होती है.
तीनों वीडियोज़ में मौजूद दुकानों और इमारतों को मिलान करने से ये साबित होता है कि ये तीनों वीडियोज़ सिवान के डिस्ट्रिक्ट कामन्डैन्ट के कार्यालय के सामने वाली सड़क पर रिकार्ड किये गए थे.

एक अन्य लोकेशन पर पुलिसकर्मी को कम-से-कम एक राउंड AK-47 से फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है. ऑल्ट न्यूज़ को इस लोकेशन के दो अलग-अलग एंगल से रिकार्ड किये गए वीडियोज़ मिले.
दोनों वीडियोज़ में मौजूद दुकानों और इमारतों को मिलान करने से ये साबित होता है कि ये दोनों वीडियोज़ सिवान के डिस्ट्रिक्ट कामन्डैन्ट के कार्यालय से करीब 400 मीटर दूर कागजी मुहल्ला, नया बाज़ार वाली सड़क पर रिकार्ड किये गए थे.

इसी प्रकार एक पुलिसकर्मी द्वारा पिस्टल से गोली चलाने का वीडियो सामने आया.
इस वीडियो में मौजूद इमारत को मिलान करने से ये साबित होता है कि ये वीडियो सिवान के दरबार जामा मस्जिद के सामने वाली सड़क से रिकार्ड किया गया था.

एक अन्य वीडियो में भी एक पुलिसकर्मी को प्रदर्शनकारियों की तरफ पिस्टल से गोली चलाने का वीडियो सामने आया.
इस वीडियो में मौजूद दुकानों और इमारतों को मिलान करने से ये साबित होता है कि ये वीडियो जेपी चौक पर रिकार्ड किया गया था.

पुलिस ने AK-47 से अबतक सिर्फ चार राउंड फायरिंग की बात कही, वहीं वीडियो में कम से कम नौ AK-47 से और दो पिस्टल से फ़ायर होने की पुष्टि होती है. इसके अलावा, वीडियो में एक से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों की तरफ फायर करते देखा जा सकता है. न्यूज़ आउटलेट स्क्रॉल से बातचीत में घायल आकाश ने कहा कि पुलिस उस पर बयान बदलने का दबाव बना सकती है, लेकिन उसे पिस्टल से ही गोली मारी गई थी और वह उस पुलिसकर्मी को पहचान सकता है जिसने गोली चलाई थी, जबकि कार्रवाई केवल एक सिपाही पर हुई है.
सिवान की खबर अकेली घटना नहीं थी जिसमें पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए गोली चलाई गई, इससे दो दिन पहले 23 जुलाई को नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जहानाबाद ज़िले में भी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा गोलियां चलाई गई थी. हमें एक स्थान का दो एंगल से वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद मिला जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी द्वारा प्रदर्शनकारियों की तरफ सब-मशीनगन कार्बाइन से गोलियां चलाई जा रहीं हैं.
हमने इस वीडियो को जिओलोकेट किया. ये वीडियो जहानाबाद स्टेशन के बगल में मौजूद ऑफिसर्स कॉलोनी के बाहर, बाल विकास परियोजना, आंगनवाड़ी के पास रिकार्ड किया गया था.

जहानाबाद से और भी वीडियो सामने आए, जिसमें पुलिस द्वारा रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए कई राउंड गोलियां चलाई गई थी.
मीडिया को दिए बयान में जहानाबाद की डीएम त्शेरिंग वाई भूटिया ने कहा, “जब प्रदर्शनकारियों ने पथराव करना शुरू किया तब फ़ायरिंग हुई थी, लेकिन उसमें कोई घायल नहीं हुआ. फिलहाल अभी सब चीज अंडर कंट्रोल है.” डीएम ने कहा कि पुलिस द्वारा करीब 10-15 राउंड फ़ायरिंग की गई थी. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे कहीं ज्यादा राउंड फ़ायर हुई थी.
सिवान का यह गोलीकांड जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया और इस पर जमकर राजनीति भी गरमाई. बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 25 जुलाई को सबसे पहले यह मुद्दा उठाया और पुलिस पर AK-47 से छात्रों पर फ़ायरिंग का आरोप लगाया, उन्होंने अगले दिन अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात भी की. सपा सांसद अखिलेश यादव ने भी मामले पर ट्वीट करते हुए प्रदर्शन में घायलों पर चिंता जताई और सवाल उठाया कि बिहार के सिवान में निहत्थे आंदोलनकारियों पर AK-47 जैसे घातक हथियार का प्रयोग किसके कहने पर किया गया?
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घायल आकाश से फोन पर बात कर मदद का आश्वासन दिया, जिस दौरान आकाश ने बताया कि उनके कंधे पर गोली लगी है और हाथ काम नहीं कर रहा है. परिवार के बारे में पूछने पर आकाश ने बताया कि बचपन में ही माँ के निधन के बाद से वह अपने पिता के साथ रहता है, उसका कोई भाई-बहन नहीं है. राहुल गांधी ने बिहार में छात्रों पर पुलिस द्वारा AK-47 से गोली चलाने के मुद्दे को उठाते हुए पोस्ट किया कि छात्रों के खिलाफ पूरा तंत्र जानलेवा हो गया है.
जब-जब छात्रों पर अन्याय हुआ है, तब-तब राहुल गांधी जी उनकी आवाज़ बनकर मजबूती से उनके साथ खड़े रहे हैं।
पटना में पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठीचार्ज और फायरिंग की गई, जिसमें छात्र आकाश यादव के गोली लगने से वो गंभीर रूप से घायल हो गए।… pic.twitter.com/zuMwah2Y5f
— VINOD JAKHAR (@VinodJakharIN) July 28, 2026
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देता हुए कहा कि राहुल गांधी ने पुलिस द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल किए जाने का दावा झूठा है, उन्हें ऐसा गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया है. सम्बित पात्रा ने मीडिया में दिए गए बयान में कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लिए कभी भी AK-47 का इस्तेमाल नहीं किया है.
VIDEO | Parliament Monsoon Session: Reacting to Congress leader Rahul Gandhi’s tweet on the student protest, BJP MP Sambit Patra says, “It is a matter of great shame that the Leader of the Opposition has shown irresponsibility by claiming that police used AK-47s against student… pic.twitter.com/9CkjAfwiDU
— Press Trust of India (@PTI_News) July 27, 2026





