सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में हथियार लिए सुरक्षा बल के जवानों पर लोगों की भीड़ पत्थर से हमला करती हुई नज़र आ रही है. यूज़र्स ये वीडियो शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि पश्चिम बंगाल (सिलीगुड़ी और कूच बिहार) में फेंसिंग के काम के दौरान बांग्लादेशी नागरिकों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) जवानों पर पथराव किया जिसके बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव की स्थिति है.

दरअसल, 11 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए BSF को 45 दिन के भीतर ज़मीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया. रिपोर्ट के अनुसार, 22 मई को कूच बिहार के मेखलीगंज ब्लॉक में BSF जवानों और भारतीय श्रमिकों द्वारा तीन बीघा कॉरिडोर के पास भारत-बांग्लादेश सीमा पर बिना फेंसिंग वाले हिस्से में सीमांकन शुरू कर शून्य रेखा से 10 से 20 गज की दूरी पर मापने वाली छड़ें और बांस के खंभे लगाए जा रहे थे, जिसके बाद BGB और BSF के बीच तीखी बहस हुई और इलाके में तनाव की स्थिति में काम रोक दिया गया. सीमा फेंसिंग को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए BSF और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) के बीच 23 मई को तीन बीघा में कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई.

इसी संदर्भ में राइट विंग हैंडल @MeghUpdates ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सिलीगुड़ी (फांसीदेवा) और कूच बिहार में फेंसिंग के दौरान बांग्लादेशी नागरिकों ने बीएसएफ जवानों पर पत्थर फेंके. पश्चिम बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद घुसपैठ और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा को सील करने के दौरान बीएसएफ ने संयम बरती और कोई गोली नहीं चलाई.

एक्स-हैंडल @PublicNewsX, एक्स-यूज़र नंदन प्रतीम शर्मा, सुधीर मिश्रा समेत The CSR Journal न्यूज़ ने अपने सोशल मीडिया एक्स और फेसबुक पर इन्हीं दावों के साथ ये वीडियो शेयर किया. इसके अलावा, The Trending India, The Bharat Post, Tube Indian 10-22 लाख से ज़्यादा फॉलोवर वाले इन इंस्टाग्राम पेज ने भी ऐसे ही दावों के साथ वीडियो शेयर किया.

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नवभारत टाइम्स ने अपने एक रिपोर्ट में Tube Indian इंस्टाग्राम पेज के वीडियो को शेयर कर कूच बिहार में फेंसिंग के दौरान बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बीएसएफ जवानों पर पत्थर फेंके जाने का दावा किया. इतना ही नहीं सुदर्शन न्यूज़, वनइंडिया हिंदी, News X ने भी अपने वीडियो रिपोर्ट में दोनों देशों की सीमा पर तनाव की स्थिति बताते हुए ये वीडियो दिखाया.

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फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने “बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा सीमा सुरक्षा बल (BSF) जवानों पर पथराव” के वायरल दावे के संबंध में छानबीन की तो हमें कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स नहीं मिली जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके.

आगे हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया. परिणाम में हमें यही वीडियो 18 जनवरी 2025 को बांग्लादेश स्थित मीडिया संस्था Khaborer Kagoj की एक रिपोर्ट में मिला. इस रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पर भारत और बांग्लादेश के निवासियों के बीच झड़प के दौरान 3 लोग घायल हो गए थे. इससे स्पष्ट है कि वायरल वीडियो एक सालभर पुराना है इसलिए इसका भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के दौरान तनाव की स्थिति से कोई संबंध नहीं हो सकता.

इस घटना के संबंध में की-वर्ड सर्च करने पर हमें TV9 Bangla, News24, Samakal News की रिपोर्ट्स में और भी वीडियो मिले जिसमें लोगों को आपस में झड़प होते देखा जा सकता है.

जांच के दौरान Business Standard और जनसत्ता की रिपोर्ट मिली जिनके अनुसार, 18 जनवरी 2025 की सुबह लगभग 11:45 बजे सुखदेवपुर सीमा चौकी क्षेत्र पर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास काम कर रहे भारतीय किसानों ने बांग्लादेशी किसानों पर फसल चोरी का आरोप लगाया, जबकि बांग्लादेशी किसानों ने भारतीय किसानों पर सीमा पर लगे आम के पेड़ काटकर ले जाने का आरोप लगाया, जिसके बाद मौखिक बहस देखते ही देखते हिंसक हो गई. दोनों पक्षों के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए, एक-दूसरे को गालियां देने लगे और पत्थर फेंकने लगे, जिसकी जानकारी मिलते ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) के जवानों ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित किया.

कुल मिलाकर, वायरल वीडियो एक साल पहले सुखदेवपुर सीमा चौकी क्षेत्र पर दोनों देशों के किसानों के बीच हुए झड़प की घटना का है, जिसे यूज़र्स और मीडिया कूच बिहार के मेखलीगंज ब्लॉक में सीमा पर फेंसिंग के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) के बीच पैदा हुई तनाव की स्थिति में जोड़कर BSF जवानों पर पत्थर फेंके जाने के ग़लत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं.

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