सोशल मीडिया में दो वीडियोज़ वायरल हैं जिनमें महिलाओं की भीड़ हाथों में लाठी और धारदार हथियार लिए सुरक्षाकर्मियों से बहस कर रही हैं. सोशल मीडिया यूज़र्स इन वीडियोज़ को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार के तहत शुवेंदु अधिकारी ने बकरी ईद पर गाय की कुर्बानी देने पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था. और इस कारण मुस्लिम समुदायों ने ऐलान किया कि वे गायें नहीं खरीदेंगे. उसके बाद से पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हिंदू पशु व्यापारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनकी पुलिस से झड़प हो गई.
रिपोर्ट के अनुसार, 13 मई 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 को लागू करते हुए एक नोटिस जारी किया. कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए एक अहम टिप्पणी की कि ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के त्योहार में गाय की कुर्बानी कोई धार्मिक आवश्यकता नहीं है और न ही ये इस्लाम में अनिवार्य है. इन सबके बीच कोलकाता की नाखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने मुसलमानों से अपील की कि गाय की कुर्बानी न दें, हिंदू भावनाओं का सम्मान करें और बकरियों की कुर्बानी दें. कई अन्य मस्जिद कमेटियों और मौलवियों ने भी यही अपील की.
पहला वीडियो
इसी संदर्भ में ‘@taj_india007‘ नामक एक्स-हैंडल ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भाजपा-आरएसएस के गुंडों द्वारा किए गए अत्याचारों के कारण मुसलमानों ने गोमांस का बहिष्कार किया. बंगाली-मुसलमानों द्वारा गोमांस के बहिष्कार के बाद, हिंदू पशु विक्रेताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और हिंदुत्ववादी सरकार ने हिंदू पशु विक्रेताओं पर लाठीचार्ज किया.
Muslims boycott beef due to atrocities by BJP-RSS goons
After Bengali-Muslims boycott beef, Hindu cattle sellers protest against the BJP Govt, and the Hindutvavadi Govt lathicharges Hindu cattle sellers!
VIDEO SHOWS CENTRAL FORCES PELTING STONES AT HINDU WOMEN
West Bengal pic.twitter.com/EFJtfng8Te
— Taj INDIA (@taj_india007) May 19, 2026
एक्स-हैंडल ‘@Stephinavicky‘, ‘Kashmir News Trust‘, ‘@moini_565‘ समेत कई यूज़र्स ने इसी दावे के साथ ये वीडियो शेयर किया.
फेसबुक और इंस्ट्राग्राम पर भी ये वीडियो ऐसे ही दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
फैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो के कुछ फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया, हमें ये वीडियो 1 अप्रैल 2026 को ‘INDIA 25 NEWS‘ नामक इंस्टाग्राम पेज पर अपलोडेड मिला. कैप्शन में बताया गया है, “1 अप्रैल 2026 को त्रिपुरा के हलाहाली-आसारामबाड़ी ADC (Autonomous District Council) केंद्र के लिए प्रचार करते समय विधायक मनोज देव और उम्मीदवार अनंत देबबर्मा पर पुलिस और टीएसआर बलों के साथ लंबू इलाके में हमला किया गया.” इससे ये स्पष्ट हो जाता है कि ये वीडियो 2 महीने पुराना है.
View this post on Instagram
आगे, इसी घटना के बारे में त्रिपुरा की कुछ मीडिया संगठनों की वीडियो रिपोर्ट्स और न्यूज़ आर्टिकल्स हमें मिलें. रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना कमलपुर के लंबू इलाके में घटी थी, जब स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री मनोज कांति देब के नेतृत्व में भाजपा की रैली पर हमला हुआ. ये रैली आशारामबारी एडीसी निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार की थी और टीटीएडीसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हलाहली इलाके से गुजरी थी. उसी दौरान टिपरा मोथा पार्टी के समर्थकों ने हमला कर दिया और पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा में कम से कम दस सुरक्षाकर्मी घायल हुए.

यानी, वायरल वीडियो दो महीने पुराना है और त्रिपुरा की एक घटना का है न कि हाल में पश्चिम बंगाल में बकरी ईद में गोवंश वध पर प्रतिबंधित नोटिस के बाद के हिन्दू समाज के विरोध प्रदर्शन का.
दूसरा वीडियो
इसी तरह का एक अन्य वीडियो ‘नायब अहमद’ नामक एक्स-यूज़र ने शेयर किया और लिखा कि पश्चिम बंगाल में गाय की कुर्बानी पर रोक लगने के कारण हिन्दू गाय व्यापारी महिलाएं सड़क पर उतरी और सरकार का विरोध किया.
पश्चिम बंगाल में गाय की कुर्बानी बन रोक लगने पर, ये हिन्दू गाय के व्यापारी महिलाएं सड़क पर उरत कर सरकार का विरोध कर रही है।
सवाल ये भी है कि गाय संच में माता ही है या सिर्फ मुसलमानों को टारगेट करने के लिए ढोंग किया जाता है। pic.twitter.com/FpXmyUsfUr
— 𝐍𝐚𝐲𝐚𝐛 𝐀𝐡𝐦𝐚𝐝 (@Haji_Nayab_786) May 21, 2026
एक्स-यूज़र प्रार्थना सिंह, हाजी निज़ामुद्दीन अब्बासी और ‘@sanjaykumthek10‘ एक्स-हैंडल समेत कई यूज़र्स ने ऐसे ही दावे के साथ वीडियो शेयर किया.
फैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो ‘redleaf न्यूज़‘ नामक इंस्टाग्राम पेज पर 12 मई 2026 को अपलोडेड मिला. कैप्शन में बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में 9 मई, 2026 की रात बंसीहारी ब्लॉक के देउरिया गांव में महान संथाल स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू मुर्मू और कान्हू मुर्मू की प्रतिमाओं को कथित तौर पर तोड़े जाने के बाद व्यापक आक्रोश फैल गया. सैकड़ों आदिवासी महिलाएं और स्थानीय निवासी न्याय और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए. इससे स्पष्ट होता है कि वीडियो में दिख रही घटना, 13 मई 2026 को सुवेंदु अधिकारी सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 को लागू करने वाले नोटिस से पहले की है.
View this post on Instagram
आगे, की-वर्ड सर्च करने पर हमें सबरंग इंडिया और द टेलीग्राफ ऑनलाइन के रिपोर्ट्स मिलें. रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण दिनाजपुर के बंसीहारी ज़िले के देउरिया गांव में शनिवार को उस समय तनाव भड़क उठा जब शुक्रवार को अज्ञात व्यक्तियों ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू मुर्मू और कान्हू मुर्मू की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां भाजपा के झंडे लगा दिए. इस तोड़फोड़ की घटना के बाद आदिवासी समुदाय के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और उन पर भाजपा समर्थकों को दोषी ठहराया. सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने जिनमें से कई धनुष, बाण, लाठी और झाड़ू लिए हुए थे, बुनियादपुर-दौलतपुर सड़क को बांस की बाधाओं से अवरुद्ध कर दिया, प्रदर्शन में ज्यादातर महिलाएं नेतृत्व करती नज़र आईं.

जांच के दौरान हमें ऐसी कोई रिपोर्ट्स नहीं मिली जिसमें ये बताया गया हो कि हिंदू मवेशी व्यापारियों का पुलिस या सुरक्षाबल के साथ झड़प या किसी प्रकार के विरोध में झड़प हुई हो. लेकिन कई रिपोर्ट्स में ये बताया गया कि गौ-बलि पर प्रतिबंध से न केवल मुसलमान बल्कि हिंदू भी परेशान हैं, इससे नाराज़ हिंदू व्यापारियों का कहना है कि नई भाजपा सरकार ने उनका 2,500 करोड़ रुपये का कारोबार बर्बाद कर दिया है.
कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर वायरल दोनों वीडियोज़ पुराने हैं जिनका पश्चिम बंगाल में भाजपा की नव निर्वाचित सुवेंदु अधिकारी की सरकार के गौ-बलि पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश से कोई नहीं है.
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.
बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.




