कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जिसमें सैंकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. इस विरोध प्रदर्शन में लोगों ने नीट की परीक्षा रद्द करने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफ़े की मांग की. हालांकि, जहां एक और सैंकड़ों लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर शेयर की जाने लगी और दावा किया गया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की भीड़ की एक तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कमाल है. सानवी शर्मा नामक एक एक्स यूज़र ने कथित फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि कॉकरोच जनता पार्टी का प्रॉपगेंडा नाकामयाब रहा और उनका विरोध प्रदर्शन भी. सानवी ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को टैग करते हुए सवाल किया कि क्या वो बता सकते हैं कि ये AI से बनाई गई तस्वीर है या नहीं?

कॉकरोच जनता पार्टी, एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन की तरह शुरू हुआ था जिसे अभिजीत दीपके ने भारत के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत की कॉकरोच टिप्पणी के बाद शुरू किया. दरअसल, CJI ने ‘भारत के फ़ेक डिग्री वाले युवाओं’ की तुलना कथित रूप से कॉकरोच से की थी.

एक्स यूज़र सुरभि ने भी ये इमेज पोस्ट करते हुए ‘Gen AI crowd’ लिखा. इस तस्वीर में 3 घेरे बनाए गए हैं जिनमें एक जैसे कुछ लोग दिखते हैं.

एक्स हैन्डल ‘@Sandeep_mauryaG‘, ‘@MathurSunn69674‘ समेत कई और अकाउंट्स ने ये तस्वीर इसी दावे के साथ पोस्ट की है कि कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर किया गया प्रदर्शन विफल हुआ, और इसी कारण AI फोटो शेयर किया जा रहा है. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3)

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AI से बनाई गई तस्वीर?

वायरल तस्वीर और दावे के बारे में सच्चाई जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के विज़ुअल्स खंगाले. हमें द हिन्दू की रिपोर्ट और एक्स पोस्ट में कथित तस्वीर मिली. वायरल फोटो और मीडिया रिपोर्ट में शामिल तस्वीरों में कुछ असमानताएं थीं.

जैसा कि वायरल फोटो में दिखाई दे रहा है कि एक ही तस्वीर में 3 जगह पर एक जैसे लोग जिनके कपड़े और हावभाव समान हैं, दिखाई दे रहे हैं. लेकिन द हिन्दू की रिपोर्ट में शामिल फोटो में ऐसा नहीं है. यही से हमें संदेह हुआ कि वायरल तस्वीर में तकनीकी रूप से बदलाव किये गए हैं. ताकि ऐसा लगे कि ये कथित फोटो असली नहीं है बल्कि AI की मदद से बनाया गया है.

वायरल फोटो में फ़र्ज़ी भीड़ दिखाने के लिए तस्वीर एक भाग (वायरल फोटो में लाल रंग के घेरे में दिखनेवाला हिस्सा), कॉपी कर उसी तस्वीर में 2 जगह पर ओवरलैप यानी ऊपर से लगाया गया है. लेकिन आगे शामिल मूल तस्वीर में आपको वहीं 3 जगह पीले रंग के घेरे में दिखाई गई हैं. नोट करें कि मूल फोटो में दूसरी 2 जगह पर अलग अलग लोग हैं.

इसके अलावा, मौके की दूसरी तस्वीरों में भी भीड़ दिखाई पड़ती है जिसमें दूसरे लोगों की तस्वीर ओवरलैप नहीं होती है.

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यानी, कॉकरोच जनता पार्टी के 6 जून के प्रदर्शन को विफल बताने की कोशिश करते हुए ‘नकली भीड़’ के रूप में शेयर की गई तस्वीर असल में बनावटी निकली जिसे तकनीकी रूप से ऑल्टर किया गया था. मूल तस्वीर में साफ दिख रहा है कि बाकी 2 जगहों पर अलग-अलग लोग थे.