भाजपा सांसद आरके सिन्हा ने राहुल गांधी के भाषण का इंडिया टीवी का एक वीडियो इस संदेश के साथ ट्वीट किया, “राहुल ने ढूँढ़ लिया साल में ५२ बच्चे देने वाली महिलाओं को! अब चुनाव हारकर ऐसी ही महिला से शादी कर हर साल ५२ बच्चे पैदा करेंगे श्रीमान जी!”

वीडियो में राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “यूपी में ऐसी महिलाएं हैं जो हर सप्ताह एक बच्चा पैदा कर सकती हैं, ऐसी महिलाएं हैं जो साल में 52 बच्चे दे रही हैं।”

Rk sinha

यह वीडियो फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप समेत सभी प्लेटफार्मों पर वायरल है।

 

 

रेणुका जैन, जिन्हें पीएम मोदी ट्विटर पर फॉलो करते हैं और जिन्होंने पूर्व में भी कई भ्रामक सूचनाएं पोस्ट की हैं, ने भी वीडियो पोस्ट किया है।

वनइंडिया ने रिपोर्ट की है कि खंडवा, मध्य प्रदेश से भाजपा उम्मीदवार नंदकुमार सिंह चौहान ने भी ऐसा दावा किया है।

तथ्य-जांच

उपरोक्त वीडियो में एक फ्रेम में, राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बात करते हैं। इंडिया टीवी के यूट्यूब चैनल पर ‘राहुल गांधी यूपी करप्शन’ कीवर्ड से खोज करते हुए, हम 14 नवंबर, 2011 के उत्तर प्रदेश के फूलपुर में राहुल गांधी के भाषण का 7 साल पुराना वीडियो ढूंढ पाए।

नीचे दिए गए वीडियो में 5:25वें मिनट पर, राहुल गांधी, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना के बारे में बात करते हैं, जहां गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए 1400 रुपये की राशि मिली है। उस संदर्भ में, उनका दावा है कि एक आरटीआई के जवाब के अनुसार, इस योजना में भ्रष्टाचार हुआ है और एक ही नाम की महिलाओं को हर सप्ताह राशि मिल मिल रही थी।

उनके हूबहू शब्द थे, “हमने आरटीआई मांगा, आरटीआई में जो हमें रिपोर्ट मिली, यूपी में ऐसी महिलाएं हैं, जो हर सप्ताह एक बच्चा पैदा कर सकती हैं, ऐसी महिलाएं हैं जो साल में 52 बच्चे दे रही हैं, एक ही नाम है, 1400 रुपये हर सप्ताह उनकी जेब में, और एक ही एक महिला नहीं है, हज़ारों महिलाएं हैं।”

वीडियो का संबंधित हिस्सा नीचे देखा जा सकता है।

उनके भाषण में वह हिस्सा जिसमें वह कहते हैं, “यूपी में ऐसी महिलाएं हैं, जो हर सप्ताह एक बच्चा पैदा कर सकती हैं, ऐसी महिलाएं हैं जो साल में 52 बच्चे दे रही हैं”, को क्लिप करके प्रसारित कर दिया गया, और इस प्रकार, एक गलत धारणा को हवा दी गई।

यह दावा पहले दैनिक भास्कर ने खारिज किया था। हालांकि, वीडियो क्लिपिंग का स्वरूप और बिना संदर्भ सोशल मीडिया में उन्हें प्रसारित किया जाना बहुत ही सामान्य है, फिर भी दो वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी उसके झांसे में आए। राहुल गांधी का ‘आलू-सोना मशीन‘ वीडियो और हाल ही में, नरेंद्र मोदी का ‘मैं पठान का बच्चा हूं’ वीडियो, भ्रामक सूचनाओं की इस श्रेणी के अन्य उदाहरण हैं।

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.