सोशल मीडिया पर नेशनल जियोग्राफ़िक मैगज़ीन का एक कथित पोस्टर वायरल है. इसमें हरे रंग की पगड़ी वाले एक व्यक्ति की तस्वीर है. दावा है कि नेशनल जियोग्राफ़िक ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन को कवर करते हुए ये तस्वीर कवर पिक्चर के तौर पर इस्तेमाल की है. कांग्रेस के पूर्व सांसद अजय कुमार ने ये तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “दुनिया देख रही है कि कैसे हम अपने अन्नदाता को निराश कर रहे हैं! जय हो बीजेपी” (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र कर्नल तेकपाल सिंह ने ये तस्वीर ट्वीट की है. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये तस्वीर वायरल है.

This slideshow requires JavaScript.

फ़ैक्ट-चेक

वायरल तस्वीर में ऊपर दाहिने तरफ़ ‘विंटर 2020’ लिखा हुआ है. ऑल्ट न्यूज़ ने नेशनल जियोग्राफ़िक की वेबसाइट चेक की. नवम्बर, दिसम्बर 2020 महीने के कवर पेज पर कहीं भी सिख व्यक्ति की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं हुआ है. इसके अलावा जून, 2020 जब कृषि बिल पास हुआ था तबसे लेकर अभी तक यानी जनवरी, 2021 के सभी कवर पेजों को नीचे देखा जा सकता है. इनमें से किसी भी कवर पेज पर इस तस्वीर का इस्तेमाल नहीं हुआ है.

This slideshow requires JavaScript.

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल तस्वीर के बारे में छानबीन शुरू की. हमने पाया कि तस्वीर में नीचे की ओर दाएं कोने में “@anoopreet” लिखा हुआ है.

ये इंस्टाग्राम यूज़र अनूप्रीत का हैन्डल नेम है. अनूप्रीत ने ये पोस्टर 3 जनवरी 2021 को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. पोस्ट के आखिर में अनूप्रीत ने इसे ‘इमेजिन्ड कवर’ बताया है. अनूप्रीत ने ये पोस्टर नेशनल जियोग्राफ़िक मैगज़ीन के जून 1985 के कवर पेज की थीम से प्रेरित होकर बनाया है. पोस्ट के मुताबिक, अनूप्रीत ने ये पोस्टर ‘सिख एक्सपो’ नाम की वेबसाइट के लिए बनाया है.

अनूप्रीत ने हरी पगड़ी वाले किसान की तस्वीर का श्रेय PTI फ़ोटोजर्नलिस्ट रवि चौधरी को दिया है. ऑल्ट न्यूज़ ने रवि चौधरी का इंस्टाग्राम पेज चेक किया. हमने देखा कि 27 दिसम्बर 2020 को रवि ने ये तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी.

वायरल तस्वीर में ऊपर की ओर दाएं कोने में ‘Vol 1984 NO.2’ लिखा हुआ है. साल 1984 भारतीय सिख समुदाय के लिए गंभीर वक़्त था. साल 1984 में सिख बॉडीगार्ड द्वारा इंदिरा गांधी की हत्या करने के बाद देश भर में सिख समुदाय के विरोध में दंगे हुए थे. इन्क्वायरी में बिठाई की गई जस्टिस नानवटी कमीशन के मुताबिक, 3 हज़ार से ज़्यादा सिखों की हत्या हुई थी.

कुल मिलाकर, नेशनल जियोग्राफ़िक का कवर पेज बताकर शेयर हो रही तस्वीर असल में एक प्रोजेक्ट के लिए बनायी गई थी.


COVID-19 वेक्सिन के रूप में दिखाई जा रही Pfizer की दवा की तस्वीर फ़र्ज़ी है :

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged: