सोशल मीडिया पर 56 सेकंड का एक वीडियो वायरल है. वीडियो में ये व्यक्ति कोरोना वैक्सीन में चिप होने की बात कह रहे हैं. उनका कहना है कि इससे इंसान को कंट्रोल किया जाएगा. यूज़र्स इस व्यक्ति को भारत का बताकर शेयर कर रहे हैं. उत्तर-प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 1 लाख 31 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कहता है, “ये जो वैक्सीन बनानी है ना, इसकी दवा, इंजेक्शन बनाना है. उसमें वो ऐसी चीज़ डालना चाह रहे हैं कि आपका मिजाज़ काबू कर लेंगे वो, आपके मिजाज़ पर काबू पा लेंगे. वो जो चाहेंगे वही आप सोचेंगे, जो आप चाहेंगे नहीं सोच सकेंगे. उसमे वो एक चिप डालना चाह रहे हैं बहुत छोटी सी. वो लगाना लाज़मी कर देंगे…”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए वीडियो में दिख रहे शख्स को समाजवादी पार्टी का सदस्य तक बता दिया. हालांकि उन्होंने समाजवादी पार्टी के MLC पर निशाना साधते हुए ऐसी बात कही. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर और फ़ेसबुक पर ये वीडियो वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर पाकिस्तान के अख़बार ‘सियासत’ की 2 जून 2020 की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में वायरल वीडियो का यूट्यूब वर्ज़न शेयर किया गया है. आर्टिकल में इस व्यक्ति की पहचान पाकिस्तानी धर्मगुरु कौकब नूरानी के रूप में की गई है. वो पाकिस्तान के इस्लामिक स्कॉलर, रीसर्चर और लेखक हैं. कराची की एक मस्जिद में लोगों को संबोधित करते हुए कौकब नूरानी ने ये बाते कही थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने डॉक्टरों पर मरीज़ों को मारने का आरोप भी लगाया था.

29 मई 2020 को इस वीडियो का लंबा वर्ज़न यूट्यूब चैनल ‘इस्लामिक लेक्चर्स ऑफ़िशियल’ ने अपलोड किया है.

इस वीडियो का ज़िक्र 13 दिसम्बर 2020 की आज तक की वीडियो रिपोर्ट में भी किया गया.

तो इस तरह, ये वीडियो भारत का नहीं है और न ही वीडियो में दिखने वाला शख्स भारत का है. ये वीडियो पाकिस्तान के इस्लामिक स्कॉलर कौकब नूरानी का है.


COVID-19 वैक्सीन के रूप में दिखाई जा रही Pfizer की दवा की तस्वीर फ़र्ज़ी है :

असत्य
दावा:
भारत के मौलवी ने कोरोना वेक्सिन में चिप होने का दावा किया

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