सोशल मीडिया पर एक ब्लैक एंड वाइट तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि RSS स्वयंसेवकों ने ब्रिटेन की महारानी को सलामी दी थी. तस्वीर में RSS की पोशाक पहने कुछ लोग एक लाइन में खड़े दिख रहे हैं और ब्रिटेन की महारानी को उनके सामने से गुज़रते हुए देखा जा सकता है.

फ़ेसबुक यूज़र ‘आप का ब्रिजेश यादव’ ने ये तस्वीर शेयर की जिसपर लिखा था, “अंग्रेजो के वंशज रानी विक्टोरिया को सलाम करते हुए” तस्वीर के ऊपर टेक्स्ट लिखा है “ब्रिटेन माता की जय। यह फोटो बड़ी मुश्किल से हाथ लगा है, हर फोन तक पहुंचना चाहिए। सब को पता चले देश का गद्दार कौन है। #जब पुरा देश अंग्रेजों से लड़ रहा था, तब कुछ गद्दार इंगलैंड कि रानी को सलामी दे रहे थे. सुना है इनके वंशज खुद को देशभक्त कहते हैं.”

सच्चाई की आवाज़‘ नाम के एक फ़ेसबुक पेज ने भी ये तस्वीर शेयर की और लिखा. “गद्दार गद्दारी ही करेंगे”. इसे करीब 500 लाइक्स मिले.

फ़ैक्ट-चेक

इस तस्वीर में टेक्स्ट वाला हिस्सा हटा के इसका रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें डेक्कन क्रॉनिकल के फ़रवरी 2015 के आर्टिकल में एक तस्वीर मिली. इसमें RSS के कार्यकर्ता दिख रहे हैं लेकिन उनके सामने कोई नहीं है. यानी स्पष्ट रूप से, शेयर की जा रही ये तस्वीर एडिट की हुई है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के 2017 के आर्टिकल में भी इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है.

अब ब्रिटेन के महारानी वाली तस्वीर ढूंढने पर हमें CNN के 2016 के आर्टिकल में ये तस्वीर मिली. इस तस्वीर के बारे में दी गयी जानकारी के अनुसार, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने फ़रवरी 1956 में अपने कॉमनवेल्थ दौरे के दौरान, नाइजीरिया के कडुना हवाई अड्डे पर हाल ही में नया नाम पाने वाली Queen’s Own Nigeria Regiment, Royal West African Frontier Force का निरीक्षण किया था.

वायरल तस्वीर इन्हीं दोनों तस्वीरों को जोड़कर बनायीं गयी है. इसे नीचे देखा जा सकता है.

इस तस्वीर की सच्चाई 2016 में SMHoax Slayer ने भी बताई थी जब कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने इसे शेयर करते हुए RSS पर निशाना साधा था.


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ग़लत
दावा:
RSS के स्वयंसेवकों ने इंग्लैंड की रानी को सलामी दी

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