दैनिक भास्कर के जुड़े पत्रकार सचिन गुप्ता ने 31 अक्टूबर को एक ट्वीट में जानकारी दी कि UP के अलीगढ़ में कपड़े की फेरी लगाने वाले आमिर को कुछ लोगों ने पीटा. ‘जय श्री राम’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ न बोलने पर कपड़े फाड़े. इस ट्वीट में उन्होंने दैनिक भास्कर की ख़बर का लिंक भी शेयर किया जिसमें इस पूरी घटना की जानकारी दी गयी थी. लेकिन इस ट्वीट पर 1 नवम्बर को अलीगढ़ पुलिस ने ट्वीट करते हुए बताया कि ये ख़बर भ्रामक है. कपड़े की कीमत को लेकर विवाद हुआ था.

अलीगढ़ पुलिस ने ऐसे कई लोगों के ट्वीट के जवाब में यही बात दोहराई कि कपड़े की कीमत को लेकर विवाद हुआ था.

पुलिस के दावे की सच्चाई

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, “गांव सिलला के रहने वाले आमिर फेरी लगाकर कपड़ा बेचता है। रविवार को वह गांव नगला खैम में कपड़ा बेचने गया था। आरोप है कि गांव के राजू और उसके पिता ने पूछा, तू मुस्लिम है..। आमिर के हां करने पर, उन्होंने जय श्रीराम बोलने के लिए कहा। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने का दबाव बनाया।”

रिपोर्ट में पीड़ित के हवाले से बताया गया है कि दोनों बाप-बेटे ने उसे घेर लिया. और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. 10 हजार रुपए, मोबाइल और फेरी के कपड़े छीन लिए. ठेले को आग के हवाले करने का प्रयास करने लगे. पुलिस को सूचना दी गयी जिसके बाद उसकी जान बच सकी.

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि हरदुआगंज पुलिस आरोपी बाप-बेटे को पकड़ने पहुंची. आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता की. धक्का-मुक्की करके थाने जाने से मना कर दिया जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने थाने से और फ़ोर्स बुलाकर उन्हें गिरफ़्तार किया.

हमने देखा कि पत्रकार पियूष राय ने 1 नवम्बर को इस मामले से सम्बंधित एक वीडियो पोस्ट किया है. ये वीडियो आरोपियों को गिरफ़्तार किये जाने का है. इस वीडियो में एक आरोपी को ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है.

हमने पियूष से संपर्क किया. उन्होंने हमसे इस घटना से सम्बंधित कई वीडियोज़ और FIR कॉपी शेयर की. एक वीडियो में आमिर ने कुछ चैनल्स को अपना बयान दिया है. वो कहता है कि एक घर से दूसरे घर में कपड़े देने के दौरान 2 बाप-बेटे आये और उससे ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को कहा. फिर पूछा कि वो मुसलमान है. उसने हां में जवाब दिया. फिर उसे पीटने लगे. कुछ पैसे और कपड़े भी छीन लिया.

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों की पैरवी करने के लिए थाने में आये रिश्तेदार ने बताया है कि दोनों बाप-बेटे मानसिक रूप से कमजोर हैं. और आए दिन ऐसी हरकतें करते हैं.

एक और वीडियो में दिखता है कि जब पुलिस आरोपियों को गिरफ़्तार करने आयी थी तो वे उनके साथ भी धक्का-मुक्की कर रहे थे.

ऑल्ट न्यूज़ ने आमिर उसके पिता और उसके चाचा से बात की. सभी ने कहा कि कीमत की बात भी नहीं हुई थी. आमिर ने हमें पूरा घटनाक्रम बताया. उसने कहा, “उन लोगों ने मेरा नाम पूछा और कहने लगे तुम मुल्ला हो. फिर पीटने लगे. मुझे कुछ समझ भी नहीं आया. कुछ फ़ोटो लेके आये और कहने लगे पूजा करो. मुझे उन्होंने पकड़ भी रखा था और पीट भी रहे थे. बड़ी मुश्किल से मैं वहां से भागता हुआ आया.”

आमिर के पिता ने हमें कुछ वीडियोज़ भेजे. इसमें दिख रहा है कि पिटाई के बाद आमिर बेहोश पड़ा है और उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिख रहे हैं.

हमने इस मामले में 2 बार पुलिस से बात की. उनका कहना है कि कीमत को लेकर विवाद हुआ था. जब ऑल्ट न्यूज़ ने उनसे कहा कि पीड़ित पक्ष तो कह रहा कि कीमत की कोई बात ही नहीं हुई थी तो पुलिस ने कहा कि अब इसका तो हम कुछ नहीं कर सकते उसे जो कहना है कहे. पुलिस ने ये भी कहा कि FIR में उन लोगों ने ऐसी कोई बात क्यूं नहीं लिखी. हमने इस बाबत भी आमिर के पिता से बात की. उन्होंने कहा कि वो दिल्ली से शाम को आये जब उन्हें आमिर की स्थिति के बारे में पता चला. उन्हें नहीं पता था कि क्या हुआ है इसीलिए इस बात का ज़िक्र उन्होंने शिकायत लिखते वक़्त नहीं किया.

हमने पुलिस से फिर पूछा कि शिकायत में पीड़ित पक्ष ने मारपीट के कारण का ज़िक्र नहीं किया है तो ये भी तो नहीं लिखा है कि कीमत को लेकर विवाद हुआ था. पुलिस का कहना था कि ये बात जांच में सामने आयी है.

यहां ध्यान देने वाली बात है कि आमिर को पीटे जाने का अगर कोई सांप्रदायिक मकसद नहीं था तो आरोपी बाप-बेटे गिरफ़्तारी के वक़्त ‘भारत माता की जय’ के नारे क्यों लगा रहे थे? इसके अलावा आमिर के घरवालों ने बताया कि पुलिस ने कहा था कि आमिर के ठीक होने पर वो उसका बयान दर्ज करेंगे. 18 नवम्बर को आमिर के पिता से हुई बातचीत में उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ को बताया कि पुलिस 3 दिन पहले आके उसका बयान दर्ज कर ले गयी है. आमिर के साथ जो भी हुआ था उसने बताया.

हमने फिर से पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की. पुलिस हमारे फ़ोन कॉल का जवाब नहीं दे रही है. बात होने पर आर्टिकल को अपडेट किया जाएगा.

कुल मिलाकर, मीडिया रिपोर्ट और वीडियोज़ के आधार पर कहा जा सकता है कि पुलिस का ये दावा कि सिर्फ कपड़े की कीमत को लेकर हुए विवाद में आमिर को पीटा गया था, सही नहीं मालूम पड़ता है.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

Tagged:
About the Author

Priyanka Jha specialises in monitoring and researching mis/disinformation at Alt News. She also manages the Alt News Hindi portal.