सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. वीडियो में कुछ लोग एक पुलिसकर्मी की पिटाई करते दिख रहे हैं. इसे शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि मुख्तारगंज से सपा विधायक सलीम हैदर और राम कृपाल यादव ने पुलिस की पिटाई की. ट्विटर यूज़र ‘@DrGunwanta’ ने ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इसे 1,700 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक से लेकर ट्विटर पर ये वीडियो वायरल है. कुछ फ़ेसबुक ग्रुप्स में भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया गया, जैसे – ‘Rss # कार्यकर्ता‘, ‘I Support Narendra Modi, Yogi Ji & RSS‘, ‘योगी आदित्यनाथ जी के फैन (ग्रुप)‘.

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यूट्यूब पर भी ये वीडियो इसी दावे के साथ अपलोड किया गया.

फ़ैक्ट-चेक

की-वर्ड्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को 3 दिसम्बर का दैनिक भास्कर का आर्टिकल मिला. रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 2 दिसंबर की रात में लखनऊ में हुई थी. रिपोर्ट में दी गयी जानकारी में बताया गया है कि दरोगा विनोद कुमार सड़क से गुज़र रहे थे. तभी एक होटल के बाहर खड़ी गाड़ी से उनकी गाड़ी टकरा गई. ये देखकर कुछ लोग होटल से बाहर आए. और उन्होंने विनोद कुमार को मारना शुरू कर दिया. रिपोर्ट में बताया गया है कि आशीष शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने विनोद कुमार को थप्पड़ मारा. इस मामले में हसनगंज थाना ने 4 लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है.

लखनऊ पुलिस ने भी इस मामले में ट्वीट करते हुए 4 लोगों की गिरफ़्तारी की खबर दी. वीडियो में पुलिस अफ़सर प्राची सिंह 4 आरोपियों के नाम बताती है जो इस प्रकार हैं – “प्रवेन्द्र माथुर, प्रियांक माथुर, आशीष कुमार शुक्ला और प्रांजुल माथुर.”

ऑल्ट न्यूज़ ने इस घटना के बारे में हसनगंज पुलिस स्टेशन के SHO अशोक सोनकर से भी बात की. उन्होंने आरोपियों के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने के दावे का खंडन किया. उन्होंने कहा, “इन आरोपियों का समाजवादी पार्टी या अन्य किसी पॉलिटिकल पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है.”

इसके अलावा, समाजवादी पार्टी से सलीम हैदर नाम का कोई विधायक नहीं है. यहां तक कि UP में मुख्तारगंज नाम की कोई विधानसभा सीट नहीं है.

यानी, लखनऊ में बीच सड़क पर एक पुलिसकर्मी की पिटाई कर रहे लोगों का वीडियो शेयर कर झूठा दावा किया गया कि समाजवादी पार्टी के विधायक सलीम हैदर ने पुलिस की पिटाई की. गौर करने वाली बात है कि आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कई गलत दावे चलाए जा रहे हैं. इन पर लिखे ऑल्ट न्यूज़ के फ़ैक्ट-चेक आर्टिकल्स आप यहां पढ़ सकते हैं.

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