सोशल मीडिया पर यूपी तक (इंडिया टुडे के ‘आज तक’ क्लस्टर से लखनऊ स्थित एक मीडिया आउटलेट) के कथित रिपोर्ट की एक तस्वीर वायरल है. इसमें दावा किया गया है कि एक दलित युवती 6 मुसलमानों का गला काट कर फरार है. साथ ही ये भी लिखा है कि इन मुसलमानों ने उसे बलात्कार और धर्म परिवर्तन की धमकी दी थी. घटना कथित तौर पर वाराणसी के बाबतपुर के हेमंतपुर गांव की बताई जा रही है. रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि युवती के परिजनों ने कई बार पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने न तो महिला को कोई सुरक्षा दी और न ही मुस्लिमों के खिलाफ़ कार्रवाई की.

ट्विटर हैंडल @maheshyagyasain ने इस कथित रिपोर्ट की तस्वीर करते हुए युवती का समर्थन किया. (आर्काइव)

यूज़र @anamikasinghIN ने भी इस रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए इस घटना को नारी शक्ति का उदाहरण बताया. (आर्काइव)

कई अन्य लोगों ने ये तस्वीर शेयर की है जिनमें वेरीफ़ाईड यूज़र्स भी शामिल हैं. (आर्काइव्स- 12345)

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इस तस्वीर को फ़ेसबुक पर भी कई बार शेयर किया गया है.

वायरल तस्वीर को यूट्यूब पर भी शेयर किया जा रहा है. इसके उदाहरण यहां, यहां और यहां देखे जा सकते हैं.

फ़ैक्ट-चेक

हमें वाराणसी के DCP गोमती ज़ोन कमिश्नरेट के ऑफ़िशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया एक नोटिस मिला. इसमें वायरल दावों को ग़लत बताया गया था. नोटिस में घोषणा की गई कि कुछ ट्विटर हैंडल ये ‘फर्ज़ी ख़बर’ पोस्ट कर रहे हैं कि 6 मुस्लिम युवकों ने एक दलित हिंदू लड़की को बलात्कार और धर्म परिवर्तन की धमकी दी जिसके बाद लड़की ने इनका सिर कलम कर दिया और अब वो फरार है. उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि बाबतपुर काली मंदिर से 6 सिर बरामद होने की ख़बर भी पूरी तरह से ग़लत है. वाराणसी गोमती अंचल के फूलपुर थाना अंतर्गत बाबतपुर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई. नोटिस में ये भी बताया गया है कि इस तरह की पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हमने इस रिपोर्ट की तस्वीर में कुछ गलतियां भी नोटिस कीं. शुरुआत में ही इस ‘रिपोर्ट’ में कई गलतियां हैं जिनमें वर्तनी की ग़लती से लेकर वाक्य संरचना की ग़लती भी शमिल हैं. हमने ये भी देखा कि टेक्स्ट के अंत में ‘क्लोज कोट’ किया गया था, जबकि ‘ओपेन कोट’ थे ही नहीं. इन ग़लतियों को नीचे दिखाया गया है:

इसके अलावा, कथित रिपोर्ट में एक मंदिर के सामने खड़े पुलिसकर्मियों की तस्वीर है. हमारे लिए ये मान लेना स्वाभाविक होगा कि ये तस्वीर बाबतपुर में काली मंदिर के सामने ली गई थी, क्योंकि ये दावा किया गया है कि दलित लड़की ने मारे गए मुसलमानों के सिर इसी मंदिर में चढ़ाए थे. लेकिन, हमने देखा कि तस्वीर में दिख रहा मंदिर दरअसल इलाहाबाद का सलोरी मंदिर है, जो बाबतपुर से लगभग 135 किलोमीटर दूर है. नीचे इनमें समानता देखी जा सकती है.

इसके अलावा, मंदिर की तस्वीर के नीचे दिख रहे पुलिसकर्मियों की तस्वीर असल में इंडियन एक्सप्रेस द्वारा पहले कई बार इस्तेमाल की गई फ़ाइल तस्वीर है. (12) नीचे दोनों तस्वीरों की तुलना दी गई है.

वायरल तस्वीर में ध्यान देने वाली एक और बात नीचे बाएं कोने में दिखने वाला एक ग्राफ़िक है. इसमें मध्य प्रदेश के बजट 2022-23 के प्रमुख बिंदुओं को दिखाया गया है. असल में ये ग्राफ़िक एक साल से ज़्यादा पुराना है. इसे वेबदुनिया नाम के एक हिंदी मीडिया आउटलेट ने बनाया था जिसका वॉटरमार्क वायरल तस्वीर में भी दिख रहा है. इस ग्राफ़िक का इस्तेमाल वेबदुनिया ने मार्च 2022 की रिपोर्ट में किया था जिसका टाइटल है, ‘ ‘MP बजट में कोई नया कर नहीं, 13 हजार टीचरों की होगी भर्ती, कर्मचारियों का डीए 31 फीसदी बढ़ा‘.

इसके अलावा, 13 जून (कथित घटना की तारीख) के बाद से यूपी तक की वेबसाइट पर इस तरह की हेडलाइन वाली ऐसी कोई रिपोर्ट मौजूद नहीं है. हमें इस घटना से संबंधित कोई अन्य न्यूज़ रिपोर्ट भी नहीं मिली.

यूपी तक ने इस तस्वीर का खंडन करते हुए लिखा, ‘सोशल मीडिया पर यूपी Tak के नाम (Logo) के साथ फैलाई जा रही ये काल्पनिक ख़बर पूर्णतया असत्य एवं भ्रामक है। कृपया ऐसी भ्रामक ख़बरों पर ध्यान न दें. वारणसी कमिश्नरेट ने भी इस ख़बर का खंडन किया है. पुलिस ऐसे पोस्ट को शेयर करने वालों पर वैधानिक कार्यवाही करेगी.’ उन्होंने एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट में भी इस तस्वीर का खंडन किया है.

कुल मिलाकर, यूपी तक की रिपोर्ट की ये वायरल तस्वीर फ़र्ज़ी है. साथ ही बाबतपुर में एक दलित लड़की द्वारा बलात्कार और धर्म परिवर्तन की धमकी देने वाले 6 मुसलमानों का सिर कलम कर मंदिर में चढ़ाने की बात भी झूठ है. पुलिस के मुताबिक, ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है. यूपी तक ने भी स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट पब्लिश नहीं की है.

ग़लत
दावा:
वाराणसी में हिंदू लड़की ने रेप की धमकी के बाद 6 मुस्लिमों के सिर काट मंदिर में चढ़ाया

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