26 अगस्त को अमेरिकी सेना ने रिपोर्ट किया था कि काबुल एयरपोर्ट के पास आत्मघाती बम विस्फोट और फ़ायरिंग के चलते 60 अफ़गानी और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी. ये हमला तालिबान द्वारा काबुल पर कब्ज़ा करने के बाद हुआ था. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ISIL ने ये हमला किया था.

इस दौरान, व्हाट्सऐप पर 4 मिनट का एक वीडियो काफ़ी शेयर किया जा रहा है. वीडियो में कुछ बंदूकधारी गाड़ियों का पीछा करते और गोली चलाते हुए दिख रहे हैं. इसे गाड़ी में बैठे किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया था. दावे के मुताबिक, ये काबुल एयरपोर्ट के हमले के दृश्य हैं. वायरल हो रहे वीडियो पर ‘Kaotic.com’ लिखा है. इसे व्हाट्सऐप पर कई बार फ़ॉरवर्ड किया गया है.

[नोट : वीडियो के दृश्य संवेदनशील है. इस बात को ध्यान में रखते हुए ही ये वीडियो देखें.]

ये वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया है.

ऑल्ट न्यूज़ की मोबाइल ऐप  (iOS और एंड्रॉइड) पर इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए कुछ रीक्वेस्ट भी आयी हैं.

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फ़ैक्ट-चेक

केओटिक एक अमेरिकी वेबसाइट है जहां लोग अपना वीडियो कॉन्टेंट अपलोड करते हैं और उसे सेंसर नहीं किया जाता. ऑल्ट न्यूज़ ने ये नोटिस किया कि इस वायरल हो रहे वीडियो में 7 अलग-अलग हिस्से हैं.

00:00 to 00:40 – पहली सफ़ेद SUV गाड़ी
00:40 to 01:19 – पीली गाड़ी
01:19 to 01:43 – काली गाड़ी
01:43 to 02:12 – लोगों पर एक व्यक्ति कई बार गोली चलाता है
02:12 to 02:44 – दूसरी सफ़ेद SUV गाड़ी
02:44 to 03:27 – सफ़ेद सीडान गाड़ी
03:27 to 04:00 – एक व्यक्ति पर तारों के नज़दीक गोलियां चलायी गईं

तुर्की की न्यूज़ वेबसाइट Haberler के 2014 के ब्रॉडकास्ट में ये सातों क्लिप्स शेयर की गयी थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, ये ISIS की हिंसा के दृश्य थे.

इस घटना के बारे में और भी कई मीडिया संगठनों ने रिपोर्ट किया था. CNN के ब्रॉडकास्ट में पहली, दूसरी और सातवीं क्लिप शेयर की गई थी. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ISIS ने इराक़ की इस घटना का 1 घंटे का फ़ुटेज भी शेयर किया था. CNN ऐंकर ने ये भी कहा कि ऐसा मालूम दे रहा था जैसे ISIS ने इसे शूट करने के लिए ‘ज़ीरो डार्क थर्टी’ और ‘हर्ट लॉकर’ जैसी हॉलिवुड फ़िल्मों को ध्यान में रखा हो.

इसके अलावा, हमें वीडियो का आखिरी हिस्सा फ़ोटो स्टॉक प्लेटफ़ॉर्म अलामी पर शेयर किया हुआ मिला. वेबसाइट के मुताबिक, इराक़ के ऐनबर प्रांत में आम आदमी के भेष में घूम रहे ईरान के सैनिक को ISIS आतंकियों ने मार दिया था. अलामी पर मौजूद तस्वीर ISIL द्वारा जारी किये गए एक वीडियो का स्क्रीनशॉट है.

कुल मिलाकर, 7 अलग-अलग क्लिप्स को जोड़कर बनाया गया ये वायरल हो रहा वीडियो हाल में काबुल एयरपोर्ट के पास हुए हमलों से जुड़ा नहीं है.


पंजशीर घाटी में तालिबान के लड़ाकों के मारे जाने का वीडियो बताकर भारतीय मीडिया ने दिखाये पुराने दृश्य :

ग़लत
दावा:
काबुल एयरपोर्ट के बाहर तालिबान के हमले का फुटेज देखें

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