रूस की सरकारी न्यूज़ नेटवर्क RT (पूर्व में रशिया टुडे) की एक रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है जिसमें एक रिपोर्टर किसी सुरंग में उतरता दिखाई दे रहा है और अंदर से रिपोर्टिंग कर रहा है.

इस रिपोर्ट को हाल में इज़राइल और फ़िलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष से जोड़कर शेयर करते हुए टीवी9 नेटवर्क के एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर, आदित्य राज कौल ने कहा कि जैसे ही इज़राइल ने गाज़ा टेरर टनल नेटवर्क को निशाना बनाना शुरू किया, हमास के आतंकी समूहों ने रशिया टुडे के पत्रकार को टनल नेटवर्क पर जाने की अनुमति दे दी. यह गाज़ा के ज़मीन के नीचे से रशिया टुडे की ग्राउंड रिपोर्ट है जिसमें दिख रहा टनल गाज़ा मेट्रो है. (आर्काइव लिंक)

डॉ एली डेविड नाम के यूज़र ने भी ये रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा कि ये कुछ सुरंगें हैं जिनका उपयोग हमास गाज़ा में अस्पतालों के नीचे करता है. ज्ञात हो कि इज़राइल डिफेंस फोर्स ने हाल ही में गाज़ा के सबसे बड़े अस्पताल, शिफ़ा हॉस्पिटल के बारे में दावा किया था कि हमास के आतंकी गतिविधियों का मुख्यालय शिफ़ा हॉस्पिटल के नीचे सुरंग में है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मुखपत्रिका ऑर्गेनाइज़र ने भी इसी दावे के साथ वीडियो शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

इज़राइल माय चैनल नाम के अकाउंट ने भी वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

इसी प्रकार ये वीडियो इज़राइल माय चैनल समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने शेयर किया है.

फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल रिपोर्ट के एक फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें ये रिपोर्ट RT अरब के ट्विटर हैंडल द्वारा 14 जून 2021 को अपलोड किया हुआ मिला. इस ट्वीट में लिखा है कि RT की टीम गाज़ा की ज़मीन के नीचे सराया अल-कुद्स सुरंगों में प्रवेश करती है और उनकी गहराई और पिछले युद्ध के बाद बहाली कार्यों की निगरानी करती है.

यानी, ये वीडियो 2 साल से ज़्यादा पुराना है.

कुल मिलाकर, टीवी9 नेटवर्क के एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर, आदित्य राज कौल समेत कई अन्य यूज़र्स ने RT के 2 साल पुराने वीडियो रिपोर्ट को हाल में इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष से जोड़कर शेयर किया.

ग़लत
दावा:
RT का ये रिपोर्ट वर्तमान में इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष से जुड़ा है.

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें