सोशल मीडिया पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का 2012 का एक कथित ट्वीट वायरल है. कथित ट्वीट में उन्होंने उन ‘भ्रष्ट नेताओं’ से इस्तीफे की मांग की है जो कई समन के बाद भी ED और CBI के सामने पेश नहीं होते हैं. ये ट्वीट एन्फ़ोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले के संबंध में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच में केजरीवाल को नया समन जारी करने के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है. उन्होंने 2 नवंबर और 21 दिसंबर को पहले के दो समन पर संघीय एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था.

केंद्रीय मंत्री और अरुणाचल (पश्चिम) से बीजेपी सांसद किरेन रिजिजू ने स्क्रीनशॉट ट्वीट किया और व्यंग्य करते हुए लिखा, “मैं अरविंद केजरीवाल जी से 100% सहमत हूं.” (आर्काइव लिंक)

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया को दिए गए एक बयान में कथित ट्वीट का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, ”…24 नवंबर 2012 को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि राजनेताओं को ED या CBI से समन मिलते ही इस्तीफा दे देना चाहिए. हालांकि, समन से बचने के लिए, वो ‘विपासना’ के लिए चले गए हैं.” (आर्काइव)

बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह ने भी स्क्रीनशॉट ट्वीट किया और वायरल ट्वीट को ‘केजरीवाल के संज्ञान’ में लाने की बात की. (आर्काइव)

राईट विंग इन्फ्लुएंसर ऋषि बागरी ने भी स्क्रीनशॉट ट्वीट किया. (आर्काइव लिंक) मेजर सुरेंद्र पूनिया और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया सहित अन्य यूज़र्स ने इस दावे को आगे बढ़ाया.

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फ़ैक्ट-चेक

हमने नोटिस किया कि केजरीवाल के कथित ट्वीट में 257 अक्षर थे. हालांकि, 2012 में एक ट्वीट के लिए अधिकतम अक्षर सीमा 140 थी. इससे पता चलता है कि केजरीवाल का ये ‘ट्वीट’ असली नहीं है.

आम आदमी पार्टी दिल्ली के सोशल मीडिया टीम प्रमुख अमनप्रीत सिंह उप्पल ने भाटिया के ट्वीट का जवाब देते हुए ग्राफ़िक फ़ैक्ट-चेक शेयर किया और उनसे “फर्ज़ी ट्वीट” शेयर करने से बचने का आग्रह किया.

हमने कथित ट्वीट वाले दिन, 24 नवंबर को केजरीवाल के ट्वीट देखने के लिए ट्विटर की एडवांस्ड सर्च सुविधा का इस्तेमाल किया. उनमें से कोई भी वायरल स्क्रीनशॉट में देखे गए ट्वीट की तरह नहीं है.

कुल मिलाकर, ये साफ है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में तीसरी बार ED के समन मामले के बाद एक फर्ज़ी ट्वीट के ज़रिए निशाना बनाया जा रहा है. बीजेपी सांसद किरेन रिजिजू समेत कई प्रभावशाली ट्विटर हैंडल ने इस फर्ज़ी ट्वीट को आगे बढ़ाने का काम किया.

ग़लत
दावा:
2012 में अरविन्द केजरीवाल ने उन नेताओं की आलोचना की जिसने ED और CBI के सामने पेश होने से इनकार कर दिया.

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