जून महीने की शुरुआत से ही सोशल मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को जम्मू-कश्मीर का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। गुजरात से भाजपा विधायक भानुबेन बाबरिया ने 4 जून को इस दावे को साझा किया था और किरण बेदी को इसके लिए बधाई भी दी थी। उन्होंने लिखा कि,“श्रीमती किरण बेदी जी को जम्मू कश्मीर के नए राज्यपाल बनने की बधाई”।

‘मोदी मिशन 2024’ नाम के एक फेसबुक पेज ने भी 1 जून को यही दावा साझा किया था, जिसमें लिखा था कि,“खुशखबरी. किरण बेदी होंगी जम्मू-कश्मीर की गवर्नर. यानी 370 और 35 (A) हटाने की दिशा में एक कदम”– इस पोस्ट को करीब 4000 बार लाइक और 6700 बार शेयर किया गया है।

कुछ अन्य पेज और ग्रुप जैसे कि – I Am Proud Indian, भारतीय जनता पार्टी महा संघ, Yogi Adityanath Fan Club, Main Bhi Chowkidar, Jai Ram Thakur (जयराम ठाकुर ) CM of Himachal with modi ji, Namo ने भी यही दावा साझा किया है।
इस दावे को ट्विटर पर भी बड़े पैमाने में साझा किया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के विधायक चंद्रपाल कुशवाहा ने किरण बेदी को बधाई देने वाले एक पोस्टर को सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर साझा किया है।

फ़र्ज़ी खबर
किरण बेदी को जम्मू-कश्मीर के नए राज्यपाल के तौर पर नियुक्त नहीं किया गया है। मई 2016 से, पूर्व आईपीएस अधिकारी पुदुच्चेरी की राज्यपाल के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी ट्विटर प्रोफाइल पर भी यही लिखा है। पुदुच्चेरी की राज्यपाल किरण बेदी के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट में भी यही लिखा गया है।

जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक हैं। उन्हें पिछले साल अगस्त में नियुक्त किया गया था।

राज्यपाल के कार्यकाल की अवधि पांच वर्ष की होती है और किसी भी मीडिया संगठन में ऐसी कोई खबर नहीं छपी है कि किरण बेदी या फिर सत्य पाल मलिक को उनके कार्यकाल के खत्म होने से पहले ही उन्हें उनके वर्तमान पद से हटाया गया हो। यह उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें तब शुरू हुई जब, 1 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने नागालैंड के राज्यपाल से मुलाकात की। ये अफवाहें कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के तौर पर किरण बेदी को नियुक्त किया गया 2017 में भी साझा की गई थी। उस समय भी पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इस दावे को नकार दिया था।





