न्यूज़ चैनल NDTV को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे शेयर होते रहते हैं. एक मेसेज साल 2017 से सोशल मीडिया और मेसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर वायरल है. मेसेज में दावा किया गया है कि NDTV के मालिक प्रणॉय रॉय पाकिस्तानी हैं. मेसेज में प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय से जुड़े कई दावे किये गए हैं. फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये मेसेज वायरल है. फ़ेसबुक ग्रुप ‘RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ में भी ये मेसेज पोस्ट किया गया है.

ये मेसेज जून 2017 में काफ़ी शेयर किया गया था. अब फ़ेसबुक के मेमरीज़ फीचर से यूज़र्स फिर से ये मेसेज शेयर कर रहे हैं.

ऑल्ट न्यूज़ की ऑफ़िशियल मोबाइल ऐप (Android, iOS) और व्हाट्सऐप नंबर (+91 7600 11160) पर भी इस मेसेज के फ़ैक्ट-चेक के लिए कुछ रीक्वेस्ट आयी हैं.

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सोशल मीडिया पर इस मेसेज के साथ यूज़र्स प्रणॉय रॉय की एक तस्वीर भी शेयर कर रहे हैं जिसमें लिखा है, “क्या NDTV का मालिक पाकिस्तानी है?”

फ़ैक्ट-चेक

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मेसेज फ़र्ज़ी है. इस वायरल मेसेज की जांच जून 2017 के बाद कई मीडिया संगठनों ने की थी जिसमें द लल्लन टॉप, आई चौक, फ़ैक्ट क्रेसिंडो, इंटेरनेशनल बिज़नेस टाइम्स शामिल हैं. इस आर्टिकल में हम वायरल मेसेज में किये गए सभी दावों की हकीकत आपके सामने रखेंगे.

1. दावा – CBI ने NDTV के मालिक प्रणॉय रॉय के यहां छापा मारा उनके जन्म प्रमाण पत्र में उनका नाम परवेज़ राजा और जन्मस्थान कराची लिखा था

ये बात सच है कि प्रणॉय रॉय के घर पर 2017 में छापा पड़ा था. 5 जून 2017 को CBI ने प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय के दिल्ली और देहरादून स्थित आवास पर छापेमारी की थी. ये छापेमारी बैंक को कथित तौर पर 48 करोड़ रूपए का नुकसान पहुंचाने के मामले में की गई थी. NDTV ने इस छापे के बारे में एक स्टेटमेंट जारी किया था कि CBI का ये कदम प्रेस की स्वतंत्रता के ऊपर एक राजनीतिक हमला है. इसके बाद, CBI ने भी एक बयान जारी किया था. बयान के मुताबिक, जिन आरोपों की जांच की जा रही है वो लोन चुकाने में हुई देरी से जुड़े नहीं थे बल्कि प्रमोटर्स (प्रणॉय रॉय, राधिका रॉय, M/s RRPR Holdings Pvt Ltd) द्वारा ग़लत तरीक़े से कमाए गए 48 करोड़ रुपये और इनकी आपराधिक मिलीभगत और षड्यंत्र से ICICI बैंक को हुए नुकसान के बारे में हैं. इस मामले से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में प्रणॉय रॉय के जन्म प्रमाणपत्र मिलने या उनका नाम परवेज़ राजा होने की कोई बात नहीं बताई गई है.

इसके अलावा, प्रणॉय रॉय का जन्म कलकत्ता, पश्चिम बंगाल में हुआ था न कि कराची में.

2. दावा – NDTV का पूरा नाम ‘नवाजु दीन तौफीक वेंचर’ है जो प्रणॉय रॉय के पिता का असली नाम है

ये दावा बिल्कुल बेबुनियाद है. NDTV का पूरा नाम न्यू दिल्ली टेलिविज़न है जिसे साल 1988 में शुरू किया गया था. इसके अलावा, प्रणॉय रॉय के पिता का नाम हरीकेन रॉय है.

3. दावा – रॉय की पत्नी राधिका का असली नाम राहिला है जिनके दादा बाबर की सेना में रसोइये थे

यहां 2 दावे किये गए हैं. NDTV की को-फ़ाउंडर राधिका रॉय का जन्म 7 मई 1949 को कलकत्ता में हुआ था. राधिका का शादी से पहले नाम राधिका दास था. राधिका की बहन वृंदा करात CPI(M) की नेता हैं. उनके पिता का नाम सूरज लाल दास था.

राधिका के दादा का बाबर की सेना में रसोइये होने का दावा तथ्यहीन है. मुग़ल बादशाह बाबर का जन्म 1483 में और उनकी मौत 1530 में हुई थी. इसके तकरीबन 400 साल बाद पैदा हुई राधिका, बाबर के रसोइये की पौती कैसे हो सकती है?

4. बेडरूम से एक डार्ट गेम बरामद हुआ जिसमें नरेंद्र मोदी की फ़ोटो लगी थी

प्रणॉय और राधिका रॉय के घर पर हुई छापेमारी में डार्ट गेम मिलने की बात नहीं बताई गई है. इसके अलावा, ये रेड वित्तीय मामलों को लेकर की गई थी. ज़्यादातर ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी से जुड़ी चीज़े सार्वजनिक नहीं की जाती हैं.

आख़िर में इस मेसेज को और 10 व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजने के लिए कहा गया है. साथ ही वायरल मेसेज में लोगों की धार्मिक भावनाओं पर निशाना साधते हुए लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति ये ‘मेसेज फ़ॉरवर्ड नहीं करता है तो उसकी रगों में भी बाबर का खून है’. मानो ये कोई वायरल मेसेज फ़ॉरवर्ड करना न होकर डीएनए टेस्ट हो गया.

कुल मिलाकर इस मेसेज की एक-एक बात तर्क से कोसों दूर खड़ी दिखती है. इस तरह के मनगढ़ंत मेसेज सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किये जाते हैं लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं.

इस वायरल मेसेज की जांच जून 2017 में द लल्लन टॉप ने की थी. इसके अलावा, मेसेज के साथ वायरल हो तस्वीर जिसमें लिखा है -“क्या NDTV का मालिक पाकिस्तानी है?”, दरअसल द लल्लन टॉप की वीडियो फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट की थम्बनेल है.

कहां से शुरू हुआ था ये ‘मेसेज’?

असल में इस मेसेज की उत्पत्ति ट्विटर हैंडल @RoflGandhi_ से हुई. उन्होंने 6 जून 2017 को ‘सटायर’ के रूप में एक मेसेज लिखा जिसे व्हाट्सऐप पर शेयर किया. इसकी तस्वीर को उन्होंने ट्वीट भी किया. अच्छी-खासी फ़ॉलोविंग रखने वाले इस हैंडल की ये तस्वीर शेयर की जाने लगी और ये ‘सटायर’ से हटकर ‘सच’ माना जाने लगा. इस पूरी बात की तस्दीक ख़ुद @RoflGandhi_ ने की कि ये मेसेज उनका ही लिखा हुआ है. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर 6 जून 2017 से पहले की तारीख में कहीं भी ये मेसेज देखने को नहीं मिलता.

4 साल बाद, 2021 में, जब लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स ने लोगों को अमुक तारीख पर उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों के बारे में बताना शुरू किया तो लोगों को ये पोस्ट दोबारा दिखा. और यही कारण है कि 6 जून 2021 के बाद ये ग़लत दावा एक बार फिर शेयर किया जाने लगा.

@RoflGandhi_ का 6 जून 2017 का ट्वीट नीचे है. आप देख सकते हैं कि कैसे इस थ्रेड में @RoflGandhi_ ये भी बताते हैं कि सुबह उनके द्वारा शेयर किया गया मेसेज शाम को उन्हीं तक फ़ॉरवर्ड होकर आ गया था.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर NDTV के को-फाउंडर प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को लेकर कुछ मनगढ़ंत दावे शेयर किये गए जो पूरी तरह से बकवास हैं.


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