सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें वायरल है. पहली तस्वीर में कुछ लोग पुलिस की हिरासत में दिख रहे हैं. वहीं दूसरी तस्वीर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की है. ये तस्वीरें ट्वीट करते हुए आशीष नाम के ट्विटर यूज़र ने दावा किया कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 25 गैर मुस्लिम छात्रों को बम बनाते हुए पकड़ा गया. आगे बताया गया है कि कोई भी छात्र मुस्लिम समुदाय से नहीं था इसीलिए मीडिया ये ख़बर नहीं दिखा रही. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर इन तस्वीरों को शेयर करने वाले एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

पहले भी इस तस्वीर को बच्चों के अपहरण की अफ़वाहों के साथ शेयर किया गया था. उस वक्त ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल दावे को खारिज़ करते हुए तस्वीर की असलियत सामने रखी थी. असल में पुलिस की हिरासत में दिख रहे लोगों पर सेक्स रैकेट गिरोह का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया था. इन लोगों को मध्य प्रदेश के लेबाद-नयागांव फ़ोर लेन रोड से गिरफ़्तार किया गया था. पत्रिका ने 15 जुलाई 2019 को इस घटना की रिपोर्ट देते हुए ये तस्वीर पब्लिश की थी.

ऑल्ट न्यूज़ ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के सबसे नज़दीकी पुलिस स्टेशन करनाल गंज पुलिस स्टेशन से भी संपर्क किया. ताकि ये पता लगाया जा सके कि हॉस्टल में “बम बनाने” के लिए किसी छात्र को गिरफ़्तार किया गया था या नहीं. SHO सुजीत सिंह ने हमें बताया कि वायरल दावा बिल्कुल झूठा है.

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की पुरानी तस्वीर इस झूठे दावे के साथ शेयर की गई कि 25 गैर-मुस्लिम छात्रों को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से बम बनाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया.

ग़लत
दावा:
25 गैर-मुस्लिम छात्रों को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बम बनाने के आरोप में ग़िरफ्तार किया गया

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