ANI ने 8 नवम्बर को मुंबई पुलिस के हवाले से बताया कि ऐक्टर पूनम पांडे के पति सैम बॉम्बे को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. सैम बॉम्बे पर पूनम पांडे ने मारपीट करने का आरोप लगाया है. और पूनम पांडे हॉस्पिटल भर्ती हैं. इसके बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं. इनमें कुछ तस्वीरें पूनम पांडे और उनके पति की हैं और एक तस्वीर में घायल महिला दिखती है. कहा जा रहा है कि ये घायल महिला पूनम पांडे है.

ट्विटर पर कई लोगों ने ये तस्वीर शेयर की और यही दावा किया. एक यूज़र्स ने लिखा, “ये पूनम पांडे है जो अक्सर हिंदुत्व, हिंदुओं को हिंदू देवी देवता पर अभद्र टिप्पणी करती रहती है। सेकुलरिज्म की चुल्ल मिटाने इसने शमशाद अली उर्फ सैम बॉम्बे से निकाह किया। चुल्ल मिटने पर शमशेद ने इसे इतना कुटा कि जबड़ा टूट गया आंख पर चोट आई गर्दन में मोच आई अभी अस्पताल में भर्ती है।”

ट्विटर यूज़र्स @VashistIshwar02, @DextrousNinja, @humlogindia, @MemesGormint, @mungeri89_lal, @iYogitasingh, @daniak_shay_45 ने पूनम पांडे को ‘लव-जिहाद’ का शिकार बताकर ये तस्वीरें शेयर कीं. ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर पर इस तस्वीर की असलियत पता करने की रिक्वेस्ट मिली.

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फ़ैक्ट-चेक

घायल महिला की तस्वीर का यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर 2018 का एक वीडियो मिला. यानी ये तस्वीर हाल की नहीं है. यूट्यूब चैनल ने इसे अपलोड करते हुए लिखा है, “पूनम पांडे अर्शा पांडे हॉस्पिटल वायरल वीडियो”.

इस आधार पर जब हमने की-वर्ड्स सर्च किया तो हमें दैनिक जागरण की 15 सितम्बर 2018 की एक रिपोर्ट मिली. इसमें वायरल तस्वीर को अर्शी पांडे का बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, “पूनम हत्याकांड की एकमात्र चश्मदीद अर्शी पांडे 18 दिन बाद गुरुवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई. दोपहर में परिजन उसे लेकर घर चले गए.”

ख़बर के मुताबिक, “27 अगस्त 2018 की रात हल्द्वानी के मंडी चौकी क्षेत्र के गोरापड़ाव में ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडे के घर में उनकी पत्नी पूनम और बेटी पर अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया था, जिसमें पूनम की मौत हो गई थी, जबकि बेटी कई दिनों तक अस्पताल में मौत से जूझती रही.”

यानी इस तस्वीर का पूनम पांडे के अस्पताल में भर्ती होने से कोई संबंध नहीं है. ये उतराखंड में 2018 में हुई एक घटना की है.

ग़लत
दावा:
पूनम पांडे के अस्पताल में भर्ती होने के बाद तस्वीर.

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