अमित शाह ने 2 अगस्त को ट्वीट कर ये जानकारी दी कि उन्हें कोरोना हो गया है और वो अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इसके बाद 26 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें इस्लामिक धर्म से जुड़ा टोपी पहने लोग एक अर्थी जैसा लेकर आज़ादी के नारे लगाते हुए चल रहे हैं. वीडियो में एक व्यक्ति कहता है, “मर गया भैया, अमित शाह, मोदी दोनों मर गया भैया.” वीडियो शेयर करते हुए दावा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोग अमित शाह के कोरोना संक्रमित होने पर शवयात्रा निकाल कर खुशियाँ मना रहे हैं.

ट्विटर पर खुद को बीजेपी दिल्ली यूथ के प्रवक्ता बताने वाले विनय चौधरी ने भी ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “अमित शाह कोरोना पॉज़िटिव हुए और शांतिदूत शवयात्रा निकाल रहे हैं.”

फ़ेसबुक पर पॉलिटिक्स सोलिटिक्स नाम के पेज ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है, “इनकी मानसिकता देखिए अमित शाह जी के कोरोना संक्रमित होने पर उनकी शवयात्रा निकाल के खुशी मना रहे है.” जिसे इस आर्टिकल के लिखे जाने तक 1 लाख से अधिक व्यूज़ मिल चुके हैं. इस पेज को कई मौकों पर फ़र्ज़ी ख़बरों से लोगों को गुमराह करते हुए देखा गया है. ऑल्ट न्यूज़ के ऑफ़िशियल ऐप पर इस वीडियो की सच्चाई का पता लगाने के रिक्वेस्ट मिले हैं.

priyanka (7)

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो के एक फ़्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने से पता चला कि यूट्यूब पर इसे 16 जुलाई, 2020 को एक यूज़र ने अपलोड किया है. इससे ये स्पष्ट हो गया कि ये वीडियो अमित शाह के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने से पहले का है. वीडियो का टाइटल है, “मोदी मर गया – अमित शाह मर गया.. टिक टॉक अमेजिंग न्यू वीडियो”

youtube video

हमें फ़ेसबुक पर 21 दिसम्बर, 2019 को यंग इंडिया पेज से अपलोड किया गया ये वीडियो मिला. इसे शेयर करते हुए लिखा गया है, “अमित शाह मर गया.”

Amit Shah Mar gaya 😂

Posted by Young India on Saturday, 21 December 2019

इस वीडियो के शुरुआती कुछ दृश्यों में सड़क किनारे लिखे बेरिकेड पर ‘कोलकाता ट्रैफ़िक पुलिस’ लिखा हुआ देखा जा सकता है. यानि ये वीडियो दिसंबर, 2019 का है और कोलकाता का है. वीडियो में कुछ लोगों के हाथ में प्लेकार्ड्स हैं और एक भारतीय झंडा भी दिख रहा है, साथ ही लोगों को आज़ादी के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है. पिछले साल दिसंबर में देश भर में नागरिकता कानून का विरोध हो रहा था और अमित शाह और पीएम मोदी के ख़िलाफ़ जमकर नारे लगाए जा रहे थे. ये वीडियो इन्हीं विरोध प्रदर्शनों में से एक का हो सकता है.

असत्य
दावा:
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमित शाह के कोरोना संक्रमित होने पर शवयात्रा निकाली

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