कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक घायल व्यक्ति की तस्वीर ट्वीट कर दावा किया कि किसान प्रदर्शन के दौरान इस किसान की पीठ पर लाठियां चलाई गयीं. इस ट्वीट को आर्टिकल लिखे जाने से पहले तक डिलीट कर दिया गया. ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

एक और ट्विटर यूज़र चौधरी रोहित सिंह यादव ने ये तस्वीर ‘#BoycottBJP’ के साथ ट्वीट की. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 450 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया है. (आर्काइव लिंक)

और भी कई यूज़र्स ने ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्विटर और फ़ेसबुक पर शेयर की है.

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फ़ैक्ट-चेक

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से हमें 17 जून 2019 को फ़ेसबुक पर पोस्ट की गई ये तस्वीर मिली. पोस्ट के मुताबिक, “दिल्ली पुलिस की मार से निशान पड़ गए सरदार जी के शरीर पर बिल्कुल गलत काम किता”

आगे, की-वर्ड्स के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर 25 जून 2019 का NDTV का आर्टिकल मिला. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जुलाई को दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में कुछ पुलिसकर्मियों और एक सिख टेम्पो ड्राइवर के बीच झगड़ा हो गया था. इस घटना के दौरान सिख व्यक्ति और पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे की पिटाई भी की थी. सोशल मीडिया पर वायरल इस घटना के कुछ वीडियोज़ में सिख व्यक्ति को कृपाण लेकर पुलिसकर्मियों के पीछे भागते हुए देखा जा सकता है. जबकि एक और वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी सिख व्यक्ति पर लाठियां बरसाते हुए दिखते हैं. इस मामले में जांच करते हुए पुलिस ने 2 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया था. ABP मांझा ने इस घटना के बारे में ख़बर पब्लिश करते हुए ये तस्वीरें शेयर की थीं.

आज तक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “दिल्ली में ऑटो ड्राइवर सरबजीत ने पुलिसकर्मियों पर कृपाण से हमला किया था, जिसके बाद पुलिसवालों ने सरबजीत और उसके बेटे की पिटाई की थी. घटना का विडियो वायरल होने के बाद सिख समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. इस सिलसिले में दो एफआईआर दर्ज हुई थी और यह क्रॉस केस है. एक में शिकायतकर्ता सरबजीत हैं, तो वहीं दूसरे में शिकायतकर्ता आरोपी हैं.” न्यूज़ तक की वीडियो रिपोर्ट आप नीचे देख सकते हैं.

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरबजीत पर पहले भी मारपीट के केस बने थे. सरबजीत को पहले भी वॉर्निंग देकर छोड़ा गया था.

कुल मिलाकर, जून 2019 में दिल्ली पुलिस और सिख व्यक्ति के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने सिख व्यक्ति की बर्बरता से पिटाई की थी. इस घटना की तस्वीर हाल में किसानों पर पुलिस की बर्बरता दिखाने के लिए शेयर की जा रही है.


ट्रैक्टर रैली के बाद रेड फोर्ट मे घुसे प्रदर्शनकारियों ने भारतीय ध्वज हटाकर खालिस्तानी झंडे नहीं लगाये :

ग़लत
दावा:
पुलिस ने सिख किसान की पीठ पर बर्बरता से लाठियां चलाई

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