लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर में राहत शिविरों का दौरा किया. अपनी यात्रा के दौरान, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य का दौरा करने का आग्रह किया और कहा, “मणिपुर को ज़रूरत है कि पीएम यहां आए और यहां जो हो रहा है उसे समझे और जनता की आवाज सुनें.”

उनकी यात्रा के बाद, कई राईटविंग इन्फ्लुएंसर ने सोशल मीडिया पर ANI की एक क्लिप शेयर करना शुरू कर दिया. इसके साथ ये आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी को मणिपुर के लोगों ने वापस जाने को कहा. राईटविंग के इन्फ्लुएंसर @MrSinha_ ने वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया कि स्थानीय लोगों ने ‘राहुल गांधी वापस जाओ’ के नारे लगाए थे. इसके तुरंत बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया. लेकिन गूगल कैश से एक आर्काइव मौजूद है. ये यूज़र लगातार सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थक प्रॉपगेंडा और ग़लत सूचनाएं शेयर करता है.

एक अन्य राईटविंग इन्फ्लुएंसर अरुण पुदुर ने इसी दावे के साथ ये वीडियो ट्वीट किया. उन्होंने दावा किया कि पूर्वोत्तर हिंदू जनजातियों के विनाश के लिए नेहरू-गांधी परिवार ज़िम्मेदार थे. उन्होंने ये भी पूछा कि क्या मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी राज्य का दौरा किया था? इस सवाल का जवाब पिछले दिनों ऑल्ट न्यूज़ ने एक आर्टिकल में दिया था. (ट्वीट का आर्काइव)

पाठकों को ध्यान देना चाहिए कि अरुण पुदुर को पहले भी कई बार सांप्रदायिक ग़लत सूचनाओं को बढ़ावा देते हुए पाया गया है.

वेरिफ़ाईड अकाउंट बाला (@erbmjh), एक और ऐसा हैंडल है जो लगातार राईटविंग प्रॉपगेंडा और ग़लत सूचनाएं शेयर करता है. इसने भी ऐसे ही दावे के साथ वीडियो ट्वीट किया और बाद में अपना ट्वीट हटा दिया. नीचे हटाए गए ट्वीट की स्क्रीन-रिकॉर्डिंग है.

अन्य यूज़र्स ने भी वायरल क्लिप को इसी दावे के साथ शेयर किया. (आर्काइव्स- 12345)

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि वायरल क्लिप 21 जनवरी, 2024 को ANI ने पोस्ट की थी. इससे पता चलता है कि ये कोई हालिया घटना नहीं है, जैसा कि दावा किया गया है. इसके अलावा, ये घटना असम के नागांव ज़िले के अंबागन इलाके की है न कि मणिपुर की. 

की-वर्डस सर्च करने पर हमें डेक्कन हेराल्ड की 21 जनवरी को पब्लिश्ड PTI की एक कॉपी मिली. ये घटना उस दिन की है जब राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मध्य असम के नागांव ज़िले पहुंची थी. रिपोर्ट के मुताबिक, जब राहुल गांधी और कुछ अन्य नेता रूपोही जाने के रास्ते में अंबागान में सड़क किनारे एक रेस्टरॉन्ट में गए तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया.

जागरण इंग्लिश, NDTV और ABP लाइव सहित कई अन्य मीडिया आउटलेट्स ने इस घटना पर रिपोर्ट पब्लिश की हैं. तीनों रिपोर्ट में वायरल क्लिप के फ़्रेम शामिल हैं.

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इसी दिन हमलों की अन्य घटनाएं भी सामने आईं. रैली से लौट रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वाहनों पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिसके बाद छात्र इकाई के तीन सदस्यों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. राज्य कांग्रेस प्रमुख भूपेन कुमार बोरा पर भी कथित तौर पर हमला किया गया और सोनितपुर ज़िले में दो अलग-अलग घटनाओं में जयराम रमेश की कार पर हमला किया गया, जिसके माध्यम से रैली नगांव पहुंची थी.

इन कथित हमलों के जवाब में कांग्रेस ने 22 जनवरी को देश भर में प्रदर्शन की घोषणा की. कांग्रेस महासचिव, K C वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि असम में यात्रा के प्रवेश के बाद से, “(हमारे) काफिलों, संपत्तियों और नेताओं पर लगातार हमले” किए गए. अगले दिन, देश भर के कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था.

इस तरह, 21 जनवरी 2024 का एक वीडियो राहुल गांधी की हालिया मणिपुर यात्रा के बाद वायरल है. इसमें ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के असम पहुंचने के बाद राहुल गांधी को नगांव ज़िले में भीड़ द्वारा घेरते हुए दिखाया गया है. राईटविंग इन्फ्लुएंसर्स ने झूठा दावा किया कि राहुल गांधी को मणिपुर के लोगों ने वापस जाने को कहा था.

वर्गीकरण करना कठिन
दावा:
मणिपुर में राहुल गांधी को वापस जाओ नारे का सामना करना पड़ा

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