8 फरवरी को उत्तराखंड के हलद्वानी में नगर निगम ने एक मदरसे और नमाज़ के लिए बन रही इमारत पर बुलडोज़र चला दिया. इस घटना के बाद वहां हिंसा भड़क गई जिसमें अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और कई पुलिसवाले भी घायल हुए हैं.
इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें सिर पे टोपी लगाए मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ दिख रही है. साथ ही एक पुलिस की गाड़ी भी लगी दिख रही है. कुछ लोग इस वीडियो को हाल में उत्तराखंड के हलद्वानी में हुई हिंसा से जोड़कर शेयर कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे उत्तराखंड विधानसभा में पास हुए UCC बिल के विरोध में उतरे मुस्लिम समुदाय का बता रहे हैं.
इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमन दास ने वायरल वीडियो हल्द्वानी की घटना से जोड़कर शेयर किया. (आर्काइव लिंक)
अक्सर ग़लत जानकारी फैलाने वाले अमिताभ चौधरी नाम के यूज़र ने ये वीडियो हाल में उत्तराखंड विधानसभा में पास हुए UCC बिल से जोड़कर शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

एक यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि ये मुस्लिम समाज के लोग हैं जो UCC के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं. (आर्काइव लिंक)

कई अन्य यूज़र्स ने भी वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया.
फ़ैक्ट-चेक
हमने वायरल वीडियो के फ्रेमस् को गूगल पर रिवर्स-इमेज सर्च किया. ये वीडियो हमें 8 मई 2022 को नीरज राय नाम के व्यक्ति द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किया हुआ मिला. यानी, ये वीडियो पुराना है. इस ट्वीट में यूज़र ने बताया था कि ये वीडियो हरिद्वार के ज्वालापुर ईदगाह में नमाज़ अदा करने के बाद का है.
ज्वालापुर ईदगाह हरिद्वार में नमाज अदा करने के बाद का नजारा. हरि की नगरी अल्हा की बन गयी, सोचने वाली बात है उत्तराखंड मे मुसलमान कहाँ से आया यंहा के पूर्वज तो हिन्दू ब्रामण हिन्दू राजपूत या हिन्दू हरिजन थे.. pic.twitter.com/Gj0OMb3CqE
— नीरज राय (@neerajroy8) May 8, 2022
हमने ट्वीट में मौजूद जानकारी के आधार पर हरिद्वार के ज्वालापुर ईदगाह को गूगल मैप पर सर्च किया. हमें मैप के स्ट्रीट व्यू सर्च में वायरल वीडियो वाली जगह मिल गई. नीचे दिए ग्राफिक में हमने वायरल वीडियो के दो फ्रेमस् को गूगल स्ट्रीट व्यू से मैच किया है. मतलब ये साफ है कि वीडियो हल्द्वानी का नहीं, बल्कि वहाँ से 200 किलोमीटर से ज़्यादा दूर ज्वालापुर का है.

2022 के मई महीने में कई यूज़र्स ने इस वीडियो को फ़ेसबुक पर पोस्ट किया था. ज्ञात हो कि 2022 में 3 मई को ईद-उल-फ़ितर मनाया गया था. हमें फ़ेसबुक पेज Bharatvarsh24x7 News पर 3 मई 2022 की एक रिपोर्ट मिली जिसमें बताया गया था कि ज्वालापुर ईदगाह में ईद के मौके पर हज़ारों लोगों ने ईद उल फितर की नमाज़ अदा की.
ज्वालापुर ईदगाह में हजारों लोगों ने ईद के मौके पर अदा की ईद उल फितर की नमाज।
मौलाना मोहम्मद आरिफ मौलाना मोहम्मद अब्दुल वाहिद से प्रधान टाइम्स की सीधी बात।Posted by Bharatvarsh24x7 News on Tuesday, 3 May 2022
हरिद्वार पुलिस ने भी वायरल वीडियो को लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि ये वीडियो 2022 का है. इसे कभी UCC और कभी हल्द्वानी की घटना से जोड़कर झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसे कभी UCC से संबंधित बताया जा रहा है तो कभी हल्द्वानी की घटना से…
Posted by Haridwar Police on Friday, 9 February 2024
कुल मिलाकर, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने 2022 में ईद-उल-फितर के अवसर पर नमाज़ अदा करने के लिए ज्वालापुर में इकट्ठा हुई भीड़ के पुराने वीडियो को हाल ही में उत्तराखंड के हलद्वानी में हुई हिंसा और विधानसभा में पारित यूसीसी बिल के विरोध में उतरे मुस्लिम समुदाय का बताकर शेयर कर रहे हैं.





